instruction stringlengths 51 6.92k | input stringlengths 1 707 | output stringlengths 3 549 |
|---|---|---|
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: उस समय मिस्र से अश्शूर जाने का एक राजमार्ग होगा, और अश्शूरी मिस्र में आएँगे और मिस्री लोग अश्शूर को जाएँगे, और मिस्री अश्शूरियों के संग मिलकर आराधना करेंगे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 16, 24, 30, 32, 34, 36] source: जब योआश राजा हुआ उस समय वह सात वर्ष का था। target: [38, 40, 42, 4... | उस समय इस्राएल, मिस्र और अश्शूर तीनों मिलकर पृथ्वी के लिये आशीष का कारण होंगे। | [4, 6, 172, 388, 22, 390, 392, 394, 396, 398, 330, 400, 402, 256, 404] |
source: वह अपना सोंटा मुझ पर से दूर करे और उसकी भय देनेवाली बात मुझे न घबराए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18] source: उसने यहोवा के उस भवन में वेदियाँ बनाईं जिसके विषय यहोवा ने कहा था, “यरूशलेम में मैं अपना नाम रखूँगा।” target: [20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 28, 36, 38, 40, 24, 42, 44] source: अशेरा की जो मूर्त... | वह भय के मारे अपने सुन्दर भवन से जाता रहेगा, और उसके हाकिम घबराहट के कारण ध्वजा त्याग कर भाग जाएँगे,” यहोवा जिसकी अग्नि सिय्योन में और जिसका भट्ठा यरूशलेम में हैं, उसी की यह वाणी है। | [296, 24, 298, 300, 302, 24, 304, 306, 28, 308, 34, 310, 312, 24, 314, 14, 316, 312, 24, 318] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: अन्यजातियों की मूरतें सोना-चाँदी ही हैं, वे मनुष्यों की बनाई हुई हैं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: “हे लोगों, मैं तुम को पुकारती हूँ, और मेरी बातें सब मनुष्यों के लिये हैं। target: [24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 22, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 22] source: “निष्पाप तो कोई मनुष्य नहीं है यद... | उन लोगों की मूरतें* सोने चाँदी ही की तो हैं, वे मनुष्यों के हाथ की बनाई हुई हैं। | [374, 6, 8, 10, 376, 228, 138, 16, 378, 20, 22] |
source: ‘प्रभु ने, मेरे प्रभु से कहा, मेरे दाहिने बैठ, जब तक कि मैं तेरे बैरियों को तेरे पाँवों के नीचे की चौकी न कर दूँ।’ target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 16, 20, 22, 6, 24, 26, 28] source: जब तक कि मैं तेरे बैरियों को तेरे पाँवों तले की चौकी न कर दूँ।’ (भज. 110:1) target: [30, 32, 34, 16, 20, 36, 38, 6, 40, 42, ... | दाऊद ने आप ही पवित्र आत्मा में होकर कहा है: ‘प्रभु ने मेरे प्रभु से कहा, “मेरे दाहिने बैठ, जब तक कि मैं तेरे बैरियों को तेरे पाँवों की चौकी न कर दूँ।”’ (भज. 110:1) | [48, 50, 96, 286, 288, 290, 226, 292, 294, 6, 8, 226, 30, 16, 18, 32, 296, 298, 38, 6, 40, 300] |
source: झड़ी के दिन पानी का लगातार टपकना, और झगड़ालू पत्नी दोनों एक से हैं; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18] source: फिर याकूब की पत्नी राहेल के पुत्र यूसुफ और बिन्यामीन थे। target: [20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34] source: पति अपनी पत्नी का हक़ पूरा करे; और वैसे ही पत्नी भी अपने पति का। target: [36, 38, 40, 42... | मूर्ख पुत्र पिता के लिये विपत्ति है, और झगड़ालू पत्नी सदा टपकने* वाले जल के समान हैं। | [252, 286, 288, 290, 292, 52, 4, 294] |
source: उसने उससे कहा, ‘पुत्र, तू सर्वदा मेरे साथ है; और जो कुछ मेरा है वह सब तेरा ही है*। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: इसलिए उसने यहूदा के पास लौटकर कहा, “मुझे वह नहीं मिली; और उस स्थान के लोगों ने कहा, 'यहाँ तो कोई देवदासी न थी।'” target: [4, 38, 40, 42, 44, 46, 48... | तब उसने वहाँ के लोगों से पूछा, “वह देवदासी जो एनैम में मार्ग की एक ओर बैठी थी, कहाँ है?” उन्होंने कहा, “यहाँ तो कोई देवदासी न थी।” | [322, 374, 376, 58, 360, 378, 380, 156, 382, 384, 386, 54, 388, 390, 392, 394, 4, 160, 396, 398, 380, 78, 76, 54, 400] |
source: और उसके पास योआब का एक जवान खड़ा होकर कहने लगा, “जो कोई योआब के पक्ष और दाऊद की ओर का हो वह योआब के पीछे हो ले।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 20, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54] source: फिर उसने मोआबियों को भी जीत लिया*, और मोआबी दाऊद के अधीन होकर भेंट लाने लगे। ... | तब योआब के जनों ने उसको बेतमाका के आबेल में घेर लिया; और नगर के सामने एक टीला खड़ा किया कि वह शहरपनाह से सट गया; और योआब के संग के सब लोग शहरपनाह को गिराने के लिये धक्का देने लगे। | [278, 426, 428, 430, 432, 20, 434, 240, 78, 278, 436, 438, 190, 440, 442, 78, 444, 378, 272, 446, 448, 450, 452, 454, 456, 78] |
source: क्योंकि वह समुद्र की रेत से भी भारी ठहरती; इसी कारण मेरी बातें उतावली से हुई हैं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 16] source: सच्चे मनुष्य पर बहुत आशीर्वाद होते रहते हैं, परन्तु जो धनी होने में उतावली करता है, वह निर्दोष नहीं ठहरता। target: [28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, ... | बुद्धिमानों का धन उनका मुकुट ठहरता है, परन्तु मूर्ख से केवल मूर्खता ही उत्पन्न होती है। | [358, 360, 362, 364, 366, 38, 368, 370, 116, 372, 374] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: हम न तो अपनी बेटियाँ इस देश के लोगों को ब्याह देंगे, और न अपने बेटों के लिये उनकी बेटियाँ ब्याह लेंगे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 4, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 32, 34, 22, 36, 12, 38, 40] source: इस्राएली पुरुषों ने यहूदी पुरुषों को उत्तर दिया, “राजा में दस अंश हमारे हैं; और दाऊद में हमारा भाग तुम्हा... | तब दाऊद ने इस्राएल की सारी मण्डली से कहा, “यदि यह तुम को अच्छा लगे और हमारे परमेश्वर की इच्छा हो, तो इस्राएल के सब देशों में जो हमारे भाई रह गए हैं और उनके साथ जो याजक और लेवीय अपने-अपने चराईवाले नगरों में रहते हैं, उनके पास भी यह सन्देश भेजें कि हमारे पास इकट्ठे हो जाओ, | [142, 466, 468, 320, 470, 472, 474, 356, 290, 260, 476, 478, 126, 328, 310, 256, 480, 290, 478, 482, 484, 486, 488, 320, 490, 492, 154, 258, 236, 494, 90, 496, 498, 146, 228, 126, 170, 154, 198, 500, 502, 504, 506, 508, 510] |
source: शमूएल ने कहा, “जब तू अपनी दृष्टि में छोटा था, तब क्या तू इस्राएली गोत्रों का प्रधान न हो गया?, और क्या यहोवा ने इस्राएल पर राज्य करने को तेरा अभिषेक नहीं किया? target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 22, 42, 44, 46] source: तब यिशै ने अबीनादाब को बुलाकर शमूएल के सामने भ... | तब शमूएल ने एक कुप्पी तेल लेकर उसके सिर पर उण्डेला, और उसे चूमकर कहा, “क्या इसका कारण यह नहीं कि यहोवा ने अपने निज भाग के ऊपर प्रधान होने को तेरा अभिषेक किया है? | [20, 78, 400, 402, 404, 406, 408, 410, 38, 156, 412, 154, 64, 378, 22, 12, 414, 44, 416, 418, 172, 140, 198, 420, 422, 424] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: तो भी यहोवा उनके लिये न्यायी ठहराता था जो उन्हें लूटनेवाले के हाथ से छुड़ाते थे। (प्रेरि. 13:20) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26] source: और उनके मुँह से कभी झूठ न निकला था, वे निर्दोष हैं। target: [28, 30, 32, 34, 36, 38, 14, 40, 42] source: “फिर यहोवा की यह भी वाणी है, सुन, ऐसे दिन आनेवाल... | मैं उनसे यह वाचा बाँधूँगा, कि मैं कभी उनका संग छोड़कर उनका भला करना न छोड़ूँगा; और अपना भय मैं उनके मन में ऐसा उपजाऊँगा कि वे कभी मुझसे अलग होना न चाहेंगे। (लूका 22:20, 1 कुरि. 11:25, 2 कुरि. 3:6 इब्रा. 13:20) | [118, 166, 368, 370, 70, 72, 372, 374, 56, 166, 146, 376, 378, 380, 382, 250, 166, 384, 160, 28, 386, 388, 390, 392, 14, 394, 380, 382, 128] |
source: और जब बड़ी भीड़ उसके साथ जा रही थी, तो उसने पीछे फिरकर उनसे कहा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34] source: जो भेजे गए थे, उन्होंने जाकर जैसा उसने उनसे कहा था, वैसा ही पाया। target: [36, 38, 40, 42, 44, 30, 24, 22, 46, 48, 50, 28, 52, 54, 30, 32, 56, 18, 58, 54, 60] source: उस... | उन दिनों में, जब फिर बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई, और उनके पास कुछ खाने को न था, तो उसने अपने चेलों को पास बुलाकर उनसे कहा, | [30, 298, 300, 302, 84, 4, 6, 304, 306, 20, 30, 128, 308, 32, 310, 252, 312, 114, 8, 24, 314, 164, 32, 128, 130, 28, 30, 32, 34] |
source: इस कारण तुम इस विधि को प्रति वर्ष नियत समय पर माना करना। target: [4, 6, 8, 10, 8, 12, 14, 16, 18] source: उस समय वे मुझे पुकारेंगे, और मैं न सुनूँगी; वे मुझे यत्न से तो ढूँढेंगे, परन्तु न पाएँगे। target: [20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 26, 42] source: “इस्राएली फसह नामक पर्व को उसके नियत समय पर मना... | और मूसा ने इस्राएलियों को यहोवा के पर्व के नियत समय कह सुनाए। | [262, 214, 264, 34, 132, 136, 34, 46, 64, 266] |
source: और जब दुष्टात्मा निकाल दी गई, तो गूंगा बोलने लगा। और भीड़ ने अचम्भा करके कहा, “इस्राएल में ऐसा कभी नहीं देखा गया।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 58] source: और उसके कान खुल गए, और उसकी जीभ की गाँठ भी खुल गई, और वह साफ-साफ बोलने ... | फिर उसने एक गूँगी दुष्टात्मा को निकाला; जब दुष्टात्मा निकल गई, तो गूँगा बोलने लगा; और लोगों ने अचम्भा किया। | [352, 112, 8, 354, 296, 40, 356, 358, 252, 48, 72, 168, 360, 24, 26, 362, 364, 366, 8, 368, 370, 22, 26, 272, 38, 372, 374, 376, 378] |
source: वह वृक्ष बड़ा होकर दृढ़ हो गया, और उसकी ऊँचाई स्वर्ग तक पहुँची, और वह सारी पृथ्वी की छोर तक दिखाई पड़ता था। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 14, 24, 26, 28, 30, 32] source: और जब तक मैं उनकी सुधि न लूँ तब तक वहीं रहेंगे, और तब मैं उन्हें लाकर इस स्थान में फिर रख दूँगा, यहोवा की यही वाणी है।” target... | और जब तक वह पुत्र न जनी तब तक वह उसके पास न गया: और उसने उसका नाम यीशु रखा। | [412, 414, 416, 272, 190, 418, 420, 422, 424, 22, 190, 258, 426, 428, 198] |
source: कूश देश के पद्मराग उसके तुल्य नहीं ठहर सकते; और न उससे शुद्ध कुन्दन की बराबरी हो सकती है। (नीति. 8:19) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 14, 30, 32, 34, 36, 38] source: वे दोनों बराबर मिट्टी में मिल जाते हैं, और कीड़े उन्हें ढांक लेते हैं। target: [14, 40, 42, 28, 44, 46, 48, 50, 52, 54,... | जब वह चुप रहता है तो उसे कौन दोषी ठहरा सकता है? और जब वह मुँह फेर ले, तब कौन उसका दर्शन पा सकता है? जाति भर के साथ और अकेले मनुष्य, दोनों के साथ उसका बराबर व्यवहार है | [266, 14, 374, 102, 104, 130, 316, 78, 56, 376, 378, 142, 104, 266, 14, 380, 180, 136, 382, 130, 316, 78, 10, 384, 386, 388, 390, 288, 388, 216, 392, 394, 14, 396, 168, 262, 398, 400, 402, 144] |
source: और रूबेन के गोत्र के गिने हुए पुरुष साढ़े छियालीस हजार थे। target: [4, 6, 8, 6, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24] source: और बिन्यामीन के गोत्र के गिने हुए पुरुष पैंतीस हजार चार सौ थे। target: [26, 28, 6, 8, 6, 10, 12, 14, 30, 18, 32, 22, 24] source: और गाद के गोत्र के गिने हुए पुरुष पैंतालीस हजार साढ़े छः सौ थे।... | और इस्साकार के गोत्र के गिने हुए पुरुष चौवन हजार चार सौ थे। | [26, 160, 6, 8, 6, 10, 12, 54, 18, 32, 22, 24] |
source: इसलिए उनसे कह, 'प्रभु यहोवा यह कहता है: मैं इस कहावत को बन्द करूँगा; और यह कहावत इस्राएल पर फिर न चलेगी।' और तू उनसे कह कि वह दिन निकट आ गया है, और दर्शन की सब बातें पूरी होने पर हैं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 16, 28, 4, 30, 10, 32, 34, 36, 38, 22, 10, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 8, 10, ... | “हे मनुष्य के सन्तान यह क्या कहावत है जो तुम लोग इस्राएल के देश में कहा करते हो, 'दिन अधिक हो गए हैं, और दर्शन की कोई बात पूरी नहीं हुई?' | [132, 206, 14, 326, 328, 118, 330, 42, 22, 30, 220, 16, 52, 332, 334, 26, 36, 336, 60, 338, 334, 340] |
source: और भूमि पर रेंगनेवालों में से भी, दो-दो, अर्थात् नर और मादा, जहाज में नूह के पास गए, जिस प्रकार परमेश्वर ने नूह को आज्ञा दी थी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 16, 28, 30, 32, 34] source: और वहाँ से जहाज द्वारा अन्ताकिया गये, जहाँ वे उस काम के लिये जो उन्होंने पूरा किया था परमेश्वर के अन... | और जो गए, वह परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार सब जाति के प्राणियों में से नर और मादा गए। तब यहोवा ने जहाज का द्वार बन्द कर दिया। | [324, 84, 326, 328, 98, 22, 24, 26, 30, 32, 34, 188, 114, 26, 12, 238, 330, 332, 334, 240] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: तब वह जवान सिंह होकर सिंहों के बीच चलने-फिरने लगा, और वह भी अहेर पकड़ना सीख गया; और मनुष्यों को भी फाड़ खाया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 8, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 24, 38, 46, 48, 22, 24] source: जब उसने यह सुना कि यूहन्ना पकड़वा दिया गया, तो वह गलील को चला गया। target:... | अपने बच्चों में से उसने एक को पाला और वह जवान सिंह हो गया, और अहेर पकड़ना सीख गया; उसने मनुष्यों को भी फाड़ खाया। | [404, 406, 408, 410, 6, 412, 4, 414, 416, 24, 26, 8, 418, 326, 40, 42, 44, 36, 38, 46, 420, 24] |
source: और पिसिदिया से होते हुए वे पंफूलिया में पहुँचे; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16] source: तब जो यहूदिया में हों वे पहाड़ों पर भाग जाएँ। target: [18, 20, 22, 6, 24, 26] source: वे झील के पार गिरासेनियों के देश में पहुँचे, target: [28, 30, 32, 34, 36, 38, 16] source: यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा : target: [40,... | “हे नाश करनेवाले पहाड़ जिसके द्वारा सारी पृथ्वी नाश हुई है, यहोवा की यह वाणी है कि मैं तेरे विरुद्ध हूँ और हाथ बढ़ाकर तुझे ढाँगों पर से लुढ़का दूँगा और जला हुआ पहाड़ बनाऊँगा। (प्रका. 8:8) | [62, 64, 66, 68, 70, 72, 74, 76, 78, 80, 82, 84, 54, 42, 86, 88, 16, 70, 72, 68, 90, 92, 94, 96, 98, 100, 102, 104, 96, 98, 106, 108, 110, 112, 16] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: मैं तेरी विधियों से सुख पाऊँगा; और तेरे वचन को न भूलूँगा। गिमेल target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20] source: बोनेवाला वचन* बोता है। target: [22, 24, 26, 28, 30] source: दुष्टों के लिये शान्ति नहीं है, मेरे परमेश्वर का यही वचन है।” target: [32, 34, 36, 38, 40, 42] source: “दृष्टान्त का अर्थ यह है: बीज तो प... | आदि में* वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। | [16, 226, 228, 230, 228, 222, 26, 232, 228, 214, 26, 224] |
source: फिर यहोवा ने यहोशू महायाजक को यहोवा के दूत के सामने खड़ा हुआ मुझे दिखाया, और शैतान उसकी दाहिनी ओर उसका विरोध करने को खड़ा था। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 20, 38] source: तब आत्मा ने तुरन्त उसको जंगल की ओर भेजा। target: [40, 42, 44, 28, 46, 48] source: फिर यहोवा ने स... | तब यहोवा का दूत दाख की बारियों के बीच की गली में, जिसके दोनों ओर बारी की दीवार थी, खड़ा हुआ। | [312, 314, 316, 318, 320, 322, 22, 324, 326, 328, 330, 332, 334, 336, 338, 38, 340, 280, 342, 344, 346] |
source: दीशोन अधिपति, एसेर अधिपति, दीशान अधिपति; सेईर देश में होरी जातिवाले ये ही अधिपति हुए। target: [4, 6, 4, 8, 10, 4, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: मग्दीएल अधिपति, ईराम अधिपति एदोमवंशियों ने जो देश अपना कर लिया था, उसके निवास-स्थानों में उनके ये ही अधिपति हुए; और एदोमी जाति का मूलपुरुष एसाव है। ta... | अधिपति मग्दीएल, अधिपति ईराम। एदोम के ये अधिपति हुए। | [32, 10, 34, 36, 38, 40, 88] |
source: कुकर्मियों के विरुद्ध मेरी ओर कौन खड़ा होगा? मेरी ओर से अनर्थकारियों का कौन सामना करेगा? target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 4, 6, 18, 20, 22, 12, 24] source: मुझे उस फंदे से, जो उन्होंने मेरे लिये लगाया है, और अनर्थकारियों के जाल से मेरी रक्षा कर! target: [26, 28, 30, 32, 34, 36, 4, 6, 38, 40, 16, 18, 42, 44, 30... | मेरा मन किसी बुरी बात की ओर फिरने न दे; मैं अनर्थकारी पुरुषों के संग, दुष्ट कामों में न लगूँ, और मैं उनके स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं में से कुछ न खाऊँ! | [4, 306, 72, 308, 310, 312, 96, 216, 314, 316, 222, 102, 42, 318, 320, 322, 324, 326, 328, 16, 46, 34, 42, 330, 240, 30, 332, 216, 334] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: हम उनके साथ यरदन पार या कहीं आगे अपना भाग न लेंगे, क्योंकि हमारा भाग यरदन के इसी पार पूर्व की ओर मिला है।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 4, 24, 26, 28, 30, 14, 32, 34] source: रूबेनियों और गादियों को तो वह भाग मिल चुका था, जिसे मूसा ने उन्हें यरदन के पूर्व की ओर दिया था, क्योंकि यहोवा के दास मूस... | फिर उन्होंने कहा, “यदि तेरा अनुग्रह तेरे दासों पर हो, तो यह देश तेरे दासों को मिले कि उनकी निज भूमि हो; हमें यरदन पार न ले चल।” | [80, 392, 320, 214, 216, 106, 204, 346, 10, 14, 102, 394, 396, 10, 330, 398, 400, 402, 404] |
source: मैंने अपनी चालचलन को सोचा, और तेरी चितौनियों का मार्ग लिया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24] source: मेरे चलने और लेटने की तू भली-भाँति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है। target: [26, 28, 30, 14, 28, 32, 34, 36, 26, 38, 40, 42, 44] source: तू बड़ी युक्ति करनेवाला और सामर्थ्य क... | भला होता कि तेरी विधियों को मानने के लिये मेरी चालचलन दृढ़ हो जाए! | [4, 288, 76, 138, 290, 292, 294, 296, 298, 300, 28, 302, 166] |
source: पौलुस* की ओर से जो यीशु मसीह का दास है, और प्रेरित होने के लिये बुलाया गया, और परमेश्वर के उस सुसमाचार के लिये अलग किया गया है target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 8, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: तब मूसा लोगों को परमेश्वर से भेंट करने के लिये छावनी से निकाल ले गया; और वे पर्वत के नीचे खड़े हुए। target: [3... | तब प्रभु यीशु उनसे बातें करने के बाद स्वर्ग पर उठा लिया गया, और परमेश्वर की दाहिनी ओर बैठ गया। (1 पत. 3:22) | [340, 342, 344, 346, 348, 350, 352, 354, 356, 358, 82, 162, 360, 12, 138, 362, 364, 366, 30] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: और मनश्शेइयों के गोत्र का सेनापति पदासूर का पुत्र गम्लीएल था। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 10, 16, 18, 20] source: उनके समीप मनश्शे के गोत्र के रहें, और उनका प्रधान पदासूर का पुत्र गम्लीएल होगा, target: [22, 24, 6, 26, 4, 10, 8, 28, 30, 4, 6, 32, 10, 34, 14, 10, 16, 18, 36] source: आठवें दिन मनश्शेइयों का प्रध... | यूसुफवंशियों में से ये हैं, अर्थात् एप्रैम के गोत्र में से अम्मीहूद का पुत्र एलीशामा, और मनश्शे के गोत्र में से पदासूर का पुत्र गम्लीएल; | [98, 6, 100, 102, 118, 76, 272, 10, 16, 274, 4, 76, 14, 10, 16, 276] |
source: दाऊद का पुत्र सुलैमान राज्य में स्थिर हो गया, और उसका परमेश्वर यहोवा उसके संग रहा और उसको बहुत ही बढ़ाया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 12, 28, 30, 32, 34, 36] source: और जब वे मेढ़ों के सींगों के नरसिंगे देर तक फूँकते रहें, तब सब लोग नरसिंगे का शब्द सुनते ही बड़ी ध्वनि से जयजयकार करें;... | फिर जब नरसिंगे का शब्द बढ़ता और बहुत भारी होता गया, तब मूसा बोला, और परमेश्वर ने वाणी सुनाकर उसको उत्तर दिया। | [44, 398, 400, 402, 400, 404, 406, 408, 410, 84, 412, 56, 68, 116, 414] |
source: यह इसलिए हुआ, कि जो वचन भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो: target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 6, 20, 22, 24] source: और औरों ने कहा, “यह एलिय्याह है*”, परन्तु औरों ने कहा, “भविष्यद्वक्ता या भविष्यद्वक्ताओं में से किसी एक के समान है।” target: [26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 30, 44, 14, 6, 46... | इसलिए यहोवा ने अपने दास भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा कहा, | [68, 170, 280, 48, 80, 106, 6, 282] |
source: यहोवा तेरे देश में पानी के बदले रेत और धूलि बरसाएगा; वह आकाश से तुझ पर यहाँ तक बरसेगी कि तेरा सत्यानाश हो जाएगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: क्योंकि जिस किसी के पास है, उसे और दिया जाएगा; और उसके पास बहुत हो जाएगा: परन्तु जिसके पास नहीं है, उससे वह भी जो उसक... | आज क्या गेहूँ की कटनी नहीं हो रही? मैं यहोवा को पुकारूँगा, और वह मेघ गरजाएगा और मेंह बरसाएगा; तब तुम जान लोगे, और देख भी लोगे, कि तुम ने राजा माँगकर यहोवा की दृष्टि में बहुत बड़ी बुराई की है।” | [392, 394, 396, 368, 398, 400, 308, 108, 310, 402, 404, 178, 406, 408, 410, 6, 412, 174, 414, 416, 200, 418, 178, 414, 420, 422, 424, 426, 428, 430, 432, 434, 436] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: और वह उन्हें छोड़कर फिर नाव पर चढ़ गया, और पार चला गया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 4, 24, 26, 28] source: यहोवा सुनकर क्रोध से भर गया, तब याकूब के विरुद्ध उसकी आग भड़क उठी, और इस्राएल के विरुद्ध क्रोध भड़का; target: [30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 4, 50, 52, 54, 56, 58, 60, 20, 62, 6... | तब यहोवा का कोप उन पर भड़का, और वह चला गया; | [286, 36, 102, 96, 8, 20, 110, 4, 6, 122, 124] |
source: और अपने आप को हिरनी के समान शिकारी के हाथ से, और चिड़िया के समान चिड़ीमार के हाथ से छुड़ा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 6, 16, 18, 20, 22, 24] source: और केवल मूसा यहोवा के समीप आए; परन्तु वे समीप न आएँ, और दूसरे लोग उसके संग ऊपर न आएँ।” target: [26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, ... | और जो कोई हाकिमों और पुरनियों की सम्मति न मानेगा और तीन दिन के भीतर न आए तो उसकी समस्त धन-सम्पत्ति नष्ट की जाएगी और वह आप बँधुआई से आए हुओं की सभा से अलग किया जाएगा। | [44, 88, 90, 436, 44, 438, 440, 442, 444, 446, 448, 450, 452, 454, 198, 456, 458, 460, 44, 462, 464, 466, 468, 470, 308, 238, 472, 474] |
source: और तू उनकी बेटियों को अपने बेटों के लिये लाये, और उनकी बेटियाँ जो आप अपने देवताओं के पीछे होने का व्यभिचार करती हैं तेरे बेटों से भी अपने देवताओं के पीछे होने को व्यभिचार करवाएँ। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 4, 22, 24, 26, 10, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 24, 40, 4, 42, 44] source: जो लोग सामरिया के दो... | तुम जो चोरी, हत्या और व्यभिचार करते, झूठी शपथ खाते, बाल देवता के लिये धूप जलाते, और दूसरे देवताओं के पीछे जिन्हें तुम पहले नहीं जानते थे चलते हो, | [8, 450, 452, 32, 140, 32, 454, 52, 456, 32, 458, 100, 460, 32, 242, 326, 8, 462, 464, 4, 222, 466] |
source: सुन, मैं उसके मन को प्रेरित करूँगा, कि वह कुछ समाचार सुनकर अपने देश को लौट जाए, और मैं उसको उसी के देश में तलवार से मरवा डालूँगा।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 8, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 6, 8, 36, 44, 10, 34, 12, 46, 48, 50, 52] source: तूने यहोवा की आज्ञा तुच्छ जानकर क्यों वह क... | सुन, मैं उसके मन में प्रेरणा उत्पन्न करूँगा जिससे वह कुछ समाचार सुनकर अपने देश को लौट जाए; और मैं उसको उसी देश में तलवार से मरवा डालूँगा।'” | [358, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 8, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 6, 8, 36, 44, 10, 34, 12, 46, 48, 50, 52] |
source: वह वाचा उसने अब्राहम के साथ बाँधी ओर उसी के विषय उसने इसहाक से शपथ खाई, target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 4, 18, 20, 22, 24] source: और जो देश मैंने अब्राहम और इसहाक को दिया है, वही देश तुझे देता हूँ, और तेरे पीछे तेरे वंश को भी दूँगा।” target: [26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 26, 46, 30, 48, 50, 52, 54... | वही वाचा जो उसने अब्राहम के साथ बाँधी, और उसके विषय में उसने इसहाक से शपथ खाई, (लूका 1:72,73) | [4, 60, 312, 314, 316, 16, 4, 18, 22, 178, 318, 12, 320] |
source: तब तीन हजार यहूदी पुरुष एताम नामक चट्टान की दरार में जाकर शिमशोन से कहने लगे, “क्या तू नहीं जानता कि पलिश्ती हम पर प्रभुता करते हैं? फिर तूने हम से ऐसा क्यों किया है?” उसने उनसे कहा, “जैसा उन्होंने मुझसे किया था, वैसा ही मैंने भी उनसे किया है।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 3... | तब उसने उनको अति निष्ठुरता के साथ* बड़ी मार से मार डाला; तब जाकर एताम नामक चट्टान की एक दरार में रहने लगा। | [4, 336, 338, 340, 22, 342, 344, 346, 348, 22, 350, 352, 284, 92, 354, 356, 358, 360, 22, 14, 16, 18, 362, 92] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: और आँख के बदले आँख का, और दाँत के बदले दाँत का, और हाथ के बदले हाथ का, और पाँव के बदले पाँव का, target: [4, 6, 8, 10, 6, 12, 14, 6, 16, 18, 6, 20] source: और दाग के बदले दाग का, और घाव के बदले घाव का, और मार के बदले मार का दण्ड हो। target: [22, 24, 26, 28, 30, 24, 26, 30, 32, 34, 24, 26, 36] source: और मनुष्य अ... | यहोवा जलन रखनेवाला और बदला लेनेवाला परमेश्वर है; यहोवा बदला लेनेवाला और जलजलाहट करनेवाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता। | [342, 344, 346, 32, 348, 342, 350, 32, 352, 354, 342, 356, 24, 358, 32, 270, 24, 108, 360, 362] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: “तुम्हारी पीढ़ी-पीढ़ी में तुम्हारे सब रहने के स्थानों में न्याय की यह विधि होगी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20] source: और यहूदा और बिन्यामीन के सब घराने से, और सब लोगों से कह, 'यहोवा यह कहता है, target: [22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 26, 38, 40, 42, 44, 46] source: फिर यिर्मयाह ने उन सब लोगों से औ... | उन लोगों के घर और खेत और स्त्रियाँ सब दूसरों की हो जाएँगीं; क्योंकि मैं इस देश के रहनेवालों पर हाथ बढ़ाऊँगा,” यहोवा की यही वाणी है। | [404, 406, 408, 410, 412, 404, 290, 112, 128, 414, 408, 416, 418, 106, 420, 146, 422, 424, 426, 428, 430, 100, 98, 102] |
source: “विश्वासयोग्य के साथ तू अपने को विश्वासयोग्य दिखाता; खरे पुरुष के साथ तू अपने को खरा दिखाता है; target: [4, 6, 8, 10, 4, 12, 14, 16, 18, 20, 8, 10, 18, 22, 12, 14, 16] source: यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, बुद्धिहीन लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं; target... | विश्वासयोग्य के साथ तू अपने को विश्वासयोग्य दिखाता; और खरे पुरुष के साथ तू अपने को खरा दिखाता है। | [338, 86, 340, 122, 342, 4, 12, 14, 16, 18, 344, 122, 342, 18, 12, 14, 16] |
source: उनमें से कितनों ने, और भक्त यूनानियों में से बहुतों ने और बहुत सारी प्रमुख स्त्रियों ने मान लिया, और पौलुस और सीलास के साथ मिल गए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 8, 26, 28, 30, 26, 32, 34, 36, 38, 40, 30, 42, 44, 46, 48, 50] source: और न हम प्रभु को परखें; जैसा उनमें से कितनों ने किया, और साँ... | और न तुम कुड़कुड़ाओ, जिस रीति से उनमें से कितने कुड़कुड़ाए, और नाश करनेवाले के द्वारा नाश किए गए। | [30, 140, 436, 38, 58, 438, 62, 64, 8, 98, 12, 436, 162, 30, 440, 44, 442, 444, 446, 448, 184] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: और वे मुकुट हेलेम, तोबियाह, यदायाह, और सपन्याह के पुत्र हेन को मिलें, और वे यहोवा के मन्दिर में स्मरण के लिये बने रहें। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 8, 10, 30, 32, 34, 36, 38, 40] source: हूकोक और रहोब; target: [42, 44, 46, 48, 44, 50] source: इसलिए यदि तू अपनी भेंट वेदी पर लाए, और ... | इसलिए स्मरण कर, कि तूने किस रीति से शिक्षा प्राप्त की और सुनी थी, और उसमें बना रह, और मन फिरा: और यदि तू जागृत न रहेगा तो मैं चोर के समान आ जाऊँगा* और तू कदापि न जान सकेगा, कि मैं किस घड़ी तुझ पर आ पड़ूँगा। | [36, 104, 88, 328, 46, 330, 220, 34, 332, 334, 336, 46, 224, 338, 340, 238, 88, 342, 344, 346, 102, 178, 348, 244, 46, 350, 178, 352, 354, 356, 358, 244, 296, 106, 360, 362] |
source: हे यहोवा, हम लोगों ने अपने राजाओं, हाकिमों और पूर्वजों समेत तेरे विरुद्ध पाप किया है, इस कारण हमको लज्जित होना पड़ता है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 20, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42] source: हमारा परमेश्वर यहोवा जैसे हमारे पुरखाओं के संग रहता था, वैसे ही हमारे संग भी रहे, वह हमको त्... | परन्तु तू ही ने हमको द्रोहियों से बचाया है, और हमारे बैरियों को निराश और लज्जित किया है। | [394, 110, 166, 8, 396, 300, 274, 26, 224, 102, 398, 400, 402, 404, 274] |
source: और यदि उसके कोई बेटी भी न हो, तो उसका भाग उसके भाइयों को देना। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 6, 8, 20, 6, 22, 24, 26, 28] source: जो मनुष्य बुद्धि के मार्ग से भटक जाए, उसका ठिकाना मरे हुओं के बीच में होगा। target: [30, 32, 34, 22, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54] source: हे मेरे पुत्र, यदि तू शिक... | हे मेरे भाइयों, यदि तुम में कोई सत्य के मार्ग से भटक जाए, और कोई उसको फेर लाए। | [56, 58, 236, 4, 374, 178, 106, 322, 22, 36, 38, 72, 376, 102, 374, 6, 26, 378, 380] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: आँगन के द्वार के पर्दे पर बेल बूटे का काम किया हुआ था, और वह नीले, बैंगनी और लाल रंग के कपड़े का; और सूक्ष्म बटी हुई सनी के कपड़े के बने थे; और उसकी लम्बाई बीस हाथ की थी, और उसकी ऊँचाई आँगन की कनात की चौड़ाई के सामान पाँच हाथ की बनी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 10, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, ... | फिर वे वेदी पर से सब राख उठाकर वेदी पर बैंगनी रंग का कपड़ा बिछाएँ; | [136, 286, 288, 290, 26, 292, 24, 294, 296, 298, 20] |
source: तब उनसे कहना, परमेश्वर यहोवा यह कहता है : देखो, मैं यूसुफ की लकड़ी को जो एप्रैम के हाथ में है*, और इस्राएल के जो गोत्र उसके संगी हैं, उनको लेकर यहूदा की लकड़ी से जोड़कर उसके साथ एक ही लकड़ी कर दूँगा; और दोनों मेरे हाथ में एक ही लकड़ी बनेंगी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34,... | “हे मनुष्य के सन्तान, एक लकड़ी लेकर उस पर लिख, 'यहूदा की और उसके संगी इस्राएलियों की;' तब दूसरी लकड़ी लेकर उस पर लिख, 'यूसुफ की अर्थात् एप्रैम की, और उसके संगी इस्राएलियों की लकड़ी।' | [322, 120, 40, 324, 6, 74, 34, 184, 48, 54, 40, 98, 326, 328, 48, 54, 40, 330, 332, 334, 336, 74, 338, 34, 184, 48, 180, 98, 326, 340, 342, 38, 32, 344, 48, 54, 40, 330, 346, 50, 40, 348, 334] |
source: और जब तक मेरा तेज तेरे सामने होकर चलता रहे तब तक मैं तुझे चट्टान के दरार में रखूँगा, और जब तक मैं तेरे सामने होकर न निकल जाऊँ तब तक अपने हाथ से तुझे ढाँपे रहूँगा; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 4, 42, 44, 46, 26, 28, 48, 50, 52, 54] source: और सावधान रह कि जब त... | जब तक मूसा उनसे बात न कर चुका तब तक अपने मुँह पर ओढ़ना डाले रहा। | [14, 402, 108, 52, 226, 298, 404, 24, 48, 406, 68, 408, 204, 410] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: “कोई स्त्री पुरुष का पहरावा न पहने, और न कोई पुरुष स्त्री का पहरावा पहने; क्योंकि ऐसे कामों के सब करनेवाले तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में घृणित हैं*। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 8, 6, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 24, 32, 34, 36, 38] source: यहोवा राजा है; उसने माहात्म्य का पहरावा पहना है; यहोवा पहरावा ... | मैं ऐसी भावना रखता था कि मानो वे मेरे संगी या भाई हैं; जैसा कोई माता के लिये विलाप करता हो, वैसा ही मैंने शोक का पहरावा पहने हुए सिर झुकाकर शोक किया। | [296, 314, 316, 16, 318, 320, 322, 324, 326, 296, 314, 144, 328, 330, 52, 332, 334, 336, 338] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: तू अंतड़ियों के रोग से बहुत पीड़ित हो जाएगा, यहाँ तक कि उस रोग के कारण तेरी अंतड़ियाँ प्रतिदिन निकलती जाएँगी।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 8, 32, 12, 34, 36, 38, 40, 42, 44] source: सोना, चाँदी, पीतल, लोहा, टीन, और सीसा, target: [46, 48, 50, 52, 54, 4, 56] source: उस मूर्ति का ... | “बहुत दिन के मरे हुए लोग भी जलनिधि और उसके निवासियों के तले तड़पते हैं। | [368, 370, 34, 372, 374, 194, 376, 98, 4, 32, 98, 378, 380, 34, 382, 384, 386] |
source: इस कारण उस समय ज्यों ही सब जाति के लोगों को नरसिंगे, बाँसुरी, वीणा, सारंगी, सितार शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुन पड़ा, त्यों ही देश-देश और जाति-जाति के लोगों और भिन्न-भिन्न भाषा बोलनेवालों ने गिरकर उस सोने की मूरत को जो नबूकदनेस्सर राजा ने खड़ी कराई थी, दण्डवत् की। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18... | हे राजा, तूने तो यह आज्ञा दी है कि जो मनुष्य नरसिंगे, बाँसुरी, वीणा, सारंगी, सितार, शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुने, वह गिरकर उस सोने की मूरत को दण्डवत् करे; | [358, 60, 360, 362, 364, 366, 368, 370, 48, 372, 6, 8, 10, 14, 16, 64, 102, 374, 22, 376, 224, 378, 38, 44, 380] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: फिर यहोवा ने मूसा से कहा, target: [4, 6, 8] source: फिर यहोवा ने मूसा से कहा, target: [4, 6, 8] source: फिर यहोवा ने मूसा से कहा, target: [4, 6, 10, 8] source: यहोवा ने मूसा से कहा, target: [12, 4, 14, 16, 18, 8] source: फिर यहोवा ने मूसा से कहा, target: [4, 6, 8] source: फिर यहोवा ने मूसा से कहा, target: [4, 1... | फिर यहोवा ने मूसा से कहा, | [10, 4, 14, 26, 18, 8] |
source: क्योंकि तुम परमेश्वर की आज्ञा को टालकर मनुष्यों की रीतियों को मानते हो।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 12, 24, 26, 28] source: और भक्तों ने स्तिफनुस को कब्र में रखा; और उसके लिये बड़ा विलाप किया। target: [30, 32, 16, 34, 12, 36, 38, 40, 8, 42, 44, 46, 48] source: जो आज्ञा यहोवा ने मूसा के द्वार... | मैं मुँह खोलकर हाँफने लगा, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं का प्यासा था। | [274, 376, 86, 378, 134, 380, 382, 222, 274, 384, 386, 12, 388, 76] |
source: “तो भी, यहोवा की यह वाणी है, उन दिनों में भी मैं तुम्हारा अन्त न कर डालूँगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28] source: उसने उन जातियों के घिनौने कामों के अनुसार, जिनको यहोवा ने इस्राएलियों के सामने देश से निकाल दिया था, वह किया, जो यहोवा की दृष्टि में बुरा था*। target: [30, 32, 34, 36, 3... | उसने यहोयाकीम के सब कामों के अनुसार वही किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है। | [288, 290, 292, 294, 296, 96, 298, 300, 212, 214, 32, 216, 302, 304, 46] |
source: मैं समुद्र को उसके हाथ के नीचे और महानदों को उसके दाहिने हाथ के नीचे कर दूँगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 6, 14, 8, 16, 18] source: परन्तु न्याय को नदी के समान, और धर्म को महानद के समान बहने दो। target: [20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: इसलिए हमें शान्ति हुई; और हमारी इस शान्ति के साथ तीतुस के आनन्द क... | उसने समुद्र को सूखी भूमि कर डाला; वे महानद में से पाँव-पाँव पार उतरे। वहाँ हम उसके कारण आनन्दित हुए, | [172, 366, 368, 370, 372, 374, 90, 376, 378, 380, 382, 384, 238, 386, 56, 388] |
source: हम लोगों ने शहरपनाह को बनाया; और सारी शहरपनाह आधी ऊँचाई तक जुड़ गई। क्योंकि लोगों का मन उस काम में नित लगा रहा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32] source: जब सम्बल्लत और तोबियाह और अरबियों, अम्मोनियों और अश्दोदियों ने सुना, कि यरूशलेम की शहरपनाह की मरम्मत होती जाती है, और उसमें के... | जब सम्बल्लत, तोबियाह और अरबी गेशेम और हमारे अन्य शत्रुओं को यह समाचार मिला, कि मैं शहरपनाह को बनवा चुका; और यद्यपि उस समय तक भी मैं फाटकों में पल्ले न लगा चुका था, तो भी शहरपनाह में कोई दरार न रह गई थी। | [416, 14, 312, 450, 452, 46, 454, 170, 456, 458, 460, 460, 62, 462, 46, 464, 466, 468, 470, 472, 474, 476, 416, 294, 478, 480, 482, 484, 486, 32] |
source: वह मेरी महिमा करेगा, क्योंकि वह मेरी बातों में से लेकर तुम्हें बताएगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28] source: वहाँ तुम अपनी चालचलन और अपने सब कामों को जिनके करने से तुम अशुद्ध हुए हो स्मरण करोगे, और अपने सब बुरे कामों के कारण अपनी दृष्टि में घिनौने ठहरोगे। target: [30, 32, 34, 36, 38,... | प्राचीनकाल के दिनों को स्मरण करो, पीढ़ी-पीढ़ी के वर्षों को विचारों; अपने बाप से पूछो, और वह तुमको बताएगा; अपने वृद्ध लोगों से प्रश्न करो, और वे तुझ से कह देंगे। | [356, 338, 44, 54, 358, 360, 64, 338, 178, 362, 358, 90, 104, 172, 364, 18, 234, 366, 90, 368, 370, 18, 234, 372] |
source: यदि तुम्हारी दशा मेरी सी होती, तो मैं भी तुम्हारी सी बातें कर सकता; मैं भी तुम्हारे विरुद्ध बातें जोड़ सकता, और तुम्हारे विरुद्ध सिर हिला सकता। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 34, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52] source: हँसी के समय भी मन उदास हो सकता है, और आनन्द के अन्... | क्या तू राशियों को ठीक-ठीक समय पर उदय कर सकता, या सप्तर्षि को साथियों समेत लिए चल सकता है? | [270, 370, 372, 374, 376, 378, 380, 382, 384, 92, 270, 370, 386, 388, 34, 390, 392, 394, 384, 92] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: यहोवा के कहने के अनुसार उन्होंने उसको उसका मांगा हुआ नगर दिया, यह एप्रैम के पहाड़ी देश में का तिम्नत्सेरह है; और वह उस नगर को बसाकर उसमें रहने लगा।। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48] source: तब वे नगर से निकलकर उसके पास आने लगे। target: [50, 52, 26... | तब यारोबाम एप्रैम के पहाड़ी देश के शेकेम नगर को दृढ़ करके उसमें रहने लगा; फिर वहाँ से निकलकर पनूएल को भी दृढ़ किया। | [88, 338, 340, 342, 28, 30, 86, 344, 346, 348, 42, 44, 46, 350, 314, 352, 354, 356] |
source: तुखिकुस को मैंने इफिसुस को भेजा है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14] source: “तुम क्या समझते हो? किसी मनुष्य के दो पुत्र थे; उसने पहले के पास जाकर कहा, ‘हे पुत्र, आज दाख की बारी में काम कर।’ target: [16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 58, 60, 62, 64, 66, 50, 68, 70]... | उन्होंने तो इससे पहले इफिसुस वासी त्रुफिमुस* को उसके साथ नगर में देखा था, और समझते थे कि पौलुस उसे मन्दिर में ले आया है। | [24, 220, 402, 294, 404, 406, 304, 408, 410, 412, 414, 200, 416, 418, 420, 40, 422, 424, 76, 426, 428, 164, 430, 432, 434, 14] |
source: “परन्तु अपनी सारी वस्तुओं में से जो कुछ कोई यहोवा के लिये अर्पण करे*, चाहे मनुष्य हो चाहे पशु, चाहे उसकी निज भूमि का खेत हो, ऐसी कोई अर्पण की हुई वस्तु न तो बेची जाए और न छुड़ाई जाए; जो कुछ अर्पण किया जाए वह यहोवा के लिये परमपवित्र ठहरे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 32, ... | लेवियों ने तो अपने को पाप से शुद्ध किया, और अपने वस्त्रों को धो डाला; और हारून ने उन्हें यहोवा के सामने हिलाई हुई भेंट के निमित्त अर्पण किया, और उन्हें शुद्ध करने को उनके लिये प्रायश्चित भी किया। | [492, 192, 466, 494, 100, 376, 378, 496, 166, 498, 74, 58, 60, 146, 148, 126, 500, 100, 260, 74, 466, 502, 292, 60, 504, 506, 52] |
source: “बाहर तलवार और भीतर अकाल और मरी हैं; जो मैदान में हो वह तलवार से मरेगा, और जो नगर में हो वह भूख और मरी से मारा जाएगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 6, 30, 32, 34, 10, 22, 36, 26, 28, 18, 16, 14, 30, 32, 38] source: और योनातान का पुत्र मरीब्बाल हुआ, और मरीब्बाल से मीका उत्पन्न हुआ। ... | जो दूर हो वह मरी से मरेगा, और जो निकट हो वह तलवार से मार डाला जाएगा; और जो बचकर नगर में रहते हुए घेरा जाए, वह भूख से मरेगा। इस भाँति मैं अपनी जलजलाहट उन पर पूरी रीति से उतारूँगा। | [22, 284, 8, 86, 14, 30, 10, 22, 286, 8, 6, 30, 190, 10, 86, 22, 288, 8, 10, 200, 28, 86, 18, 30, 290, 56, 176, 60, 292, 294, 70, 296, 166, 298, 300] |
source: दानिय्येल, गिन्नतोन, बारूक; target: [4, 6, 8] source: “जो तुम्हारी सुनता है, वह मेरी सुनता है, और जो तुम्हें तुच्छ जानता है, वह मुझे तुच्छ जानता है; और जो मुझे तुच्छ जानता है, वह मेरे भेजनेवाले को तुच्छ जानता है।” target: [10, 12, 14, 16, 18, 14, 20, 10, 22, 24, 16, 26, 24, 20, 10, 26, 24, 16, 28, 26, 30, 32, ... | उन्होंने उससे कहा, “तेरा पिता कहाँ है?” यीशु ने उत्तर दिया, “न तुम मुझे जानते हो, न मेरे पिता को, यदि मुझे जानते, तो मेरे पिता को भी जानते।” | [270, 96, 32, 98, 272, 274, 44, 46, 172, 60, 276, 278, 26, 280, 202, 230, 282, 198, 90, 26, 224, 226, 228, 202, 230, 224, 284] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: एक दिन अय्यूब के बेटे-बेटियाँ बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पी रहे थे; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 18, 32, 34, 36] source: वे यीशु के पास आकर उससे बड़ी विनती करके कहने लगे, “वह इस योग्य है, कि तू उसके लिये यह करे, target: [38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 58, 60, 62,... | वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, “तेरे बेटे-बेटियाँ बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पीते थे, | [38, 108, 110, 112, 48, 114, 116, 118, 18, 120, 420, 16, 18, 422, 20, 424, 426, 26, 28, 30, 18, 428, 32, 34, 36] |
source: मन फिराव के योग्य फल लाओ; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16] source: तेरी दुष्टता का फल तुझ जैसे पुरुष के लिये है, और तेरे धर्म का फल भी मनुष्य मात्र के लिये है। target: [18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 22, 34, 36, 14, 38, 40, 42, 44] source: वह मनुष्य की करनी का फल देता है, और प्रत्येक को अपनी-अपनी चाल का फल भु... | धर्मी का प्रतिफल जीवन का वृक्ष होता है, और बुद्धिमान मनुष्य लोगों के मन को मोह लेता है। | [330, 36, 14, 110, 36, 214, 30, 32, 94, 332, 334, 50, 336, 10, 338, 60, 340, 342, 72] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: इसलिए तेरी आँखें तेरे दास की गिड़गिड़ाहट और तेरी प्रजा इस्राएल की गिड़गिड़ाहट की ओर ऐसी खुली रहें, कि जब-जब वे तुझे पुकारें, तब-तब तू उनकी सुन ले; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 10, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44] source: और मैं अन्यजातियों से जो मेरा कहा नहीं मानतीं, क्रोध और जलजलाहट... | लोग उनको पुकारकर कहते हैं, “अरे अशुद्ध लोगों, हट जाओ! हट जाओ! हमको मत छूओ” जब वे भागकर मारे-मारे फिरने लगे, तब अन्यजाति लोगों ने कहा, “भविष्य में वे यहाँ टिकने नहीं पाएँगे।” | [280, 282, 30, 284, 286, 288, 290, 290, 292, 294, 30, 296, 298, 300, 14, 302, 304, 306, 308, 310, 312, 314, 316, 318, 320, 322] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: और प्रधान याजक और शास्त्री खड़े हुए तन मन से उस पर दोष लगाते रहे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24] source: जब प्रधान याजक और पुरनिए उस पर दोष लगा रहे थे, तो उसने कुछ उत्तर नहीं दिया। target: [26, 28, 4, 6, 8, 30, 32, 16, 34, 36, 38, 40, 42, 24] source: और वहाँ बहुतों ने उस पर विश्वास किया। targ... | और प्रधान याजक उस पर बहुत बातों का दोष लगा रहे थे। | [4, 80, 314, 316, 234, 318, 320, 322, 196, 24] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: और यहोवा ने यहोशू से कहा, target: [4, 6, 8, 10, 12] source: फिर यहोवा ने मूसा से कहा, target: [4, 6, 8, 14, 12] source: फिर यहोवा ने मूसा से कहा, target: [4, 6, 8, 14, 12] source: फिर यहोवा ने मूसा से कहा, target: [4, 6, 8, 14, 12] source: फिर यहोवा ने मूसा से कहा, target: [6, 8, 14, 12] source: फिर यहोवा ने मू... | फिर यहोवा ने यहोशू से कहा, | [18, 6, 8, 10, 12] |
source: और इन्हें अपने हाथ पर चिन्ह के रूप में बाँधना, और ये तेरी आँखों के बीच टीके का काम दें। (मत्ती 23:5) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38] source: धन्य है वह जो यहोवा के नाम से आता है! हमने तुम को यहोवा के घर से आशीर्वाद दिया है। (मत्ती 23:39, लूका 13:35, मर. 11:9-10 लूका... | हमारे पिता दाऊद का राज्य जो आ रहा है; धन्य है! आकाश में होशाना।” (मत्ती 23:39) | [40, 160, 348, 108, 228, 112, 44, 52, 90, 366, 368, 136, 370] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: उसने फाटक का ओसारा मापकर आठ हाथ का पाया, और उसके खम्भे दो-दो हाथ के पाए, और फाटक का ओसारा भवन के सामने था। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 26, 18, 30, 24, 32, 34, 36, 38] source: फिर वह मुझे दक्षिण की ओर ले गया, और दक्षिण ओर एक फाटक था; और उसने इसके खम्भे और खम्भों का ओसारा मापकर इनकी ... | फिर वह मुझे भवन के ओसारे में ले गया, और ओसारे के दोनों ओर के खम्भों को मापकर पाँच-पाँच हाथ का पाया; और दोनों ओर फाटक की चौड़ाई तीन-तीन हाथ की थी। | [4, 40, 42, 44, 220, 360, 48, 24, 362, 262, 364, 366, 368, 370, 372, 374, 376, 378, 18, 380, 24, 382, 18, 254, 94, 384, 92, 386, 18, 94] |
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