instruction stringlengths 51 6.92k | input stringlengths 1 707 | output stringlengths 3 549 |
|---|---|---|
source: उस दिन तुम मेरे नाम से माँगोगे, और मैं तुम से यह नहीं कहता, कि मैं तुम्हारे लिये पिता से विनती करूँगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 16, 28, 30, 32] source: तब उन्होंने कहा, “यह ‘थोड़ी देर’ जो वह कहता है, क्या बात है? हम नहीं जानते, कि क्या कहता है।” target: [34, 30, 36, 38, 40, 42, 26, ... | पर तुम थुआतीरा के बाकी लोगों से, जितने इस शिक्षा को नहीं मानते, और उन बातों को जिन्हें शैतान की गहरी बातें कहते हैं* नहीं जानते, यह कहता हूँ, कि मैं तुम पर और बोझ न डालूँगा। | [122, 360, 362, 364, 44, 366, 126, 236, 44, 368, 370, 372, 220, 112, 16, 374, 210, 376, 378, 380, 244, 26, 128, 382, 244, 384, 298, 136, 382, 386, 16, 366, 388, 390, 32] |
source: हे यहोवा! मेरी सुन, मेरी सुन, कि ये लोग जान लें कि हे यहोवा, तू ही परमेश्वर है, और तू ही उनका मन लौटा लेता है।” target: [4, 6, 8, 10, 4, 6, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 22, 28, 30, 32, 34, 36] source: तू खेत में गिरेगा, क्योंकि मैं ही ने ऐसा कहा है, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है। target: [38, 40, 42, 44, 4... | क्योंकि यहोवा ने तुझे ऐसा बुलाया है, मानो तू छोड़ी हुई और मन की दुःखिया और जवानी की त्यागी हुई स्त्री हो, तेरे परमेश्वर का यही वचन है। | [284, 286, 288, 88, 290, 292, 80, 294, 204, 296, 298, 284, 300, 20, 80, 302, 304, 306, 88, 308, 310, 312] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: और दरोगा जाग उठा, और बन्दीगृह के द्वार खुले देखकर समझा कि कैदी भाग गए, अतः उसने तलवार खींचकर अपने आपको मार डालना चाहा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 4, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: तब हाकिमों ने बारूक से कहा, “जा, तू अपने आपको और यिर्मयाह को छिपा, औ... | उसने उन्हें देखकर कहा, “जाओ; और अपने आपको याजकों को दिखाओ*।” और जाते ही जाते वे शुद्ध हो गए। (लैव्य. 14:2-3) | [58, 118, 62, 130, 132, 120, 52, 66, 366, 14, 48, 50, 52, 368, 52, 370, 14, 28, 372, 34, 170, 374, 114, 376, 148, 378] |
source: मैं उसको अपने पग-पग का हिसाब देता; मैं उसके निकट प्रधान के समान निडर जाता। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: “लोगों के विलाप करने के लिये विलाप का गीत यही है; जाति-जाति की स्त्रियाँ इसे गाएँगी; मिस्र और उसकी सारी भीड़ के विषय वे यही विलापगीत गाएँगी, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।” target: [... | “इस्राएल के प्रधानों के विषय तू यह विलापगीत सुना : | [284, 20, 286, 226, 288, 42] |
source: “इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यह कहता है मैंने बाबेल के राजा के जूए को तोड़ डाला है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: तू तो यह कहता है, 'मेरा सिद्धान्त शुद्ध है और मैं परमेश्वर की दृष्टि में पवित्र हूँ।' target: [24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42] source: क्योंकि इस्राएल का पर... | यहोवा जो तेरा छुड़ानेवाला और इस्राएल का पवित्र है, वह यह कहता है: “मैं ही तेरा परमेश्वर यहोवा हूँ जो तुझे तेरे लाभ के लिये शिक्षा देता हूँ, और जिस मार्ग से तुझे जाना है उसी मार्ग पर तुझे ले चलता हूँ। | [308, 124, 310, 312, 136, 12, 14, 314, 46, 316, 318, 320, 122, 124, 322, 324, 326, 328, 330, 176, 332, 334] |
source: तब अंधों की आँखें खोली जाएँगी और बहरो के कान भी खोले जाएँगे; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28] source: मेरे दास के सिवाय कौन अंधा है? मेरे भेजे हुए दूत के तुल्य कौन बहरा है? मेरे मित्र के समान कौन अंधा या यहोवा के दास के तुल्य अंधा कौन है? target: [30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 30, 46,... | आँख रहते हुए अंधे को और कान रखते हुए बहरो को निकाल ले आओ! | [10, 300, 6, 166, 18, 24, 300, 20, 166, 302, 304] |
source: “जो कोई अपनी पत्नी को त्याग कर दूसरी से विवाह करता है, वह व्यभिचार करता है, और जो कोई ऐसी त्यागी हुई स्त्री से विवाह करता है, वह भी व्यभिचार करता है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 22, 28, 4, 30, 32, 12, 34, 36, 38, 20, 22, 24, 26, 40] source: जो तुझ से दूर रहते हैं वे तो नाश होंगे; जो क... | फिर तू लेन-देन के देश में व्यभिचार करते-करते कसदियों के देश तक पहुँची, और वहाँ भी तेरी तृष्णा न बुझी। | [64, 354, 94, 356, 358, 360, 362, 364, 366, 368, 370, 372, 374, 376, 378] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: परन्तु प्रधान याजकों ने लोगों को उभारा, कि वह बरअब्बा ही को उनके लिये छोड़ दे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: तब उन्होंने फिर चिल्लाकर कहा, “इसे नहीं परन्तु हमारे लिये बरअब्बा को छोड़ दे।” और बरअब्बा डाकू था। target: [24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 10, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54] sou... | प्रधान याजकों और प्राचीनों ने लोगों को उभारा, कि वे बरअब्बा को माँग ले, और यीशु को नाश कराएँ। | [96, 6, 10, 122, 222, 134, 126, 350, 142, 224, 352, 184, 354, 144, 16, 18, 134, 356, 358, 360, 362] |
source: तब शाऊल ने योनातान की बात मानकर यह शपथ खाई, “यहोवा के जीवन की शपथ, दाऊद मार डाला न जाएगा।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: सुलैमान ने हीराम के पास यह सन्देश भेजा, “तुझे मालूम है, target: [32, 34, 36, 38, 40, 42, 44] source: और यहोवा ने नून के पुत्र यहोशू को यह आज्ञा दी, “हि... | सेनाओं के यहोवा ने यह शपथ खाई है*, “निःसन्देह जैसा मैंने ठाना है, वैसा ही हो जाएगा, और जैसी मैंने युक्ति की है, वैसी ही पूरी होगी, | [24, 288, 18, 90, 42, 62, 368, 370, 136, 372, 374, 376, 378, 136, 380, 36, 382, 384, 386] |
source: मैं उनको, भेड़ों के बच्चों, और मेढ़ों और बकरों के समान घात करा दूँगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 12, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: हूकोक और रहोब; target: [16, 32, 34, 36, 38, 40, 16, 42, 34, 36, 38, 40] source: फिर होमबलि के लिये सब मिलाकर बारह बछड़े, बारह मेढ़े, और एक-एक वर्ष के बारह भेड़ी के बच्च... | तब भेड़िया भेड़ के बच्चे के संग रहा करेगा, और चीता बकरी के बच्चे के साथ बैठा रहेगा, और बछड़ा और जवान सिंह और पाला पोसा हुआ बैल तीनों इकट्ठे रहेंगे, और एक छोटा लड़का उनकी अगुआई करेगा। | [356, 358, 222, 360, 16, 362, 338, 222, 364, 366, 160, 162, 16, 368, 54, 370, 372, 16, 70, 374, 94, 6, 8, 24, 376] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: तुम्हारे लिये परमेश्वर का धन्यवाद करना नहीं छोड़ता, और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूँ। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: “दो मनुष्य मन्दिर में प्रार्थना करने के लिये गए; एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेनेवाला। target: [32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 34, 48, 1... | फरीसी खड़ा होकर अपने मन में यह प्रार्थना करने लगा, ‘हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ, कि मैं और मनुष्यों के समान दुष्टता करनेवाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेनेवाले के समान हूँ। | [380, 382, 384, 386, 388, 154, 40, 390, 392, 60, 66, 394, 12, 214, 396, 66, 398, 400, 402, 404, 402, 406, 252, 402, 408, 52, 410, 252, 412, 30] |
source: जब वे नाव पर चढ़ गए, तो हवा थम गई। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24] source: तब उसने उठकर आँधी को डाँटा, और पानी से कहा, “शान्त रह, थम जा!” और आँधी थम गई और बड़ा चैन हो गया। target: [26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 4, 42, 38, 44, 46, 48, 50, 52, 4, 36, 50, 54, 4, 56, 58, 60, 62] source: तब हारून... | तब वह उनके पास नाव पर आया, और हवा थम गई: वे बहुत ही आश्चर्य करने लगे। | [26, 356, 358, 10, 12, 108, 72, 360, 4, 36, 362, 364, 50, 62, 26, 8, 284, 366, 234, 368, 198, 370] |
source: यीशु ने उसे देखकर कहा, “धनवानों का परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कितना कठिन है! target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42] source: तब यीशु ने अपने चेलों से कहा, “मैं तुम से सच कहता हूँ, कि धनवान का स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करना कठिन है। target: [44, 4, 6, 46, 48... | यीशु ने चारों ओर देखकर अपने चेलों से कहा, “धनवानों को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है!” | [44, 4, 6, 262, 108, 110, 14, 46, 48, 10, 50, 264, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 228, 230, 40, 42] |
source: उसी समय यीशु ने भीड़ से कहा, “क्या तुम तलवारें और लाठियाँ लेकर मुझे डाकू के समान पकड़ने के लिये निकले हो? मैं हर दिन मन्दिर में बैठकर उपदेश दिया करता था, और तुम ने मुझे नहीं पकड़ा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 16, 54, 56, 58, 60, 62, 6... | यीशु ने उनसे कहा, “क्या तुम डाकू जानकर मुझे पकड़ने के लिये तलवारें और लाठियाँ लेकर निकले हो? | [318, 6, 98, 12, 162, 352, 354, 28, 30, 330, 34, 38, 40, 356, 358, 360, 52] |
source: और उस दिन युद्ध बढ़ता गया और इस्राएल का राजा अपने रथ में अरामियों के सम्मुख सांझ तक खड़ा रहा, परन्तु सूर्य अस्त होते-होते वह मर गया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40] source: तब यहोराम अपने हाकिमों और अपने सब रथों को साथ लेकर उधर गया, और रथों के प्रधानों को मारा। ... | और उस दिन युद्ध बढ़ता गया और राजा अपने रथ में औरों के सहारे अरामियों के सम्मुख खड़ा रहा, और सांझ को मर गया; और उसके घाव का लहू बहकर रथ के पायदान में भर गया। | [4, 6, 8, 10, 12, 14, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 18, 236, 50, 360, 362, 138, 364, 366, 194, 368] |
source: इसके बाद मैंने स्वर्ग में मानो बड़ी भीड़* को ऊँचे शब्द से यह कहते सुना, “हालेलूय्याह! उद्धार, और महिमा, और सामर्थ्य हमारे परमेश्वर ही का है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 10, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 34, 38, 40, 42] source: हे हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर, अपने नाम की महिमा के निमित्त हमारी स... | हे परमेश्वर, तू ही हमारा महाराजा है, तू याकूब के उद्धार की आज्ञा देता है। | [82, 296, 34, 46, 298, 136, 300, 32, 302, 40, 304] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: यीशु ने उससे पूछा, “तेरा क्या नाम है?” उसने उससे कहा, “मेरा नाम सेना है*; क्योंकि हम बहुत हैं।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 12, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40] source: वह भूमि और उसमें की गुफा हित्तियों के हाथ से मोल ली गई।” target: [42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 58, 60, 40] source: उसने... | यीशु ने उससे पूछा, “तेरा क्या नाम है?” उसने कहा, “सेना,” क्योंकि बहुत दुष्टात्माएँ उसमें समा गई थीं। | [404, 64, 6, 8, 10, 406, 14, 16, 18, 46, 20, 24, 408, 40, 410, 36, 412, 414, 150, 416, 216, 88] |
source: “तुम जो अब तक ईटें बनाने के लिये लोगों को पुआल दिया करते थे वह आगे को न देना; वे आप ही जाकर अपने लिये पुआल इकट्ठा करें। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 22, 6, 34, 36, 38, 40] source: तेरे दासों को पुआल तो दिया ही नहीं जाता और वे हम से कहते रहते हैं, 'ईटें बनाओ, ईटें बनाओ,' औ... | अब जाकर अपना काम करो; और पुआल तुमको नहीं दिया जाएगा, परन्तु ईटों की गिनती पूरी करनी पड़ेगी।” | [30, 62, 356, 358, 360, 134, 22, 90, 362, 48, 28, 364, 14, 42, 366, 86] |
source: तब वह उनसे क्रोध में बातें करेगा, और क्रोध में यह कहकर उन्हें भयभीत कर देगा, target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 8, 18, 20, 22, 24] source: यहोवा को अपनी धार्मिकता के निमित्त ही यह भाया है कि व्यवस्था की बड़ाई अधिक करे। (मत्ती 5:17-18, रोम. 7:12,10:4) target: [26, 8, 28, 16, 30, 32, 34, 36, 38] source: “यदि मैं भ... | तू उनसे भयभीत न होना, क्योंकि तुझे छुड़ाने के लिये मैं तेरे साथ हूँ, यहोवा की यही वाणी है।” (प्रेरि. 26:17, प्रेरि. 18:9,10) | [20, 172, 430, 432, 54, 48, 434, 40, 274, 276, 66, 140, 26, 436] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: तब वे आपस में कहने लगे, “यदि हम कहें, ‘स्वर्ग की ओर से,’ तो वह कहेगा; ‘फिर तुम ने उस पर विश्वास क्यों नहीं किया?’ target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32] source: यूहन्ना का बपतिस्मा कहाँ से था? स्वर्ग की ओर से या मनुष्यों की ओर से था?” तब वे आपस में विवाद करने लगे, “यदि हम कहें ‘स्वर्ग... | तब वे आपस में विवाद करने लगे कि यदि हम कहें ‘स्वर्ग की ओर से,’ तो वह कहेगा, ‘फिर तुम ने उसका विश्वास क्यों नहीं की?’ | [52, 6, 54, 56, 12, 14, 16, 18, 20, 44, 58, 24, 60, 62, 28, 30, 32] |
source: वह शान्ति को पहुँचता है; जो सीधी चाल चलता है वह अपनी खाट पर विश्राम करता है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 12] source: वह मार्ग में चलता हुआ नदी का जल पीएगा और तब वह विजय के बाद अपने सिर को ऊँचा करेगा। target: [32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 32, 48, 50, 52, 54, 12] source: क्यों... | वह अपना ही पाँव जाल में फँसाएगा*, वह फंदों पर चलता है। | [56, 308, 310, 312, 314, 316, 318, 12, 4, 320, 322, 324, 12] |
source: उसने फिर कहा, “मैं तुझे क्या दूँ?” याकूब ने कहा, “तू मुझे कुछ न दे; यदि तू मेरे लिये एक काम करे, तो मैं फिर तेरी भेड़-बकरियों को चराऊँगा, और उनकी रक्षा करूँगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 6, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44] source: उसने कहा, “मैं तो अपने भाइयों को ढूँढ़ता हूँ कृपा क... | उसने कहा, “देखो, अभी तो दिन बहुत है, पशुओं के इकट्ठे होने का समय नहीं; इसलिए भेड़-बकरियों को जल पिलाकर फिर ले जाकर चराओ।” | [6, 308, 144, 310, 114, 312, 284, 314, 178, 316, 178, 198, 318, 38, 320, 322] |
source: और भविष्य में इस्राएली मिलापवाले तम्बू के समीप न आएँ, ऐसा न हो कि उनके सिर पर पाप लगे, और वे मर जाएँ। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 16, 20, 22, 24, 26, 28, 22, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 30, 44, 46, 48, 50] source: तब निवास का तम्बू उतारा गया, और गेर्शोनियों और मरारियों ने जो निवास के तम्बू को उठाते थे... | जो तुझे सौंपा गया है उसकी और सारे तम्बू की भी वे रक्षा किया करें; परन्तु पवित्रस्थान के पात्रों के और वेदी के समीप न आएँ, ऐसा न हो कि वे और तुम लोग भी मर जाओ। | [140, 66, 46, 158, 44, 182, 18, 112, 116, 70, 338, 130, 108, 110, 16, 340, 334, 44, 166, 334, 46, 22, 24, 140, 66, 46, 44, 342, 48, 22, 344] |
source: जब यहोवा के दास मूसा ने मुझे इस देश का भेद लेने के लिये कादेशबर्ने से भेजा था तब मैं चालीस वर्ष का था; और मैं सच्चे मन से उसके पास सन्देश ले आया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 14, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 26, 48, 50] source: और यहोशू ने कादेशबर्ने से ले गाज़ा तक, और गिबोन ... | जब मैंने तुम्हारे बाप-दादों* को कादेशबर्ने से कनान देश देखने के लिये भेजा, तब उन्होंने भी ऐसा ही किया था। | [276, 332, 334, 336, 338, 340, 342, 344, 26, 346, 348, 350, 352, 354] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: और एक-एक ठेले के चारों कोनों पर चार आधार थे, और आधार और ठेले दोनों एक ही टुकड़े के बने थे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 4, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 16, 26] source: जब वे उसे मिट्टी देने गए, तब उसकी खोपड़ी पाँवों और हथेलियों को छोड़कर उसका और कुछ न पाया। target: [28, 30, 32, 34, 36, 16, 38, 40, 42, 40, 44, 46, 48, 5... | यह पहला संहार जो योनातान और उसके हथियार ढोनेवाले से हुआ, उसमें आधे बीघे भूमि में बीस एक पुरुष मारे गए। | [332, 334, 70, 312, 40, 94, 96, 336, 16, 338, 340, 16, 342, 344, 346, 348, 134, 350, 352] |
source: क्योंकि तेरी सहायता से मैं सेना पर धावा करता हूँ; और अपने परमेश्वर की सहायता से शहरपनाह को लाँघ जाता हूँ। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 8, 10, 24, 26, 16, 18] source: तेरी सहायता से मैं दल पर धावा करता, अपने परमेश्वर की सहायता से मैं शहरपनाह को फाँद जाता हूँ। target: [4, 10, 6, 28, 30, 16, 18,... | मैं अपनी आँखें पर्वतों की ओर उठाऊँगा। मुझे सहायता कहाँ से मिलेगी? | [214, 10, 216, 218, 220, 18, 32, 54, 222, 224] |
source: उस सिंहासन में छः सीढ़ियाँ थीं; और सिंहासन का पिछला भाग गोलाकार था, और बैठने के स्थान के दोनों ओर टेक लगी थीं, और दोनों टेकों के पास एक-एक सिंह खड़ा हुआ बना था। target: [4, 6, 8, 10, 12, 8, 14, 16, 18, 6, 20, 22, 24, 26, 28, 16, 18, 30, 32, 24, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 18, 44, 32, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source:... | उस सिंहासन में छः सीढ़ियाँ और सोने का एक पावदान था; ये सब सिंहासन से जुड़े थे, और बैठने के स्थान के दोनों ओर टेक लगी थी और दोनों टेकों के पास एक-एक सिंह खड़ा हुआ बना था। | [18, 4, 6, 326, 10, 12, 8, 14, 18, 314, 20, 82, 328, 16, 330, 252, 6, 126, 332, 136, 42, 18, 30, 8, 24, 32, 36, 38, 40, 42, 18, 44, 32, 46, 48, 50, 52, 54, 42] |
source: फिर यहोवा ने मूसा और हारून से इस प्रकार कहा, target: [4, 6, 8, 10, 12] source: तब मूसा ने ये बातें सब इस्राएलियों को कह सुनाई और वे बहुत विलाप करने लगे। target: [14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38] source: जब मूसा ये सब वचन सब इस्राएलियों से कह चुका, target: [40, 16, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, ... | तब लेवीय लोग सब इस्राएली पुरुषों से पुकारके कहें: | [308, 310, 312, 160, 64, 314, 316, 318] |
source: तब वे आपस में पूछ-ताछ करने लगे, “हम में से कौन है, जो यह काम करेगा?” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26] source: परन्तु उन्हें महासभा के बाहर जाने की आज्ञा देकर, वे आपस में विचार करने लगे, target: [28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 22, 48, 26] source: चार कोढ़ी फाटक के बाहर थे; वे आपस मे... | परन्तु वे आपे से बाहर होकर आपस में विवाद करने लगे कि हम यीशु के साथ क्या करें? | [28, 120, 322, 324, 326, 4, 328, 330, 160, 22, 332, 14, 92, 334, 336, 136, 26] |
source: (हेर्मोन को सीदोनी लोग सिर्योन, और एमोरी लोग सनीर कहते हैं।) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 10, 20] source: वहाँ से कूच करके उन्होंने अर्नोन नदी, जो जंगल में बहती और एमोरियों के देश से निकलती है, उसकी दूसरी ओर डेरे खड़े किए; क्योंकि अर्नोन मोआबियों और एमोरियों के बीच होकर मोआब देश की सीमा ठहरी है। target... | और अनाकियों के समान वे भी रापा में गिने जाते थे, परन्तु मोआबी उन्हें एमी कहते हैं। | [188, 328, 330, 6, 332, 334, 336, 124, 338, 340, 6, 342, 344, 346] |
source: मेरी स्त्रियाँ और मेरे बच्चे, जिनके लिये मैंने तेरी सेवा की है, उन्हें मुझे दे कि मैं चला जाऊँ; तू तो जानता है कि मैंने तेरी कैसी सेवा की है।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 18, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 22, 46, 48, 50, 40, 18, 52, 16, 54] source: उसके बच्चे कंगालों से भी विनती ... | फिर तुम्हारे बाल-बच्चे जिनके विषय में तुम कहते हो कि ये लूट में चले जाएँगे, और तुम्हारे जो बच्चे अभी भले-बुरे का भेद नहीं जानते, वे वहाँ प्रवेश करेंगे, और उनको मैं वह देश दूँगा, और वे उसके अधिकारी होंगे। | [74, 216, 12, 14, 58, 220, 86, 418, 224, 98, 56, 226, 114, 428, 430, 8, 216, 244, 40, 432, 434, 436, 162, 438, 148, 440, 56, 182, 442, 444, 8, 18, 56, 446, 166, 46, 448, 8, 56, 116, 46, 450, 114, 452, 454] |
source: मूर्ख लोग पाप का अंगीकार करने को ठट्ठा जानते हैं, परन्तु सीधे लोगों के बीच अनुग्रह होता है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26] source: दानिय्येल, गिन्नतोन, बारूक; target: [28, 30, 32] source: “जो तुम्हारी सुनता है, वह मेरी सुनता है, और जो तुम्हें तुच्छ जानता है, वह मुझे तुच्छ जानता है; और जो... | बुद्धिमान पुत्र पिता की शिक्षा सुनता है, परन्तु ठट्ठा करनेवाला घुड़की को भी नहीं सुनता। | [286, 288, 222, 290, 292, 40, 14, 10, 294, 296, 298, 26] |
source: तब जब ये सामरी उसके पास आए, तो उससे विनती करने लगे कि हमारे यहाँ रह, और वह वहाँ दो दिन तक रहा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34] source: वह अपने पिता आसा की लीक पर चला और उससे न मुड़ा, अर्थात् जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है वही वह करता रहा। target: [36, 38, 40, 42, 44, 46, 48,... | और वह आसा से भेंट करने निकला, और उससे कहा, “हे आसा, और हे सारे यहूदा और बिन्यामीन, मेरी सुनो, जब तक तुम यहोवा के संग रहोगे तब तक वह तुम्हारे संग रहेगा; और यदि तुम उसकी खोज में लगे रहो, तब तो वह तुम से मिला करेगा, परन्तु यदि तुम उसको त्याग दोगे तो वह भी तुमको त्याग देगा। | [446, 448, 450, 452, 102, 134, 454, 194, 456, 458, 142, 460, 462, 102, 464, 466, 468, 470, 266, 240, 472, 474, 116, 26, 476, 478, 266, 240, 280, 252, 480, 116, 26, 482, 484, 342, 240, 14, 486, 116, 26, 488, 482, 490] |
source: दास का राजा हो जाना, मूर्ख का पेट भरना target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20] source: उन्होंने कहा, “एक मिस्री पुरुष ने हमको चरवाहों के हाथ से छुड़ाया, और हमारे लिये बहुत जल भरकर भेड़-बकरियों को पिलाया।” target: [22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52] source: स्त्री ने उससे कहा, “हे ... | मिद्यान के याजक की सात बेटियाँ थीं; और वे वहाँ आकर जल भरने लगीं कि कठौतों में भरकर अपने पिता की भेड़-बकरियों को पिलाएँ। | [456, 458, 460, 264, 462, 184, 464, 50, 44, 466, 22, 468, 470, 22, 472, 44, 474, 462] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: क्योंकि सुन, मैंने आज तुझे इस सारे देश और यहूदा के राजाओं, हाकिमों, और याजकों और साधारण लोगों के विरुद्ध गढ़वाला नगर, और लोहे का खम्भा, और पीतल की शहरपनाह बनाया है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 22, 48, 50, 52, 54, 56] source: यहोवा के भवन में जो प... | क्योंकि सेनाओं का यहोवा यह कहता है कि जो खम्भे और पीतल की नांद, गंगाल और कुर्सियाँ और अन्य पात्र इस नगर में रह गए हैं, | [66, 314, 254, 256, 70, 316, 22, 98, 200, 182, 298, 318, 320, 322, 324, 326, 286, 288, 294, 328] |
source: जब हम बच निकले, तो पता चला कि यह टापू माल्टा* कहलाता है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: जब दिन हुआ तब हाकिमों ने सिपाहियों के हाथ कहला भेजा कि उन मनुष्यों को छोड़ दो। target: [38, 40, 42, 44, 46, 48, 24, 50, 52, 54, 56] source: सिय्योन की सुन्दर और सुकुमार बेटी... | (पूर्वकाल में तो इस्राएल में जब कोई परमेश्वर से प्रश्न करने जाता तब ऐसा कहता था, “चलो, हम दर्शी के पास चलें;” क्योंकि जो आजकल नबी कहलाता है वह पूर्वकाल में दर्शी कहलाता था।) | [398, 400, 402, 404, 406, 408, 410, 34, 412, 100, 102, 414, 366, 296, 154, 290, 416, 418, 256, 420, 422, 34, 424] |
source: उन्होंने दूसरी बार कहा, “हे राजा स्वप्न तेरे दासों को बताया जाए, और हम उसका अर्थ समझा देंगे।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 12, 32, 20, 34, 36, 38, 40] source: तब राजा ने उनसे कहा, “मैंने एक स्वप्न देखा है, और मेरा मन व्याकुल है* कि स्वप्न को कैसे समझूँ।” target: [42, 44, 16, 46,... | “यह स्वप्न है; और अब हम उसका अर्थ राजा को समझा देते हैं। | [414, 28, 416, 418, 88, 420, 20, 422, 36, 424] |
source: तब मूसा उठकर दातान और अबीराम के पास गया; और इस्राएलियों के वृद्ध लोग उसके पीछे-पीछे गए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 14, 24, 18, 26, 28, 30, 18, 32, 34] source: जब तूने चोर को देखा, तब उसकी संगति से प्रसन्न हुआ; और परस्त्रीगामियों के साथ भागी हुआ।” target: [36, 38, 40, 42, 44, 46, 38, 48, 18, ... | जब उन्होंने बेर्शेबा में परस्पर वाचा बाँधी, तब अबीमेलेक और उसका सेनापति पीकोल, उठकर पलिश्तियों के देश में लौट गए। | [36, 158, 94, 340, 88, 342, 344, 14, 198, 14, 30, 206, 346, 58, 348, 350, 352, 14, 84, 18, 354, 42, 90, 184] |
source: और बाल्हानान के मरने पर, हदद उसके स्थान पर राजा हुआ; और उसकी राजधानी का नाम पाऊ हुआ, उसकी पत्नी का नाम महेतबेल था जो मेज़ाहाब की नातिनी और मत्रेद की बेटी थी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 22, 34, 36, 38, 40, 42, 38, 44, 42] source: और शाऊल के मरने पर अकबोर का पुत्र बाल्हानान... | अकबोर के पुत्र बाल्हानान के मरने पर, हदर उसके स्थान पर राजा हुआ और उसकी राजधानी का नाम पाऊ है; और उसकी पत्नी का नाम महेतबेल है, जो मेज़ाहाब की नातिन और मत्रेद की बेटी थी। | [4, 6, 8, 230, 54, 56, 58, 60, 62, 16, 20, 22, 232, 28, 16, 32, 22, 234, 28, 36, 38, 40, 236, 238, 40, 240, 182] |
source: और वह उसको पंखों के बीच से फाड़े, पर अलग-अलग न करे। तब याजक उसको वेदी पर उस लकड़ी के ऊपर रखकर जो आग पर होगी जलाए कि वह होमबलि और यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्धवाला हवन ठहरे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 12, 14, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 14, 12, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 8, 36, 48, 50, 52, 8, 54, 5... | तब हारून के पुत्र इनको वेदी पर उस होमबलि के ऊपर जलाएँ, जो उन लकड़ियों पर होगी जो आग के ऊपर है, कि यह यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्धवाला हवन ठहरे। | [60, 222, 8, 248, 12, 14, 56, 78, 142, 30, 32, 34, 250, 252, 156, 46, 8, 36, 48, 50, 52, 8, 54, 80, 62, 152, 34, 32, 58, 48] |
source: और हारान अपने पिता के सामने ही, कसदियों के ऊर नाम नगर में, जो उसकी जन्म-भूमि थी, मर गया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 6, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28] source: फिर परमेश्वर ने अब्राहम से कहा, “तेरी जो पत्नी सारै है, उसको तू अब सारै न कहना, उसका नाम सारा* होगा। target: [30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50... | हे यहोवा! तू वही परमेश्वर है, जो अब्राम को चुनकर कसदियों के ऊर नगर में से निकाल लाया, और उसका नाम अब्राहम रखा; | [310, 202, 312, 314, 236, 316, 318, 74, 230, 22, 246, 320, 74, 230, 190, 56, 322, 28] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: हे यहोवा, तेरी करुणा और तेरा किया हुआ उद्धार, तेरे वादे के अनुसार, मुझ को भी मिले; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28] source: मुझ को बुराई करनेवालों के हाथ से बचा, और हत्यारों से मेरा उद्धार कर। target: [30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 34, 30, 44] source: हे यहोवा अपनी करुणा हमें दिखा, और तू ... | लौट आ, हे यहोवा*, और मेरे प्राण बचा; अपनी करुणा के निमित्त मेरा उद्धार कर। | [4, 6, 288, 290, 74, 292, 154, 36, 46, 10, 122, 294, 30, 98] |
source: और वह गवाही यह है, कि परमेश्वर ने हमें अनन्त जीवन दिया है और यह जीवन उसके पुत्र में है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 20, 28, 30, 32, 34] source: मैंने तुम्हें, जो परमेश्वर के पुत्र के नाम पर विश्वास करते हो, इसलिए लिखा है कि तुम जानो कि अनन्त जीवन तुम्हारा है। target: [36, 38, 40, 42,... | परन्तु अब पाप से स्वतंत्र होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिससे पवित्रता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है। | [92, 348, 54, 350, 352, 354, 356, 4, 132, 358, 360, 32, 24, 62, 362, 364, 32, 34] |
source: और जो कुछ वह अशुद्ध मनुष्य छूए वह भी अशुद्ध ठहरे; और जो मनुष्य उस वस्तु को छूए वह भी सांझ तक अशुद्ध रहे।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 8, 28, 22, 24, 30, 8, 32] source: अथवा यदि कोई किसी अशुद्ध वस्तु को अज्ञानता से छू ले, तो चाहे वह अशुद्ध जंगली पशु की, चाहे अशुद्ध घरेलू पशु की, चाहे अश... | उस समय मिस्र से अश्शूर जाने का एक राजमार्ग होगा, और अश्शूरी मिस्र में आएँगे और मिस्री लोग अश्शूर को जाएँगे, और मिस्री अश्शूरियों के संग मिलकर आराधना करेंगे। | [6, 462, 464, 466, 468, 146, 148, 470, 372, 280, 472, 382, 474, 148, 472, 476, 478, 480, 482] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: परमेश्वर ने मूसा से कहा, “मैं यहोवा हूँ*; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: तब परमेश्वर ने नूह से कहा, target: [32, 6, 34, 12, 36] source: परमेश्वर ने एक बार कहा है; और दो बार मैंने यह सुना है: कि सामर्थ्य परमेश्वर का है* target: [6, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 26, 50, 52, 54... | फिर परमेश्वर ने नूह और उसके पुत्रों से कहा, | [6, 34, 18, 20, 114, 282, 12, 42] |
source: और जो इस्राएल का बलमूल है वह न तो झूठ बोलता और न पछताता है; क्योंकि वह मनुष्य नहीं है, कि पछताए।” (इब्रानियों. 6:18) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 12, 20, 22, 24, 26, 12, 22, 28] source: तब यदि उस जाति के लोग जिसके विषय मैंने यह बात कही हो अपनी बुराई से फिरें, तो मैं उस विपत्ति के विषय जो मैंने उन पर डा... | क्योंकि यद्यपि मैंने अपनी पत्री से तुम्हें शोकित किया, परन्तु उससे पछताता नहीं जैसा कि पहले पछताता था क्योंकि मैं देखता हूँ, कि उस पत्री से तुम्हें शोक तो हुआ परन्तु वह थोड़ी देर के लिये था। | [20, 22, 218, 40, 48, 346, 86, 348, 350, 352, 72, 106, 40, 18, 12, 218, 40, 354, 18, 46, 262, 40, 356, 358, 22, 58, 346, 200, 348, 350, 352, 46, 218, 360, 362, 364] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: और तुझे और तेरे सब लेवी भाइयों को भी अपने समीप बुला लिया है? फिर भी तुम याजक पद के भी खोजी हो? target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 12, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 18, 38, 40, 42, 44] source: उनके लानेवालों की मानकर हिजकिय्याह ने उनको अपने अनमोल पदार्थों का सब भण्डार, और चाँदी और सोना और सुगन्ध-द्रव्य ... | मैंने भण्डारों के अधिकारी शेलेम्याह याजक और सादोक मुंशी को, और लेवियों में से पदायाह को, और उनके नीचे हानान को, जो मत्तन्याह का पोता और जक्कूर का पुत्र था, नियुक्त किया; वे तो विश्वासयोग्य गिने जाते थे, और अपने भाइयों के मध्य बाँटना उनका काम था। | [360, 202, 362, 114, 10, 364, 278, 18, 10, 164, 352, 366, 18, 368, 248, 370, 372, 228, 10, 374, 82, 376, 378, 18, 80, 380, 248, 382, 10, 384, 248, 250, 98, 372, 206, 386, 6, 388, 390, 234, 236, 10, 328, 16, 86, 392, 50, 248, 394, 88] |
source: और जब तू उसको देख लेगा, तब अपने भाई हारून के समान तू भी अपने लोगों में जा मिलेगा, target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 6, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 26, 38, 40] source: तेरी चितौनियाँ मेरा सुखमूल और मेरे मंत्री हैं। दाल्थ target: [42, 44, 18, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 58] source: अर्थात् दो खम्भे और गोल... | जब पृथ्वी अपने सब रहनेवालों समेत डोल रही है, तब मैं ही उसके खम्भों को स्थिर करता हूँ। (सेला) | [364, 50, 122, 76, 258, 366, 368, 370, 372, 98, 374, 8, 76, 376, 10, 378, 380, 40, 382] |
source: वे दुष्टों की दीवारों के भीतर तेल पेरते और उनके कुण्डों में दाख रौंदते हुए भी प्यासे रहते हैं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 18] source: वह उत्तर दिशा को निराधार फैलाए रहता है, और बिना टेक पृथ्वी को लटकाए रखता है। target: [40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 44, 56, 5... | जहाँ लोग रहते हैं वहाँ से दूर वे खानि खोदते हैं वहाँ पृथ्वी पर चलनेवालों के भूले-बिसरे हुए वे मनुष्यों से दूर लटके हुए झूलते रहते हैं। | [360, 362, 364, 366, 368, 370, 372, 374, 376, 378, 380, 382, 384, 386, 388, 390, 392, 18, 394, 366, 396, 398, 400, 18, 398, 402, 404, 18] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: जो लोग नगर में रह गए थे, और जो लोग बाबेल के राजा के पास भाग गए थे, और साधारण लोग जो रह गए थे, इन सभी को अंगरक्षकों का प्रधान नबूजरदान बन्दी बनाकर ले गया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 14, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42] source: तब अंगरक्षकों का प्रधान नबूजरदान प्रजा के बचे हुओं को जो नगर... | अंगरक्षकों का प्रधान नबूजरदान कंगाल लोगों में से कितनों को, और जो लोग नगर में रह गए थे, और जो लोग बाबेल के राजा के पास भाग गए थे, और जो कारीगर रह गए थे, उन सब को बन्दी बनाकर ले गया। | [82, 276, 342, 12, 14, 22, 342, 4, 196, 54, 344, 58, 14, 22, 346, 348, 30, 70, 48, 350, 352, 38, 40, 42] |
source: हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैंने तेरी दुहाई दी और तूने मुझे चंगा किया है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24] source: वही हमारे लिये बचानेवाला परमेश्वर ठहरा; यहोवा प्रभु मृत्यु से भी बचाता है*। target: [26, 14, 28, 8, 30, 32, 34, 36, 32, 38, 40] source: क्या वे बुराई करके भी बच जाएँगे? हे परमेश्वर... | परन्तु मैं तो परमेश्वर को पुकारूँगा; और यहोवा मुझे बचा लेगा। | [86, 282, 114, 14, 50, 284, 286, 288] |
source: तब मैंने भोले लोगों* में से एक निर्बुद्धि जवान को देखा; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20] source: और उसकी जो बेटियाँ मैदान में हैं, वे तलवार से मारी जाएँगी। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। target: [22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 22, 46, 48, 6, 50, 52] source: तब शाऊल ने अपने हथियार ढो... | तब उसने झट अपने हथियारों के ढोनेवाले जवान को बुलाकर कहा, “अपनी तलवार खींचकर मुझे मार डाल, ऐसा न हो कि लोग मेरे विषय में कहने पाएँ, 'उसको एक स्त्री ने घात किया'।” तब उसके जवान ने तलवार भोंक दी, और वह मर गया। | [54, 158, 58, 346, 60, 340, 64, 66, 18, 68, 156, 76, 266, 348, 36, 350, 76, 80, 82, 84, 104, 352, 322, 96, 90, 354, 48, 158, 68, 12, 356, 58, 82, 358, 54, 158, 18, 58, 36, 38, 158, 68, 360, 362, 44, 22, 170, 122] |
source: तुझे तो मालूम ही है, कि मैं दुष्ट नहीं हूँ*, और तेरे हाथ से कोई छुड़ानेवाला नहीं! target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: क्योंकि मैं भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को नहीं दिया, मैं प्यासा था, और तुम ने मुझे पानी नहीं पिलाया; target: [38, 4, 40, 42, 44, 46, 26, 48, 50, 4... | अपनी संपत्ति बेचकर* दान कर दो; और अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात् स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं, जिसके निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नाश नहीं करता। | [70, 166, 328, 330, 16, 332, 334, 68, 298, 336, 338, 340, 342, 166, 170, 344, 346, 348, 350, 352, 16, 354, 356, 358, 134, 136, 360, 156, 362, 68] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: तब दाऊद और जितने लोग उसके संग थे, वे सब उठकर यहूदा के बाले नामक स्थान से चले, कि परमेश्वर का वह सन्दूक ले आएँ, जो करूबों पर विराजनेवाले सेनाओं के यहोवा का कहलाता है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 4, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 58, 60, 26, 62, 64, 66, 68] ... | तब दाऊद सब इस्राएलियों को संग लेकर बाला को गया, जो किर्यत्यारीम भी कहलाता था और यहूदा के भाग में था, कि परमेश्वर यहोवा का सन्दूक वहाँ से ले आए; वह तो करूबों पर विराजनेवाला है, और उसका नाम भी यही लिया जाता है। | [512, 230, 26, 28, 514, 50, 438, 54, 516, 58, 518, 16, 18, 520, 522, 524, 526, 158, 528, 12, 530, 532, 534, 64, 536] |
source: दुष्ट अपने ही अधर्म के कर्मों से फंसेगा, और अपने ही पाप के बन्धनों में बन्धा रहेगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 16, 18] source: और मैं उसके सम्मुख सिद्ध बना रहा, और अधर्म से अपने को बचाए रहा। target: [32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 42, 18] source: क्योंकि मैं अ... | और मैं तुम से कहता हूँ, कि अधर्म के धन से अपने लिये मित्र बना लो; ताकि जब वह जाता रहे, तो वे तुम्हें अनन्त निवासों में ले लें। | [36, 332, 334, 336, 338, 340, 342, 344, 346, 348, 44, 350, 352, 354, 356, 332, 358, 360, 362, 364, 18] |
source: और जब हारून और उसके पुत्र छावनी के कूच के समय पवित्रस्थान और उसके सारे सामान को ढाँप चुकें, तब उसके बाद कहाती उसके उठाने के लिये आएँ, पर किसी पवित्र वस्तु को न छूएँ, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएँ। कहातियों के उठाने के लिये मिलापवाले तम्बू की ये ही वस्तुएँ हैं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 8, 10, 12, 20, 22... | तब कहातियों ने पवित्र वस्तुओं को उठाए हुए प्रस्थान किया, और उनके पहुँचने तक गेर्शोनियों और मरारियों ने निवास के तम्बू को खड़ा कर दिया। | [98, 84, 110, 36, 24, 186, 54, 38, 256, 8, 358, 110, 224, 12, 210, 132, 36, 24, 134, 32, 360] |
source: यदि यह अनुग्रह से हुआ है, तो फिर कर्मों से नहीं, नहीं तो अनुग्रह फिर अनुग्रह नहीं रहा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 12, 22, 24, 22, 26, 28] source: गिदोन ने उससे कहा, “यदि तेरा अनुग्रह मुझ पर हो, तो मुझे इसका कोई चिन्ह दिखा कि तू ही मुझसे बातें कर रहा है। target: [30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 12, 44... | लाबान ने उससे कहा, “यदि तेरी दृष्टि में मैंने अनुग्रह पाया है, तो यहीं रह जा; क्योंकि मैंने अनुभव से जान लिया है कि यहोवा ने तेरे कारण से मुझे आशीष दी है।” | [374, 32, 284, 376, 378, 380, 54, 382, 384, 178, 368, 74, 386, 6, 268, 388, 40, 350, 22, 20, 12, 328, 390] |
source: इसलिए अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य-राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 8, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52] source: फिर परमेश्वर ने अब्राहम से कहा, “तेरी जो पत्नी सारै है, उसको तू अब सा... | तो जब कि हम, अब उसके लहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा परमेश्वर के क्रोध से क्यों न बचेंगे? | [402, 360, 194, 404, 396, 398, 156, 406, 408, 294, 360, 194, 410, 400, 76] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: सेनाओं के यहोवा का यही वचन है, “जैसे मेरे पुकारने पर उन्होंने नहीं सुना, वैसे ही उसके पुकारने पर मैं भी न सुनूँगा; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 26] source: क्योंकि मैं तो अब गिरने ही पर हूँ; और मेरा शोक निरन्तर मेरे सामने है*। target: [52,... | मेरे घेरनेवालों के सिर पर उन्हीं का विचारा हुआ उत्पात पड़े! | [328, 330, 332, 334, 336, 338, 340, 342, 344, 346, 348] |
source: इस प्रकार वह मिस्रियों की सेना और इस्राएलियों की सेना के बीच में आ गया; और बादल और अंधकार तो हुआ, तो भी उससे रात को उन्हें प्रकाश मिलता रहा; और वे रात भर एक दूसरे के पास न आए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 12, 18, 20, 22, 24, 14, 26, 28, 30, 8, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54] source: “तुम न्... | वह अंधकार और अंधेरे का दिन है, वह बादलों का दिन है और अंधियारे के समान फैलता है। जैसे भोर का प्रकाश पहाड़ों पर फैलता है, वैसे ही एक बड़ी और सामर्थी जाति आएगी; प्राचीनकाल में वैसी कभी न हुई, और न उसके बाद भी फिर किसी पीढ़ी में होगी। (मत्ती 24:21) | [8, 374, 88, 332, 376, 8, 378, 14, 380, 382, 310, 192, 8, 384, 386, 388, 390, 392, 14, 394, 396, 398, 400, 192, 402, 396, 404, 406, 408, 88, 410, 412, 414, 416, 264, 418, 54] |
source: उन्हें ऐसे बेखटके कर देता है, कि वे सम्भले रहते हैं; और उसकी कृपादृष्टि उनकी चाल पर लगी रहती है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 4, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 6, 36, 38, 40, 42] source: जो कोई अपने भाई से प्रेम रखता है, वह ज्योति में रहता है, और ठोकर नहीं खा सकता। target: [4, 44, 46, 48, 12, 50, 52, ... | तब वे पाँच मनुष्य चल निकले, और लैश* को जाकर वहाँ के लोगों को देखा कि सीदोनियों के समान निडर, बेखटके, और शान्ति से रहते हैं; और इस देश का कोई अधिकारी नहीं है, जो उन्हें किसी काम में रोके, और ये सीदोनियों से दूर रहते हैं, और दूसरे मनुष्यों से कोई व्यवहार नहीं रखते। | [108, 4, 388, 350, 390, 20, 156, 56, 392, 68, 112, 394, 396, 398, 36, 126, 400, 102, 138, 402, 166, 20, 404, 12, 406, 26, 20, 30, 408, 62, 70, 410, 74, 302, 80, 68, 8, 90, 412, 56, 414, 20, 4, 400, 84, 86, 406, 88, 20, 68, 62, 90, 12, 416, 92, 94, 74, 106] |
source: यह व्यवस्था सुनकर, उन्होंने इस्राएल में से मिली जुली भीड़ को अलग-अलग कर दिया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32] source: इसी प्रकार तुम सब मिलकर मसीह की देह हो, और अलग-अलग उसके अंग हो। target: [34, 36, 38, 40, 42, 44] source: और उन पापों के कारण जो यारोबाम ने किए और इस्राएल से करा... | “इस प्रकार तू उन्हें इस्राएलियों में से अलग करना, और वे मेरे ही ठहरेंगे। | [252, 254, 256, 258, 110, 48, 20, 260, 256, 184, 262, 264] |
source: तब दूसरे भाई ने उस स्त्री से विवाह कर लिया और बिना सन्तान मर गया; और वैसे ही तीसरे ने भी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: वे मूर्खों और नीच लोगों के वंश हैं जो मार-मार के इस देश से निकाले गए थे। target: [24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: और तुम इस ... | और तीसरे ने भी उस स्त्री से विवाह कर लिया। इसी रीति से सातों बिना सन्तान मर गए। | [380, 382, 384, 8, 348, 386, 388, 390, 94, 392, 394, 396, 16, 18, 24, 20, 184] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: “फारस का राजा कुस्रू यह कहता है: स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा ने पृथ्वी भर का राज्य मुझे दिया है, और उसने मुझे आज्ञा दी, कि यहूदा के यरूशलेम में मेरा एक भवन बनवा*। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 24, 44, 46] source: उसकी समस्त प्रजा के लोगों में से तुम्हारे मध्... | “फारस का राजा कुस्रू कहता है, 'स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा ने पृथ्वी भर का राज्य मुझे दिया है, और उसी ने मुझे आज्ञा दी है कि यरूशलेम जो यहूदा में है उसमें मेरा एक भवन बनवा; इसलिए हे उसकी प्रजा के सब लोगों, तुम में से जो कोई चाहे, उसका परमेश्वर यहोवा उसके साथ रहे, वह वहाँ रवाना हो जाए'।” | [438, 6, 8, 440, 12, 14, 52, 442, 24, 388, 444, 446, 400, 46, 448, 32, 450, 38, 452, 454, 456, 458, 46, 460, 462, 464, 466, 468, 470, 472, 474, 476, 14, 52, 478, 480] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: और यूसुफ उन सातों वर्षों में सब प्रकार की भोजन वस्तुएँ, जो मिस्र देश में होती थीं, जमा करके नगरों में रखता गया, और हर एक नगर के चारों ओर के खेतों की भोजन वस्तुओं को वह उसी नगर में इकट्ठा करता गया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 16, 40, 36, 42, 44, 46, 48, 50, 48, 5... | और वे इन अच्छे वर्षों में सब प्रकार की भोजनवस्तु इकट्ठा करें, और नगर-नगर में भण्डार घर भोजन के लिये, फ़िरौन के वश में करके उसकी रक्षा करें। | [92, 344, 346, 348, 350, 14, 54, 28, 30, 32, 170, 36, 352, 48, 354, 38, 16, 30, 48, 356, 358, 36, 6, 120, 218, 360] |
source: मिश्मा, दूमा, मस्सा, target: [4, 6, 8] source: यहूदा की ओर से जो यीशु मसीह का दास और याकूब का भाई है, उन बुलाए हुओं के नाम जो परमेश्वर पिता में प्रिय और यीशु मसीह के लिये सुरक्षित हैं। target: [10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 18, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 22, 14, 16, 52, 54, 56, 58, 6... | और तुम मसीह के हो, और मसीह परमेश्वर का है। | [22, 74, 16, 52, 288, 22, 16, 46, 18, 94] |
source: फिर यदि तू हमारी यह बात किसी पर प्रगट करे, तो जो शपथ तूने हमको खिलाई है उससे हम स्वतंत्र ठहरेंगे।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 8, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34] source: उन्होंने कहा, “तूने हमको बचा लिया है; हमारे प्रभु के अनुग्रह की दृष्टि हम पर बनी रहे, और हम फ़िरौन के दास होकर रहेंगे।” target: [36,... | उन्होंने उससे कहा, “जो शपथ तूने हमको खिलाई है उसके विषय में हम तो निर्दोष रहेंगे। | [334, 336, 178, 16, 338, 8, 230, 280, 340, 342, 344, 346, 348, 350, 352, 30, 354, 34] |
source: और वहाँ से जहाज द्वारा अन्ताकिया गये, जहाँ वे उस काम के लिये जो उन्होंने पूरा किया था परमेश्वर के अनुग्रह में सौंपे गए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: क्या मैंने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बाँधकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और त... | मैं यह आज्ञा देता हूँ कि जहाँ-जहाँ मेरे राज्य का अधिकार है, वहाँ के लोग दानिय्येल के परमेश्वर के सम्मुख काँपते और थरथराते रहें, क्योंकि जीविता और युगानुयुग तक रहनेवाला परमेश्वर वही है; उसका राज्य अविनाशी और उसकी प्रभुता सदा स्थिर रहेगी। (दानि. 7:27, भज. 99:1-3) | [60, 398, 426, 428, 286, 206, 376, 192, 430, 432, 106, 194, 434, 28, 44, 436, 438, 74, 440, 22, 442, 44, 132, 74, 444, 30, 446, 102, 24, 108, 432, 448, 132, 74, 24, 46, 450, 452, 454, 456] |
source: हरारी शम्मा, हरारी शारार का पुत्र अहीआम, target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16] source: माका देश के अहसबै का पुत्र एलीपेलेत, गीलोवासी अहीतोपेल का पुत्र एलीआम, target: [18, 14, 20, 12, 14, 22, 24, 26, 12, 14, 28] source: और हित्ती ऊरिय्याह थाः सब मिलाकर सैंतीस थे। target: [30, 32, 34, 36, 38] source: शमीदा के पुत्र अ... | हरारी साकार का पुत्र अहीआम, ऊर का पुत्र एलीपाल, | [218, 220, 12, 98, 16, 222, 98, 224] |
source: जिस ने हम पर छाप भी कर दी है और बयाने में आत्मा को हमारे मनों में दिया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38] source: इसी से हम जानते हैं, कि हम उसमें बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपनी आत्मा में से हमें दिया है। target: [40, 42, 44, 46, 42, 48, 50, 14, 52, 10,... | और जिस ने हमें इसी बात के लिये तैयार किया है वह परमेश्वर है, जिस ने हमें बयाने में आत्मा भी दिया है। | [16, 342, 242, 344, 346, 304, 336, 268, 106, 28, 242, 18, 348, 22, 24, 26, 32, 34, 60, 62, 38] |
source: और इस बात की चर्चा उस सारे देश में फैल गई। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16] source: उस समय यारोबाम का बेटा अबिय्याह रोगी हुआ। target: [8, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 16] source: और चेले झील के उस पार जाते समय रोटी लेना भूल गए थे। target: [32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 16] source: फाड़ने का समय, और सी... | उस समय चौथाई देश के राजा* हेरोदेस ने यीशु की चर्चा सुनी। | [8, 258, 260, 262, 264, 266, 268, 270, 16] |
source: जो कुछ तुम जानते हो वह मैं भी जानता हूँ; मैं तुम लोगों से कुछ कम नहीं हूँ। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 8, 18, 20] source: क्या आँखें रखते हुए भी नहीं देखते, और कान रखते हुए भी नहीं सुनते? और तुम्हें स्मरण नहीं? target: [22, 24, 26, 28, 30, 26, 32, 34, 36, 38] source: हे यहोवा, मैं तेरे धाम से तेरी महिमा क... | “मैं तुम्हारे पर्वों से बैर रखता, और उन्हें निकम्मा जानता हूँ, और तुम्हारी महासभाओं से मैं प्रसन्न नहीं। | [258, 16, 260, 262, 106, 264, 266, 268, 16, 270, 272] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: जो खतना किया हुआ बुलाया गया हो, वह खतनारहित न बने: जो खतनारहित बुलाया गया हो, वह खतना न कराए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 10, 12, 14, 38, 22, 4, 40, 42, 32] source: “तूने खतनारहित लोगों के यहाँ जाकर उनके साथ खाया।” target: [44, 46, 48, 4, 50, 52, 54, 56, 58, 60, 62,... | फिर यहूदी की क्या बड़ाई, या खतने का क्या लाभ? | [324, 406, 408, 410, 198, 18, 164, 412, 414, 416] |
source: गोशेन, होलोन और गीलो; ये ग्यारह नगर हैं, और इनके गाँव भी हैं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20] source: कैन, गिबा, और तिम्नाह; ये दस नगर हैं और इनके गाँव भी हैं। target: [22, 24, 8, 26, 12, 28, 16, 18, 20] source: इनको छोड़ इनके सात हजार तीन सौ सैंतीस दास-दासियाँ और दो सौ गानेवाले और गानेवालियाँ थीं। t... | कपरम्मोनी, ओफनी और गेबा; ये बारह नगर और इनके गाँव मिले। | [250, 252, 254, 8, 256, 12, 258, 16, 18, 20] |
source: यहोवा ने मुझसे कहा, “हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ओहोला और ओहोलीबा का न्याय करेगा? तो फिर उनके घिनौने काम उन्हें जता दे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42] source: क्योंकि वे उसके पास ऐसे गए जैसे लोग वेश्या के पास जाते हैं। वैसे ही वे ओहोला और ओहोलीबा नामक महाप... | उन लड़कियों में से बड़ी का नाम ओहोला और उसकी बहन का नाम ओहोलीबा था। वे मेरी हो गई, और उनके पुत्र पुत्रियाँ उत्पन्न हुईं। उनके नामों में से ओहोला तो शोमरोन, और ओहोलीबा यरूशलेम है। | [368, 370, 372, 20, 22, 374, 372, 376, 328, 66, 378, 380, 382, 384, 22, 386, 388, 390, 66, 32, 392, 394, 396, 398, 400, 394, 402, 22, 24, 394, 404, 406, 66] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: और उसने कहा, “धन्य है इस्राएल का परमेश्वर यहोवा! जिस ने अपने मुँह से मेरे पिता दाऊद को यह वचन दिया था, और अपने हाथ से उसे पूरा किया है, target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 6, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 30, 36, 38, 40, 32, 42, 30, 44, 46, 48, 50, 52] source: यह वचन जो यहोवा ने कहा था, उसे उसने पूरा भी कि... | और उसने कहा, “धन्य है इस्राएल का परमेश्वर यहोवा, जिसने अपने मुँह से मेरे पिता दाऊद को यह वचन दिया था, और अपने हाथों से इसे पूरा किया है, | [180, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 6, 32, 34, 276, 24, 26, 28, 30, 36, 38, 40, 44, 46, 32, 42, 30, 48, 50, 278] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: तब पतरस उठकर कब्र पर दौड़ा गया, और झुककर केवल कपड़े पड़े देखे, और जो हुआ था, उससे अचम्भा करता हुआ, अपने घर चला गया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 10, 36, 38, 40, 42] source: और झुककर कपड़े पड़े देखे: तो भी वह भीतर न गया। target: [44, 10, 22, 24, 30, 4, 46, 48] source: छः ... | तब शमौन पतरस उसके पीछे-पीछे पहुँचा और कब्र के भीतर गया और कपड़े पड़े देखे। | [32, 108, 6, 18, 272, 274, 10, 94, 276, 278, 22, 24, 280] |
source: और उससे कहा, “यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो अपने आप को नीचे गिरा दे; क्योंकि लिखा है, ‘वह तेरे विषय में अपने स्वर्गदूतों को आज्ञा देगा, और वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे; कहीं ऐसा न हो कि तेरे पाँवों में पत्थर से ठेस लगे*।’” (भज. 91:11-12) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36... | और ‘वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे ऐसा न हो कि तेरे पाँव में पत्थर से ठेस लगे’।” (भज. 91:11,12) | [4, 460, 56, 58, 60, 462, 64, 66, 68, 70, 464, 74, 466] |
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