instruction
stringlengths
51
6.92k
input
stringlengths
1
707
output
stringlengths
3
549
source: तब सब इस्राएली वृद्ध लोग इकट्ठे होकर रामाह में शमूएल के पास जाकर target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26] source: तब मूसा उठकर दातान और अबीराम के पास गया; और इस्राएलियों के वृद्ध लोग उसके पीछे-पीछे गए। target: [28, 30, 32, 34, 36, 16, 38, 40, 24, 42, 16, 44, 40, 10, 46, 48, 40, 50, 52] source: तब श...
शमूएल की मृत्यु हो गई; और समस्त इस्राएलियों ने इकट्ठे होकर उसके लिये छाती पीटी, और उसके घर ही में जो रामाह में था उसको मिट्टी दी। तब दाऊद उठकर पारान जंगल को चला गया।
[22, 126, 42, 16, 6, 354, 54, 258, 356, 34, 64, 58, 358, 72, 16, 18, 20, 64, 40, 278, 360, 64, 68, 362, 16, 84, 32, 34, 364, 102, 182, 366, 368, 212]
source: तब परमेश्‍वर उस स्थान में, जहाँ उसने याकूब से बातें की, उनके पास से ऊपर चढ़ गया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: हे परमेश्‍वर, तू स्वर्ग के ऊपर हो! और तेरी महिमा सारी पृथ्वी के ऊपर हो! target: [24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46] source: यीशु ने उससे कहा, “मुझे मत छू क्योंकि मै...
तब परमेश्‍वर ने अब्राहम से बातें करनी बन्द की और उसके पास से ऊपर चढ़ गया।
[296, 12, 106, 472, 6, 474, 18, 22]
source: तुम आप ही जानते हो कि इन्हीं हाथों ने मेरी और मेरे साथियों की आवश्यकताएँ पूरी की। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32] source: और जैसी जिसे आवश्यकता होती थी, उसके अनुसार हर एक को बाँट दिया करते थे। target: [34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 36, 58, 60, 62, 64] source: ...
तब उन्होंने कहा, “अब हमें गवाही की क्या आवश्यकता है; क्योंकि हमने आप ही उसके मुँह से सुन लिया है।”
[44, 36, 266, 342, 344, 346, 348, 198, 50, 350, 328, 74, 304, 352, 354, 356, 358]
source: “इस्राएलियों से कह कि चाहे तुम लोग चाहे तुम्हारे वंश में से कोई भी किसी लोथ के कारण अशुद्ध हो, या दूर की यात्रा पर हो, तो भी वह यहोवा के लिये फसह को माने। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 20, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46] source: निश्चय ऐसा फसह न तो न्यायियों के दिनों में माना गया...
तब मूसा ने इस्राएलियों से फसह मानने के लिये कह दिया।
[294, 388, 6, 246, 42, 44, 390, 392]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292]
source: मूर्ख पुत्र से पिता उदास होता है, और उसकी जननी को शोक होता है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32] source: तब एलीशिबा के जनने का समय पूरा हुआ, और वह पुत्र जनी। target: [34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 20, 48] source: जब उसके जनने का समय आया, तब यह जान पड़ा कि उसके गर्भ में जुड़वे बच्चे...
उनके वहाँ रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए।
[14, 56, 426, 284, 408, 428, 204, 430, 432, 434, 436]
source: उसने मुझे जीवन यात्रा में दुःख देकर, मेरे बल और आयु को घटाया*। target: [4, 6, 8, 10, 6, 12, 14, 16, 18, 4, 6, 20, 22, 16, 18] source: उस समय याकूब का वैभव घट जाएगा, और उसकी मोटी देह दुबली हो जाएगी*। target: [24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 38, 18] source: और तू अपने अन्तिम समय में जब तेरे शर...
बुढ़ापे के समय मेरा त्याग न कर; जब मेरा बल घटे तब मुझ को छोड़ न दे।
[6, 288, 290, 278, 292, 294, 18, 6, 12, 248, 92, 278, 296, 18]
source: और तेरी गाय-बैलों और भेड़-बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चाँदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए, target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 8, 20, 16] source: और सुलैमान की बुद्धि पूर्व देश के सब निवासियों और मिस्रियों की भी बुद्धि से बढ़कर बुद्धि थी। target: [22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 32] source: और ज...
और मैं यह प्रार्थना करता हूँ, कि तुम्हारा प्रेम, ज्ञान और सब प्रकार के विवेक सहित और भी बढ़ता जाए,
[136, 320, 70, 322, 324, 4, 326, 294, 170, 328, 330, 332, 110, 334, 336, 338]
source: ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे वह अनन्त जीवन पाए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20] source: और मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूँ, और वे कभी नाश नहीं होंगी, और कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा। target: [22, 24, 26, 16, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 24, 42, 44, 46, 48, 20] source: और ये अनन्त दण्ड भोगेंगे परन्...
जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में हैं, उन्हें वह अनन्त जीवन देगा;
[320, 322, 324, 326, 328, 330, 36, 332, 334, 336, 132, 14, 16, 338, 20]
source: इसलिए तुम उनके सहभागी न हो। target: [4, 6, 8] source: तो भी तुम ने भला किया कि मेरे क्लेश में मेरे सहभागी हुए। target: [10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24] source: सब शरीर एक समान नहीं, परन्तु मनुष्यों का शरीर और है, पशुओं का शरीर और है; पक्षियों का शरीर और है; मछलियों का शरीर और है। target: [26, 28, 30, 32, 34, 36...
जो शरीर के भाव से इस्राएली हैं, उनको देखो: क्या बलिदानों के खानेवाले वेदी के सहभागी नहीं?
[300, 302, 304, 18, 192, 306, 242, 308, 118, 310, 104, 312, 80, 314]
source: हमारे ऊपर दास अधिकार रखते हैं; उनके हाथ से कोई हमें नहीं छुड़ाता। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28] source: वे बोले, “तूने न तो हम पर अंधेर किया, न हमें पीसा, और न किसी के हाथ से कुछ लिया है।” target: [30, 32, 34, 14, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 18, 46, 50, 52, 54, 26, 56] source: वे आनन...
मुझे खींच ले; हम तेरे पीछे दौड़ेंगे। राजा मुझे अपने महल में ले आया है। हम तुझ में मगन और आनन्दित होंगे; हम दाखमधु से अधिक तेरे प्रेम की चर्चा करेंगे; वे ठीक ही तुझ से प्रेम रखती हैं। (होशे 11:4, फिली. 3:1-12, भज. 45:14)
[408, 410, 412, 12, 112, 414, 354, 28, 416, 418, 420, 422, 408, 424, 426, 428, 84, 28, 416, 430, 420, 112, 60, 354, 28, 112, 190, 432, 434, 436, 28, 190, 438, 440, 442, 28, 86, 444, 446, 84, 28, 368, 448, 450, 452, 164, 454, 252, 208, 28, 416, 368, 456, 458]
source: मैं यहोवा के धर्म के अनुसार उसका धन्यवाद करूँगा, और परमप्रधान यहोवा के नाम का भजन गाऊँगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 10, 20, 22, 24] source: हे प्रभु, मैं देश-देश के लोगों के बीच तेरा धन्यवाद करूँगा; मैं राज्य-राज्य के लोगों के बीच में तेरा भजन गाऊँगा। target: [26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 32, 40, 42,...
यहोवा का धन्यवाद करना भला है, हे परमप्रधान, तेरे नाम का भजन गाना;
[170, 4, 6, 172, 14, 174, 10, 176, 26, 70]
source: परन्तु यह जान लो कि यदि घर का स्वामी जानता होता कि चोर किस पहर आएगा, तो जागता रहता; और अपने घर में चोरी नहीं होने देता। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 4, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: वह अपने घर को फिर लौट न आएगा, और न अपने स्थान में फिर मिलेगा। target: [28, 52, ...
परन्तु तुम यह जान रखो, कि यदि घर का स्वामी जानता, कि चोर किस घड़ी आएगा, तो जागता रहता, और अपने घर में सेंध लगने न देता।
[402, 404, 406, 408, 10, 12, 60, 4, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 40, 380, 44, 68, 46, 48, 50]
source: तब अंधों की आँखें खोली जाएँगी और बहरो के कान भी खोले जाएँगे; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20] source: मेरे दास के सिवाय कौन अंधा है? मेरे भेजे हुए दूत के तुल्य कौन बहरा है? मेरे मित्र के समान कौन अंधा या यहोवा के दास के तुल्य अंधा कौन है? target: [22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 22, 38, 26, 40, 30, 22,...
और लोगों ने एक बहरे को जो हक्ला भी था, उसके पास लाकर उससे विनती की, कि अपना हाथ उस पर रखे।
[158, 402, 404, 12, 406, 408, 122, 410, 412, 414, 12, 158, 416, 74, 418, 420, 422, 424, 20]
source: और लबानोन के सब देवदारों पर जो ऊँचे और बड़े हैं; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 4, 6, 8, 10, 22, 24] source: एक लम्बे पंखवाले, परों से भरे और रंग-बिरंगे बड़े उकाब पक्षी ने लबानोन जाकर एक देवदार की फुनगी नोच ली। target: [26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 58, 10, 60, 62] s...
देख, अश्शूर तो लबानोन का एक देवदार था जिसकी सुन्दर-सुन्दर शाखें, घनी छाया देतीं और बड़ी ऊँची थीं, और उसकी फुनगी बादलों तक पहुँचती थी।
[322, 324, 326, 10, 60, 328, 4, 20, 330, 112, 16, 332, 334, 196, 220, 14, 196, 58, 200, 336]
source: और इन्हें अपने हाथ पर चिन्ह के रूप में बाँधना, और ये तेरी आँखों के बीच टीके का काम दें। (मत्ती 23:5) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 14] source: “हे कपटी शास्त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय! तुम पोदीने और सौंफ और जीरे का दसवाँ अंश देते हो, परन्तु तुम ने व्यवस्था की गम्भीर बातों अर्थात् न्याय,...
“पर हे फरीसियों, तुम पर हाय! तुम पोदीने और सुदाब का, और सब भाँति के साग-पात का दसवाँ अंश देते हो, परन्तु न्याय को और परमेश्‍वर के प्रेम को टाल देते हो; चाहिए तो था कि इन्हें भी करते रहते और उन्हें भी न छोड़ते। (मत्ती 23:23, मीका 6:8, लैव्य. 27:30)
[348, 350, 352, 354, 40, 42, 14, 356, 14, 152, 358, 360, 50, 58, 14, 112, 206, 64, 362, 364, 72, 74, 76, 14, 78, 80, 64, 82]
source: ऊन और सनी की मिलावट से बना हुआ वस्त्र न पहनना। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: “फिर जिस वस्त्र में कोढ़ की व्याधि हो, चाहे वह वस्त्र ऊन का हो चाहे सनी का, target: [24, 26, 28, 30, 32, 12, 34, 36, 38, 10, 12, 36, 38, 6, 40] source: फिर यदि कोई पुरुष पशुगामी हो, तो पुरुष और पशु दोनों निश्चय ...
“तुम मेरी विधियों को निरन्तर मानना। अपने पशुओं को भिन्न जाति के पशुओं से मेल न खाने देना; अपने खेत में दो प्रकार के बीज इकट्ठे न बोना; और सनी और ऊन की मिलावट से बना हुआ वस्त्र न पहनना।
[68, 374, 376, 70, 378, 4, 162, 380, 70, 48, 382, 310, 84, 380, 52, 20, 384, 4, 162, 386, 30, 388, 390, 12, 392, 20, 394, 8, 6, 8, 10, 12, 396, 16, 18, 20, 22]
source: उसके सात बेटे और तीन बेटियाँ उत्‍पन्‍न हुई। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16] source: सब कुछ उसी के द्वारा उत्‍पन्‍न हुआ और जो कुछ उत्‍पन्‍न हुआ है, उसमें से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्‍पन्‍न न हुई। target: [18, 20, 22, 10, 24, 26, 22, 28, 30, 32, 22, 34] source: यहूदा और तामार से पेरेस व जेरह उत्‍पन्‍न हुए, और ...
जरुब्बाबेल से अबीहूद उत्‍पन्‍न हुआ, अबीहूद से एलयाकीम उत्‍पन्‍न हुआ, और एलयाकीम से अजोर उत्‍पन्‍न हुआ।
[198, 200, 202, 204, 206, 208, 56]
source: परमेश्‍वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिए नहीं भेजा, कि जगत पर दण्ड की आज्ञा दे, परन्तु इसलिए कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: क्योंकि मैं वह यहोवा हूँ जो तुम्हें मिस्र देश से इसलिए निकाल ले आया हूँ कि तुम्हारा परमेश्‍वर ठहरूँ; इसलिए...
तो जिसे पिता ने पवित्र ठहराकर जगत में भेजा है, तुम उससे कहते हो, ‘तू निन्दा करता है,’ इसलिए कि मैंने कहा, ‘मैं परमेश्‍वर का पुत्र हूँ।’
[280, 340, 342, 62, 344, 346, 10, 348, 154, 350, 38, 132, 134, 74, 352, 354, 58, 356, 358, 352, 58, 184, 360, 362]
source: फिर तीन वर्षों के बाद मैं कैफा से भेंट करने के लिये यरूशलेम को गया, और उसके पास पन्द्रह दिन तक रहा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 10, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 10, 36, 38, 40, 42] source: जब योआश राजा हुआ, तब वह सात वर्ष का था, और यरूशलेम में चालीस वर्ष तक राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम सिब्या थ...
तब परमेश्‍वर के भवन का काम जो यरूशलेम में है, रुक गया; और फारस के राजा दारा के राज्य के दूसरे वर्ष तक रुका रहा।
[4, 84, 10, 86, 54, 374, 80, 26, 66, 78, 376, 378, 32, 380, 10, 110, 382, 10, 48, 10, 330, 64, 276, 384, 42]
source: दूसरी पंक्ति में मरकत, नीलमणि और हीरा; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 12, 18] source: और दूसरी पंक्ति में मरकत, नीलमणि, और हीरा, target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 12, 18] source: उसके पत्थर नीलमणि का स्थान हैं, और उसी में सोने की धूलि भी है। target: [20, 14, 22, 24, 12, 26, 28, 30, 32] source: तू परमेश्‍वर क...
उस नगर की नींवें हर प्रकार के बहुमूल्य पत्थरों से संवारी हुई थी, पहली नींव यशब की, दूसरी नीलमणि की, तीसरी लालड़ी की, चौथी मरकत की, (यशा. 54:11-12)
[276, 278, 280, 76, 42, 44, 46, 282, 284, 286, 64, 6, 14, 66, 114, 14, 288, 120, 56]
source: और तुझे आनन्द और हर्ष होगा और बहुत लोग उसके जन्म के कारण आनन्दित होंगे। target: [4, 6, 8, 4, 10, 12, 4, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28] source: वैसे ही तुम भी आनन्दित हो, और मेरे साथ आनन्द करो। target: [30, 32, 34, 36, 10, 38, 4, 40, 42, 10, 38, 44] source: मैंने ये बातें तुम से इसलिए कही हैं, कि मेरा आनन्द तुम...
तो क्या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इससे आनन्दित हूँ, और आनन्दित रहूँगा भी।
[62, 332, 334, 288, 336, 288, 328, 42, 338, 32, 192, 316, 340, 324, 342, 4, 50, 54, 344, 26, 218, 4, 346, 348]
source: अब सुलैमान ने यहोवा के नाम का एक भवन और अपना राजभवन बनाने का विचार किया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 14, 28, 30, 32, 24, 34] source: मेरे पिता दाऊद की यह इच्छा तो थी कि इस्राएल के परमेश्‍वर यहोवा के नाम का एक भवन बनाए। target: [26, 36, 38, 40, 20, 42, 44, 46, 12, 48, 20, 50, 18, 20, 22...
फिर हीराम ने यह भी लिखा, “धन्य है इस्राएल का परमेश्‍वर यहोवा, जो आकाश और पृथ्वी का सृजनहार है, और उसने दाऊद राजा को एक बुद्धिमान, चतुर और समझदार पुत्र दिया है, ताकि वह यहोवा का एक भवन और अपना राजभवन भी बनाए।
[288, 8, 56, 18, 48, 58, 50, 64, 8, 290, 292, 294, 80, 296, 298, 62, 12, 78, 8, 40, 164, 80, 14, 200, 300, 292, 248, 302, 304, 306, 12, 78, 14, 16, 18, 20, 24, 292, 14, 28, 30, 32, 24, 52]
source: “उस दिन जो छत पर हो; और उसका सामान घर में हो, वह उसे लेने को न उतरे, और वैसे ही जो खेत में हो वह पीछे न लौटे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 28] source: जो छत पर हो, वह अपने घर में से सामान लेने को न उतरे। target: [42, 8, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 24, 58, 28]...
और जिस किसी घर में तुम उतरो, वहीं रहो; और वहीं से विदा हो।
[152, 318, 236, 156, 4, 320, 322, 164, 166, 28]
source: परन्तु यदि मैं वही करता हूँ जिसकी इच्छा नहीं करता, तो उसका करनेवाला मैं न रहा, परन्तु पाप जो मुझ में बसा हुआ है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 10, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34] source: और जो मैं करता हूँ उसको नहीं जानता, क्योंकि जो मैं चाहता हूँ वह नहीं किया करता, परन्तु जिससे मुझे घृणा आती है, वही कर...
क्योंकि जिस अच्छे काम की मैं इच्छा करता हूँ, वह तो नहीं करता, परन्तु जिस बुराई की इच्छा नहीं करता, वही किया करता हूँ।
[42, 26, 270, 46, 48, 24, 26, 272, 10, 274, 16, 276]
source: तराई के फाटक की मरम्मत हानून और जानोह के निवासियों ने की; उन्होंने उसको बनाया, और उसके ताले, बेंड़े और पल्ले लगाए, और हजार हाथ की शहरपनाह को भी अर्थात् कूड़ाफाटक तक बनाया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 28, 44, 46, 48, 36, 50, 52, 54, 56, 36, 58, 60, 62, 64...
कूड़ाफाटक की मरम्मत रेकाब के पुत्र मल्किय्याह ने की, जो बेथक्केरेम के जिले का हाकिम था; उसी ने उसको बनाया, और उसके ताले, बेंड़े और पल्ले लगाए।
[382, 78, 114, 116, 30, 384, 32, 386, 114, 388, 46, 138, 390, 292, 150, 32, 284, 392, 10, 88, 160, 394, 46, 242, 396, 54, 56]
source: इसलिए एली ने शमूएल से कहा, “जा लेटा रह; और यदि वह तुझे फिर पुकारे, तो तू कहना, 'हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।' तब शमूएल अपने स्थान पर जाकर लेट गया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 16, 42, 44, 46, 48] source: हेरोदी शम्मा, और एलीका, target: [50, 52, ...
फिर शमूएल लोगों से कहने लगा, “जो मूसा और हारून को ठहराकर तुम्हारे पूर्वजों को मिस्र देश से निकाल लाया वह यहोवा ही है*।
[74, 88, 8, 314, 12, 316, 318, 320, 268, 16, 270, 322, 320, 274, 276, 42, 324, 260, 326]
source: हे यहोवा, कब तक*? क्या तू सदा के लिए क्रोधित रहेगा? तुझ में आग की सी जलन कब तक भड़कती रहेगी? target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 8, 22, 24, 26, 28, 30] source: हे यहोवा, दुष्ट लोग कब तक, दुष्ट लोग कब तक डींग मारते रहेंगे? target: [4, 32, 8, 22, 34, 8, 22, 36, 38, 40] source: “तुम कब तक मेरे प्राण को दुःख ...
हे यहोवा, तू कब तक लगातार मुँह फेरे रहेगा, तेरी जलजलाहट कब तक आग के समान भड़की रहेगी।
[4, 32, 8, 10, 12, 52, 110, 262, 264, 8, 22, 266, 26, 28, 268]
source: तू वेश्यापन की कमाई या कुत्ते की कमाई किसी मन्नत को पूरी करने के लिये अपने परमेश्‍वर यहोवा के घर में न लाना; क्योंकि तेरे परमेश्‍वर यहोवा के समीप ये दोनों की दोनों कमाई घृणित कर्म है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 32, 56, 36, 30, 58...
“देख, परमेश्‍वर न तो खरे मनुष्य को निकम्मा जानकर छोड़ देता है*, और न बुराई करनेवालों को संभालता है।
[316, 36, 318, 320, 24, 44, 322, 12, 44, 324, 38, 264, 24, 326]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292]
source: शाऊल और इस्राएली पुरुषों ने भी इकट्ठे होकर एला नामक तराई में डेरे डाले, और युद्ध के लिये पलिश्तियों के विरुद्ध पाँति बाँधी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: और सब इस्राएलियों ने यह समाचार सुना कि शाऊल ने पलिश्तियों की चौकी को मारा है, और यह भी कि पलिश्ती इस्राएल ...
जब पलिश्ती इकट्ठे हुए और शूनेम में छावनी डाली, तो शाऊल ने सब इस्राएलियों को इकट्ठा किया, और उन्होंने गिलबो में छावनी डाली।
[166, 14, 188, 344, 346, 162, 164, 18, 38, 60, 348, 14, 350, 322, 170, 162, 172]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24]
source: और बछड़ों, और मेढ़ों, और भेड़ के बच्चों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ, उनकी गिनती के अनुसार, और नियम के अनुसार चढ़ाना। target: [4, 6, 8, 4, 10, 12, 14, 16, 18, 12, 20, 22, 4, 24, 26, 28, 18, 22, 30, 4, 32, 34, 36] source: और बछड़ों, और मेढ़ों, और भेड़ के बच्चों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ, उनकी गिनती के अनुसार और...
और बछड़ों, और मेढ़ों, और भेड़ के बच्चों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ, उनकी गिनती के अनुसार, और नियम के अनुसार चढ़ाना।
[4, 6, 8, 4, 10, 12, 14, 16, 18, 12, 20, 22, 4, 24, 26, 28, 18, 22, 30, 4, 32, 34, 36]
source: और मैं तेरे गीतों का सुरताल बन्द करूँगा, और तेरी वीणाओं की ध्वनि फिर सुनाई न देगी। (प्रका. 18:22) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 4, 18, 20] source: और यूसुफ अपने पिता का, और अपने भाइयों का, और पिता के सारे घराने का, एक-एक के बाल-बच्चों की गिनती के अनुसार, भोजन दिला-दिलाकर उनका पालन-पोषण करने लगा। target: [22...
और हे पिताओं, अपने बच्चों को रिस न दिलाओ परन्तु प्रभु की शिक्षा, और चेतावनी देते हुए, उनका पालन-पोषण करो। (व्य. 6:7, नीति. 3:11-12 नीति. 19:18, नीति. 22:6, कुलु. 3:2)
[382, 52, 384, 204, 320, 386, 252, 388, 390, 32, 392, 394, 396, 398, 400]
source: वे, 'शान्ति है, शान्ति', ऐसा कह कहकर मेरी प्रजा के घाव को ऊपर ही ऊपर चंगा करते हैं, परन्तु शान्ति कुछ भी नहीं। (यहे. 13:10) target: [4, 6, 8, 10, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: करूब सन्दूक के स्थान के ऊपर पंख ऐसे फैलाए हुए थे, कि वे ऊपर से सन्दूक और उसके डंडों को ढाँके थे। target: [32, 34, ...
उन्होंने, 'शान्ति है, शान्ति' ऐसा कह कहकर मेरी प्रजा के घाव को ऊपर ही ऊपर चंगा किया, परन्तु शान्ति कुछ भी नहीं है। (यहे. 13:10)
[366, 6, 368, 370, 10, 10, 12, 372, 16, 18, 374, 376, 378, 24, 380, 382, 30]
source: जो कंगाल पर अंधेर करता, वह उसके कर्ता की निन्दा करता है, परन्तु जो दरिद्र पर अनुग्रह करता, वह उसकी महिमा करता है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 4, 26, 28, 12, 14, 30, 32, 34] source: दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है। target: [36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: और ...
क्योंकि प्रभु, जिससे प्रेम करता है, उसको अनुशासित भी करता है; और जिसे पुत्र बना लेता है, उसको ताड़ना भी देता है ।”
[52, 162, 336, 164, 246, 186, 14, 338, 12, 98, 340, 14, 342, 344, 144, 346, 348, 350, 14, 338, 34]
source: तुझे यह भी निश्चित होगा, कि मेरे बहुत वंश होंगे, और मेरी सन्तान पृथ्वी की घास के तुल्य बहुत होंगी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26] source: क्योंकि बहुत बुद्धि के साथ बहुत खेद भी होता है, और जो अपना ज्ञान बढ़ाता है वह अपना दुःख भी बढ़ाता है। target: [28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 32, ...
और यहोवा के दूत ने उससे कहा, “मैं तेरे वंश को बहुत बढ़ाऊँगा,* यहाँ तक कि बहुतायत के कारण उसकी गिनती न हो सकेगी।”
[314, 316, 318, 148, 320, 322, 18, 324, 326, 328, 330, 332, 100, 334, 336, 338, 340]
source: फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा, “तुम दोनों भट्ठी में से एक-एक मुट्ठी राख* ले लो, और मूसा उसे फ़िरौन के सामने आकाश की ओर उड़ा दे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32] source: मैं तुझ पर ऐसी विपत्ति डालूँगा, कि तुझे पूरी रीति से मिटा डालूँगा; और तेरे घर के एक-एक लड़के को और क्या बन...
फिर मैंने एक और स्वर्गदूत को आकाश के बीच में उड़ते हुए देखा जिसके पास पृथ्वी पर के रहनेवालों की हर एक जाति, कुल, भाषा, और लोगों को सुनाने के लिये सनातन सुसमाचार था।
[138, 398, 400, 198, 188, 202, 204, 402, 404, 406, 236, 238, 156, 408, 410, 412, 414, 10, 156, 416, 418, 420, 422, 418, 302]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224]
source: और भीड़ उसके आस-पास बैठी थी, और उन्होंने उससे कहा, “देख, तेरी माता और तेरे भाई बाहर तुझे ढूँढ़ते हैं।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: और यहूदा के राजा आसा के राज्य के तीसरे वर्ष में बाशा ने नादाब को मार डाला, और उसके स्थान पर राजा बन गया। target: [38, 40, 42, 4...
और उन पर जो उसके आस-पास बैठे थे, दृष्टि करके कहा, “देखो, मेरी माता और मेरे भाई यह हैं।
[54, 228, 336, 338, 340, 342, 344, 346, 348, 350, 20, 86, 352, 354]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224]
source: पेकह के और सब काम जो उसने किए वह इस्राएल के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में लिखे हैं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 32, 36, 6, 38, 40, 42, 44, 46] source: एला के और सब काम जो उसने किए, वह क्या इस्राएल के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे हैं। target: [48, 50, 8, 52,...
जकर्याह के और काम इस्राएल के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में लिखे हैं।
[26, 146, 6, 8, 10, 30, 32, 34, 32, 36, 6, 38, 40, 182, 184, 46]
source: तब योआब ने दूत को भेजकर दाऊद को युद्ध का पूरा हाल बताया; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32] source: तब दाऊद कहने लगा, “यहोवा परमेश्‍वर का भवन यही है*, और इस्राएल के लिये होमबलि की वेदी यही है।” target: [4, 28, 8, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 36, 38, 50, 52, 54, 56, 22, 58, 60] ...
तब योनातान दाऊद से कहने लगा, “इस्राएल के परमेश्‍वर यहोवा की शपथ, जब मैं कल या परसों इसी समय अपने पिता का भेद पाऊँ, तब यदि दाऊद की भलाई देखूँ, तो क्या मैं उसी समय तेरे पास दूत भेजकर तुझे न बताऊँगा?
[4, 332, 8, 28, 30, 34, 334, 40, 50, 52, 336, 110, 338, 228, 340, 342, 344, 188, 304, 30, 346, 48, 348, 284, 114, 22, 350, 28, 52, 352, 70, 302, 48, 354, 72, 26, 294, 356, 48, 288, 294, 358]
source: यहोवा सारी जातियों के ऊपर महान है, और उसकी महिमा आकाश से भी ऊँची है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24] source: यहोवा का दाहिना हाथ महान हुआ है, यहोवा के दाहिने हाथ से पराक्रम का काम होता है! target: [26, 28, 30, 10, 32, 24, 26, 28, 34, 36, 38, 40, 24] source: हे देश-देश के कुल के लोगों, यहोवा का...
हे यहोवा! महिमा, पराक्रम, शोभा, सामर्थ्य और वैभव, तेरा ही है; क्योंकि आकाश और पृथ्वी में जो कुछ है, वह तेरा ही है; हे यहोवा! राज्य तेरा है, और तू सभी के ऊपर मुख्य और महान ठहरा है। (प्रका. 5:12-13)
[42, 166, 312, 314, 316, 36, 14, 318, 96, 320, 24, 128, 322, 14, 324, 326, 6, 204, 96, 328, 24, 42, 166, 90, 96, 48, 14, 176, 82, 330, 332, 334, 336, 10, 338, 126, 24]
source: और मिद्यानियों के कारण इस्राएली बड़ी दुर्दशा में पड़ गए; तब इस्राएलियों ने यहोवा की दुहाई दी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: तब उसने इस्राएलियों से कहा, “इस्राएल का परमेश्‍वर यहोवा यह कहता है, 'मैं तो इस्राएल को मिस्र देश से निकाल लाया, और तुम को मिस्रियों के हाथ से, और उन...
तब इस्राएल को यूसुफ के पुत्र देख पड़े, और उसने पूछा, “ये कौन हैं?”
[78, 22, 270, 334, 336, 244, 18, 108, 338, 340]
source: वे मिलापवाले तम्बू के सम्पूर्ण सामान की और इस्राएलियों की सौंपी हुई वस्तुओं की भी देख-रेख करें, इस प्रकार वे निवास-स्थान की सेवा करें। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 4, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 18, 38] source: परन्तु वे अपने भाई-बन्धुओं के साथ मिलापवाले तम्बू के पास रक्षा का काम किया करें, और ...
अतः वे तुझसे मिल जाएँ, और मिलापवाले तम्बू की सारी सेवकाई की वस्तुओं की रक्षा किया करें; परन्तु जो तेरे कुल का न हो वह तुम लोगों के समीप न आने पाए।
[328, 150, 22, 330, 120, 332, 90, 76, 334, 336, 338, 340, 150, 20, 342, 344, 38, 150, 346, 90, 12, 348, 350, 170, 352, 354, 356, 20, 6, 8, 106, 298, 18, 38, 76, 78, 358, 360, 336, 338, 38]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292]
source: हाय, प्रभु मैं क्या कहूँ, जब इस्राएलियों ने अपने शत्रुओं को पीठ दिखाई है! target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24] source: तब यहोवा ने उस पर दृष्टि करके कहा, “अपनी इसी शक्ति पर जा और तू इस्राएलियों को मिद्यानियों के हाथ से छुड़ाएगा; क्या मैंने तुझे नहीं भेजा?” target: [26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 10, 4...
इस कारण प्रभु सेनाओं के यहोवा, इस्राएल के शक्तिमान की यह वाणी है: “सुनो, मैं अपने शत्रुओं को दूर करके शान्ति पाऊँगा, और अपने बैरियों से बदला लूँगा।
[330, 6, 332, 334, 326, 336, 164, 4, 338, 340, 342, 344, 346, 20, 116, 348, 262, 350, 34, 116, 352, 354, 20, 356, 274, 358]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224]
source: तो भी हे मेरे परमेश्‍वर यहोवा, अपने दास की प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट की ओर ध्यान दे और मेरी पुकार और यह प्रार्थना सुन, जो मैं तेरे सामने कर रहा हूँ। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 6, 30, 12, 14, 32, 34, 36, 38] source: तो भी हे मेरे परमेश्‍वर यहोवा! अपने दास की प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट...
जब सुलैमान यहोवा से यह सब प्रार्थना गिड़गिड़ाहट के साथ कर चुका, तब वह जो घुटने टेके और आकाश की ओर हाथ फैलाए हुए था, यहोवा की वेदी के सामने से उठा,
[278, 280, 282, 284, 42, 136, 286, 124, 288, 62, 190, 10, 42, 290, 206, 292, 294, 164, 296, 298]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292]
source: योनातान ने शाऊल से कहा, “दाऊद ने बैतलहम जाने के लिये मुझसे विनती करके छुट्टी माँगी; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: और दाऊद बैतलहम में अपने पिता की भेड़ बकरियाँ चराने को शाऊल के पास से आया-जाया करता था। target: [32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 46, 56, 58, 30...
दाऊद यहूदा के बैतलहम के उस एप्राती पुरुष का पुत्र था, जिसका नाम यिशै था, और उसके आठ पुत्र थे और वह पुरुष शाऊल के दिनों में बूढ़ा और निर्बल हो गया था।
[432, 380, 426, 434, 424, 230, 436, 438, 440, 210, 30, 212, 442, 444, 424, 230, 30, 78, 446, 440, 448, 450, 344, 452, 184, 454, 230, 30]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292]
source: “जमानत दे, अपने और मेरे बीच में तू ही जामिन हो; कौन है जो मेरे हाथ पर हाथ मारे? target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26] source: जल पत्थर के समान जम जाता है, और गहरे पानी के ऊपर जमावट होती है। target: [28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46] source: हमारे परमेश्‍वर यहोवा के तुल्य कौन है? वह तो ऊँचे...
जल-प्रलय के समय यहोवा विराजमान था; और यहोवा सर्वदा के लिये राजा होकर विराजमान रहता है।
[264, 108, 302, 304, 272, 306, 308, 264, 310, 32, 224, 272, 312, 314]
source: फिर उसने कहा, “तीरों को ले;” और जब उसने उन्हें लिया, तब उसने इस्राएल के राजा से कहा, “भूमि पर मार;” तब वह तीन बार मार कर ठहर गया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 14, 36, 38, 30, 40, 22, 42, 44] source: चेलों ने जैसा यीशु ने कहा था, वैसा ही उनसे कह दिया; तब उन्होंने उन्हें ज...
तब उन्होंने अपने पिता याकूब से यूसुफ की सारी बातें, जो उसने उनसे कहीं थीं, कह दीं; जब उसने उन गाड़ियों को देखा, जो यूसुफ ने उसके ले आने के लिये भेजी थीं, तब उसका चित्त स्थिर हो गया।
[312, 46, 62, 168, 314, 316, 318, 320, 22, 168, 62, 322, 98, 324, 326, 328, 330, 332, 56, 334, 186, 100, 336, 338]
source: तब सैन्य-दल के सरदार ने जवान को यह निर्देश देकर विदा किया, “किसी से न कहना कि तूने मुझ को ये बातें बताई हैं।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 8, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38] source: अपने जवानों से यह बात पूछ ले, और वे तुझको बताएँगे। अतः इन जवानों पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि हो; हम तो आनन्द के समय...
तब बूजी बारकेल का पुत्र एलीहू कहने लगा, “मैं तो जवान हूँ, और तुम बहुत बूढ़े हो; इस कारण मैं रुका रहा, और अपना विचार तुम को बताने से डरता था।
[206, 400, 402, 404, 406, 408, 410, 412, 414, 78, 82, 126, 416, 14, 254, 250, 418, 420, 422, 126, 424, 426, 428, 262, 430, 124, 284, 432, 434, 436, 438]
source: 'श्रापित हो वह जो अपने पिता या माता को तुच्छ जाने।' तब सब लोग कहें, 'आमीन।' target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: 'श्रापित हो वह जो अपनी सास के संग कुकर्म करे।' तब सब लोग कहें, 'आमीन।' target: [4, 6, 8, 10, 18, 38, 40, 42, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: 'श्रापित हो व...
'श्रापित हो वह जो किसी को छिपकर मारे।' तब सब लोग कहें, 'आमीन।'
[44, 6, 8, 10, 12, 60, 66, 226, 50, 228, 58, 30, 32, 34, 36]
source: हे जाति-जाति के लोगों, सुनने के लिये निकट आओ, और हे राज्य-राज्य के लोगों, ध्यान से सुनो! पृथ्वी भी, और जो कुछ उसमें है, जगत और जो कुछ उसमें उत्‍पन्‍न होता है, सब सुनो। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 4, 16, 18, 20, 22, 12, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40] source: और लोग जाति-जाति के तेज और वैभव का सामान उसमें ...
पृथ्वी और जो कुछ उसमें है यहोवा ही का है; जगत और उसमें निवास करनेवाले भी।
[358, 30, 360, 362, 364, 366, 28, 30, 368, 36, 370, 372, 296]
source: उसके बड़े-बड़े फाल छोटे हो जाएँगे और वह अपनी ही युक्ति के द्वारा गिरेगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 4, 18, 20, 22, 24, 26, 28] source: राजा के सामने अपनी बड़ाई न करना और बड़े लोगों के स्थान में खड़ा न होना*; target: [30, 6, 32, 34, 36, 38, 40, 16, 42, 44, 6, 46, 48, 50, 38, 52] source: जो बड़े-बड़े हाकिम...
फिर मैंने आँख उठाकर देखा, कि उस नदी के सामने दो सींगवाला एक मेढ़ा खड़ा है, उसके दोनों सींग बड़े हैं, परन्तु उनमें से एक अधिक बड़ा है, और जो बड़ा है, वह दूसरे के बाद निकला।
[370, 372, 374, 124, 376, 296, 378, 130, 380, 382, 6, 384, 96, 386, 50, 140, 388, 6, 298, 390, 104, 16, 4, 392, 394, 104, 396, 96, 98, 100, 398, 140, 16, 398, 98, 100, 400, 402, 212]
source: फिर उसने कुर्सियाँ और कुर्सियों पर की हौदियाँ, target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 8, 16, 18, 20] source: “हे बुद्धिमानों! मेरी बातें सुनो, हे ज्ञानियों! मेरी बात पर कान लगाओ, target: [22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44] source: हे मेरे पुत्र, तू व्यभिचारिणी पर क्यों मोहित हो, और पराई स्त्री को क्यों छाती...
और उसने निवास के द्वार पर पर्दे को लगाया।
[212, 4, 6, 292, 124, 294, 296, 298, 300]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292]
source: तब वृक्षों ने अंजीर के वृक्ष से कहा, 'तू आकर हम पर राज्य कर।' target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: उसने उससे कहा, “मैं आकर उसे चंगा करूँगा।” target: [24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38] source: तब वह भीड़ को छोड़कर घर में आया, और उसके चेलों ने उसके पास आकर कहा, “खेत के जंगली दाने का दृष्टान्त हमें ...
उस दास ने आकर अपने स्वामी को ये बातें कह सुनाईं। तब घर के स्वामी ने क्रोध में आकर अपने दास से कहा, ‘नगर के बाजारों और गलियों में तुरन्त जाकर कंगालों, टुण्डों, लँगड़ों और अंधों को यहाँ ले आओ।’
[292, 294, 34, 296, 8, 298, 300, 302, 304, 306, 76, 34, 8, 308, 14, 310, 168, 48, 312, 34, 314, 316, 318, 34, 320, 34, 322, 34, 324, 326, 328]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292]
source: धन्य है तेरा परमेश्‍वर यहोवा, जो तुझसे ऐसा प्रसन्‍न हुआ, कि तुझे अपनी राजगद्दी पर इसलिए विराजमान किया कि तू अपने परमेश्‍वर यहोवा की ओर से राज्य करे; तेरा परमेश्‍वर जो इस्राएल से प्रेम करके उन्हें सदा के लिये स्थिर करना चाहता था, इसी कारण उसने तुझे न्याय और धर्म करने को उनका राजा बना दिया।” target: [4, 6, 8, 10,...
धन्य है तेरा परमेश्‍वर यहोवा*! जो तुझ से ऐसा प्रसन्‍न हुआ कि तुझे इस्राएल की राजगद्दी पर विराजमान किया यहोवा इस्राएल से सदा प्रेम रखता है, इस कारण उसने तुझे न्याय और धर्म करने को राजा बना दिया है।”
[4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 208, 88, 346, 34, 12, 298, 42, 36, 348, 48, 50, 28, 52, 54, 18, 56, 58, 60]
source: पर ज्यों-ज्यों वे उनको दुःख देते गए त्यों-त्यों वे बढ़ते और फैलते चले गए; इसलिए वे इस्राएलियों से अत्यन्त डर गए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44] source: फिर इस्राएल मिस्र में आया; और याकूब हाम के देश में रहा। target: [46, 38, 48, 50, 52, 54, 56, 58, 60, ...
जब फ़िरौन निकट आया, तब इस्राएलियों ने आँखें उठाकर क्या देखा, कि मिस्री हमारा पीछा किए चले आ रहे हैं; और इस्राएली अत्यन्त डर गए, और चिल्लाकर यहोवा की दुहाई दी।
[80, 288, 290, 292, 36, 38, 294, 296, 18, 298, 30, 300, 24, 72, 302, 18, 304, 90, 82, 240]
source: यदि मैं औरों के लिये प्रेरित नहीं, फिर भी तुम्हारे लिये तो हूँ; क्योंकि तुम प्रभु में मेरी प्रेरिताई पर छाप हो। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 8, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 22] source: क्योंकि यदि मैंने उसके सामने तुम्हारे विषय में कुछ घमण्ड दिखाया, तो लज्जित नहीं हुआ, परन्तु जैसे हमने तुम स...
क्योंकि यदि मैं उस अधिकार के विषय में और भी घमण्ड दिखाऊँ, जो प्रभु ने तुम्हारे बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये हमें दिया है, तो लज्जित न हूँगा।
[40, 344, 58, 346, 102, 348, 58, 350, 102, 118, 352, 354, 336, 356, 44, 186, 120, 358, 26, 110, 190, 206, 78, 4, 360, 362, 22]
source: और स्वर्ग से मुझे एक ऐसा शब्द सुनाई दिया, जो जल की बहुत धाराओं और बड़े गर्जन के जैसा शब्द था*, और जो शब्द मैंने सुना वह ऐसा था, मानो वीणा बजानेवाले वीणा बजाते हों। (यहे. 43:2) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 12, 22, 38, 40, 32, 42, 44] source: वे डफ और वीणा बजाते हुए गा...
ऊँचे शब्दवाली झाँझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो; आनन्द के महाशब्दवाली झाँझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो!
[54, 354, 356, 86, 90, 54, 354, 358, 360, 86, 362]
source: और उसकी लोथ में से जो कोई कुछ खाए वह अपने वस्त्र धोए और सांझ तक अशुद्ध रहे; और जो कोई उसकी लोथ उठाए वह भी अपने वस्त्र धोए और सांझ तक अशुद्ध रहे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 4, 34, 36, 38, 10, 12, 14, 16, 40, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32] source: और जो कोई किसी वस्तु को छूए जि...
और जो कोई किसी वस्तु को जो उसके नीचे रही हो छूए, वह सांझ तक अशुद्ध रहें; और जो कोई ऐसी किसी वस्तु को उठाए वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और सांझ तक अशुद्ध रहे।
[230, 152, 232, 234, 146, 46, 48, 10, 72, 60, 26, 74, 118, 20, 236, 238, 84, 10, 12, 14, 16, 40, 20, 54, 78, 20, 60, 22, 26, 28, 30, 32]
source: वरन् हमने अपने मन में समझ लिया था, कि हम पर मृत्यु की सजा हो चुकी है कि हम अपना भरोसा न रखें, वरन् परमेश्‍वर का जो मरे हुओं को जिलाता है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 10, 12] source: यहोवा की शरण लेना, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है। target: [42, 32, 44, 46...
तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन् सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना*।
[322, 324, 136, 326, 32, 328, 130, 322, 330, 332, 334, 336, 12]
source: और जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थी, उसके अनुसार उन्होंने मिद्यानियों से युद्ध करके सब पुरुषों को घात किया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24] source: और वह यहोवा के लिये होमबलि करके एक वर्ष का एक निर्दोष भेड़ का बच्चा पापबलि करके, और एक वर्ष की एक निर्दोष भेड़ की बच्ची, और मेलबलि के लिये एक निर्द...
तब उसने उन्हें नमस्कार करके, जो-जो काम परमेश्‍वर ने उसकी सेवकाई के द्वारा अन्यजातियों में किए थे, एक-एक करके सब बताया।
[374, 140, 376, 378, 236, 380, 168, 382, 384, 386, 388, 220, 390, 392, 394, 396, 398, 400]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224]
source: तब उसने उन्हें चेतावनी देकर कहा, “यह किसी से न कहना।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24] source: मिश्मा, दूमा, मस्सा, target: [26, 28, 30] source: उसके माता-पिता चकित हुए, परन्तु उसने उन्हें चेतावनी दी, कि यह जो हुआ है, किसी से न कहना। target: [32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 8, 10, 50, 52, 5...
तब उसने चेलों को चेतावनी दी, “किसी से न कहना! कि मैं मसीह हूँ।”
[114, 16, 136, 246, 58, 144, 48, 94, 146, 10, 50, 52, 20, 56]
source: और तू जानेगी कि सेनाओं के यहोवा ने मुझे तेरे पास भेज दिया है। और यहोवा यहूदा को पवित्र देश में अपना भाग कर लेगा, और यरूशलेम को फिर अपना ठहराएगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28] source: उन्होंने ऐसा ही किया, और यरूशलेम, हेब्रोन, यर्मूत, लाकीश, और एग्लोन के उन पाँचों राजाओं को गुफा में स...
तब यहूदा और यरूशलेम की भेंट यहोवा को ऐसी भाएगी, जैसी पहले दिनों में और प्राचीनकाल में भाती थी।।
[292, 294, 6, 38, 26, 296, 4, 298, 300, 302, 304, 306, 308, 310]
source: तब अपने देश के बीच जिसका अधिकारी तेरा परमेश्‍वर यहोवा तुझे कर देता है तीन नगर अपने लिये अलग कर देना। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32] source: तब उसका माँस उसी स्थान में जिसे तेरा परमेश्‍वर यहोवा चुन ले भूँजकर खाना; फिर सवेरे को उठकर अपने-अपने डेरे को लौट जाना। target: [6, 8, 10,...
तब तुम घात में से उठकर नगर को अपना कर लेना; क्योंकि तुम्हारा परमेश्‍वर यहोवा उसको तुम्हारे हाथ में कर देगा।
[50, 28, 438, 440, 108, 442, 444, 446, 334, 248, 8, 10, 162, 448, 450, 452, 312]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268]
source: कुछ छिपा नहीं, जो प्रगट न हो; और न कुछ गुप्त है, जो जाना न जाए, और प्रगट न हो। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 12, 22, 18, 24] source: वे यहोवा की महिमा प्रगट करें और द्वीपों में उसका गुणानुवाद करें। target: [26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42] source: और उन्हें चेतावनी दी, कि मुझे प्रगट न करना। targe...
जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे।
[76, 292, 80, 112, 294, 296, 276, 298, 36, 300, 302]
source: मैं समुद्र को उसके हाथ के नीचे और महानदों को उसके दाहिने हाथ के नीचे कर दूँगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 6, 14, 16, 18, 20, 22] source: इन पाँचों ने सिद्दीम नामक तराई में, जो खारे नदी के पास है, एका किया। target: [24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 22] source: वे वायु से उड़ जानेवाली भूसी के समान ह...
उसकी आँखें उन कबूतरों के समान हैं जो दूध में नहाकर नदी के किनारे अपने झुण्ड में एक कतार से बैठे हुए हों।
[344, 346, 348, 350, 352, 354, 356, 358, 360, 362, 364, 366, 368, 370, 22]
source: दुष्टों से उनका उजियाला रोक लिया जाता है, और उनकी बढ़ाई हुई बाँह तोड़ी जाती है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20] source: मैं अपना हाथ उनके विरुद्ध बढ़ाकर उस देश को सारे घरों समेत जंगल से ले दिबला की ओर तक उजाड़ ही उजाड़ कर दूँगा। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।” target: [22, 24, 26, 28, 14, 30, 32, 1...
मैं उनको तेरे आगे से एक ही वर्ष में तो न निकाल दूँगा, ऐसा न हो कि देश उजाड़ हो जाए, और जंगली पशु बढ़कर तुझे दुःख देने लगें।
[72, 6, 304, 306, 308, 310, 312, 96, 30, 314, 316, 14, 318, 254, 320, 322, 324]
source: क्योंकि मेरी आँखों ने तेरे उद्धार को देख लिया है। target: [4, 6, 8, 10, 12] source: परन्तु उदार मनुष्य उदारता ही की युक्तियाँ निकालता है, वह उदारता में स्थिर भी रहेगा। target: [14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34] source: तू तो धर्मी है, मुझे छुड़ा और मेरा उद्धार कर; मेरी ओर कान लगा, और मेरा उद्धार कर। t...
क्योंकि यदि मैं तुम्हें उदास करूँ, तो मुझे आनन्द देनेवाला कौन होगा, केवल वही जिसको मैंने उदास किया?
[124, 146, 266, 268, 270, 272, 274, 276, 278, 112, 280, 136, 282, 284]
source: “इस प्रकार से तुम इस्राएलियों को उनकी अशुद्धता से अलग रखा करो, कहीं ऐसा न हो कि वे यहोवा के निवास को* जो उनके बीच में है अशुद्ध करके अपनी अशुद्धता में फँसकर मर जाएँ।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 18, 38, 40, 42, 44, 46, 12, 48, 50, 52, 14, 38, 54, 56, 58, 4, 40, 60, ...
और वह इस्राएलियों की भाँति-भाँति की अशुद्धता, और अपराधों, और उनके सब पापों के कारण पवित्रस्‍थान के लिये प्रायश्चित करे; और मिलापवाले तम्बू जो उनके संग उनकी भाँति-भाँति की अशुद्धता के बीच रहता है* उसके लिये भी वह वैसा ही करे।
[58, 34, 10, 16, 332, 432, 58, 14, 38, 434, 58, 14, 38, 240, 302, 38, 436, 222, 224, 38, 64, 378, 174, 58, 438, 6, 386, 34, 374, 38, 46, 38, 64, 174, 206, 14, 16, 18, 38, 54, 440, 158]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268]
source: अतः वे पवित्र आत्मा के भेजे हुए सिलूकिया को गए; और वहाँ से जहाज पर चढ़कर साइप्रस को चले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 18, 34] source: और यूसुफ नामक, साइप्रस का एक लेवी था जिसका नाम प्रेरितों ने बरनबास अर्थात् (शान्ति का पुत्र) रखा था। target: [36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50,...
अतः ऐसा विवाद उठा कि वे एक दूसरे से अलग हो गए; और बरनबास, मरकुस को लेकर जहाज से साइप्रस को चला गया।
[328, 240, 200, 330, 332, 334, 336, 4, 62, 232, 136, 338, 236, 340, 66, 46, 88, 18, 98, 100, 30, 24, 342, 344, 66, 32, 18, 228, 276]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268]
source: बूढ़ों की शोभा उनके नाती पोते हैं; और बाल-बच्चों की शोभा उनके माता-पिता हैं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 8, 24, 26] source: और अपनी सामर्थ्य को बँधुवाई में जाने दिया, और अपनी शोभा को द्रोही के वश में कर दिया। target: [28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 14, 32, 34, 42, 44, 8, 46, 40, 8, 48] source: तब...
उसने अपने क्रोध का मार्ग खोला, और उनके प्राणों को मृत्यु से न बचाया, परन्तु उनको मरी के वश में कर दिया।
[28, 30, 346, 348, 234, 350, 352, 354, 28, 30, 50, 118, 356, 52, 358, 360, 96, 362, 364, 50, 118, 366, 52, 368, 8, 308, 88]
source: यहोवा यह कहता है: “गाज़ा के तीन क्या, वरन् चार अपराधों के कारण मैं उसका दण्ड न छोड़ूँगा; क्योंकि वे सब लोगों को बन्दी बनाकर ले गए कि उन्हें एदोम के वश में कर दें। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 14, 20, 22, 24, 14, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 58, 60, 62, 42, 64, 52, 66,...
यहोवा यह कहता है: “एदोम के तीन क्या, वरन् चार अपराधों के कारण मैं उसका दण्ड न छोड़ूँगा; क्योंकि उसने अपने भाई को तलवार लिए हुए खदेड़ा और कुछ भी दया न की, परन्तु क्रोध से उनको लगातार फाड़ता ही रहा, और अपने रोष को अनन्तकाल के लिये बनाए रहा।
[4, 6, 8, 10, 394, 74, 14, 16, 18, 14, 20, 22, 24, 14, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 144, 78, 396, 210, 250, 398, 88, 400, 302, 84, 116, 316, 52, 402, 158, 144, 88, 404, 406, 408, 212, 410, 84, 144, 78, 412, 414, 406, 122, 416, 418]
source: तब वह बलि किया गया, और मूसा ने लहू को लेकर उँगली से वेदी के चारों सींगों पर लगाकर पवित्र किया*, और लहू को वेदी के पाए पर उण्डेल दिया, और उसके लिये प्रायश्चित करके उसको पवित्र किया। (इब्रा. 9:21) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 12, 38, 10, 40, 42, 44, 46, 28, 48, 42, 50,...
तब वह बलि किया गया, और मूसा ने उसका लहू वेदी पर चारों ओर छिड़का। (इब्रा. 9:21)
[4, 6, 204, 10, 40, 138, 34, 140, 142, 54]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292]
source: वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्‍पन्‍न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहचाना। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28] source: और कूश से निम्रोद उत्‍पन्‍न हुआ; पृथ्वी पर पहला वीर वही हुआ। target: [30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 28] source: “क्या पहला मनुष्य तू ही उत्‍पन्‍न हुआ? क्या तेरी उत्...
जब यहोवा ने न तो पृथ्वी और न मैदान, न जगत की धूलि के परमाणु बनाए थे, इनसे पहले मैं उत्‍पन्‍न हुई।
[284, 286, 288, 290, 288, 292, 42, 294, 296, 218, 298, 300, 28]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292]
source: तब जो वाचा मैंने याकूब के संग बाँधी थी उसको मैं स्मरण करूँगा, और जो वाचा मैंने इसहाक से और जो वाचा मैंने अब्राहम से बाँधी थी उनको भी स्मरण करूँगा, और इस देश को भी मैं स्मरण करूँगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 10, 18, 20, 22, 24, 8, 26, 28, 30, 24, 8, 32, 10, 34, 36, 26, 38, 40, 10, 34, 42] source: जो वादा...
हे यहोवा, अपनी भलाई के कारण मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न कर*; अपनी करुणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।
[192, 194, 238, 444, 446, 172, 448, 450, 452, 454, 44, 46, 456, 458, 46, 460, 106, 34, 204]
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्‍वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव...
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12)
[234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24]
source: जब हिजकिय्याह राजा ने यह सुना, तब वह अपने वस्त्र फाड़, टाट ओढ़कर यहोवा के भवन में गया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 24, 36, 38, 40, 42] source: यहूदा के राजा हिजकिय्याह का लेख जो उसने लिखा जब वह रोगी होकर चंगा हो गया था, वह यह है: target: [44, 6, 46, 48, 50, 52, 54, 56, ...
जब हिजकिय्याह राजा ने यह सुना, तब वह अपने वस्त्र फाड़ और टाट ओढ़कर यहोवा के भवन में गया।
[4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 24, 36, 38, 40, 138]
source: श्रापित हो तू नगर में, श्रापित हो तू खेत में। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 4, 6, 8, 16, 18] source: “इस्राएलियों को आज्ञा दे, कि तुम अपने-अपने निज भाग की भूमि में से लेवियों को रहने के लिये नगर देना; और नगरों के चारों ओर की चराइयाँ भी उनको देना। target: [20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 22, 34, 36, 38, 40, 42, 44, ...
कनान देश के शीलो नगर में कहने लगे, “यहोवा ने मूसा के द्वारा हमें बसने के लिये नगर, और हमारे पशुओं के लिये उन्हीं नगरों की चराइयाँ भी देने की आज्ञा दी थी।
[222, 116, 222, 134, 348, 12, 146, 54, 350, 12, 352, 354, 28, 296, 116, 356, 54, 358, 24, 360, 362, 28, 336, 310, 46, 10, 14, 222, 122, 58, 364, 366, 46, 368, 192]
source: मैं परमेश्‍वर की दुहाई चिल्ला चिल्लाकर दूँगा, मैं परमेश्‍वर की दुहाई दूँगा, और वह मेरी ओर कान लगाएगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 4, 6, 8, 10, 12, 18, 20, 22, 24, 26, 16] source: डाकुओं के डेरे कुशल क्षेम से रहते हैं, और जो परमेश्‍वर को क्रोध दिलाते हैं, वह बहुत ही निडर रहते हैं; अर्थात् उनका ईश्वर उनकी म...
अतः क्या परमेश्‍वर अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा, जो रात-दिन उसकी दुहाई देते रहते; और क्या वह उनके विषय में देर करेगा?
[404, 60, 358, 62, 406, 12, 238, 250, 408, 410, 412, 414, 416, 20, 162, 404, 388, 418, 420, 422, 20, 162]