instruction stringlengths 51 6.92k | input stringlengths 1 707 | output stringlengths 3 549 |
|---|---|---|
source: हिव्वी, अर्की, सीनी, target: [4, 6, 8] source: हिव्वी, अर्की, सीनी, target: [4, 6, 8] source: और बेला के पुत्र अर्द और नामान थे; और अर्द से अर्दियों का कुल, और नामान से नामानियों का कुल चला। target: [10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 14, 24, 26, 16, 22, 18, 24, 28] source: और गेर्शोम के पुत्रों के नाम ये थे, अर्थात् ... | और उसी पानी का दृष्टान्त भी, अर्थात् बपतिस्मा, यीशु मसीह के जी उठने के द्वारा, अब तुम्हें बचाता है; उससे शरीर के मैल को दूर करने का अर्थ नहीं है, परन्तु शुद्ध विवेक से परमेश्वर के वश में हो जाने का अर्थ है। | [30, 212, 214, 100, 216, 218, 220, 222, 224, 226, 228, 230, 232, 234, 236, 94, 238, 70, 240, 90, 92] |
source: इसलिए, जैसा मसीह ने भी परमेश्वर की महिमा के लिये तुम्हें ग्रहण किया है, वैसे ही तुम भी एक दूसरे को ग्रहण करो। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 16, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42] source: प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह तुम पर होता रहे। target: [44, 46, 22, 38, 48, 50, 52, 42] source: तुम मेरी ज... | इसलिए, जैसे तुम ने मसीह यीशु को प्रभु करके ग्रहण कर लिया है, वैसे ही उसी में चलते रहो। | [290, 20, 8, 44, 46, 22, 14, 16, 292, 294, 8, 150, 74, 194, 296, 298] |
source: सहज क्या है? क्या यह कहना, कि ‘तेरे पाप क्षमा हुए,’ या यह कहना कि ‘उठ और चल फिर?’ target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 8, 16, 18, 20] source: सहज क्या है? यह कहना, ‘तेरे पाप क्षमा हुए’, या यह कहना, ‘उठ और चल फिर।’ target: [4, 22, 24, 10, 12, 14, 24, 16, 18, 20] source: परन्तु इसलिए कि तुम जान लो कि मनुष्य के पुत्र को ... | सहज क्या है? क्या लकवे के मारे से यह कहना कि तेरे पाप क्षमा हुए, या यह कहना, कि उठ अपनी खाट उठाकर चल फिर? | [4, 6, 48, 232, 8, 10, 12, 14, 8, 234, 56, 58, 18, 20] |
source: उसने मेरी देह पर जो यह इत्र उण्डेला है, वह मेरे गाड़े जाने के लिये किया है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: परन्तु सुलैमान ने उसके लिये घर बनाया। (1 राजा. 6:1,2, 1 राजा. 6:14, 1 राजा. 8:19-20, 2 इति. 3:1, 2 इति. 5:1, 2 इति. 6:2, 2 इति. 6:10) target: [32, 34, 36, 38, 40] sou... | तेरे भाँति-भाँति के इत्रों का सुगन्ध उत्तम है, तेरा नाम उण्डेले हुए इत्र के तुल्य है; इसलिए कुमारियाँ तुझ से प्रेम रखती हैं | [204, 292, 294, 296, 298, 56, 196, 50, 300, 302, 64, 304, 306, 308, 198, 310] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: और उसने तम्बू के लिये लाल रंग से रंगी हुई मेढ़ों की खालों का एक ओढ़ना और उसके ऊपर के लिये सुइसों की खालों का एक ओढ़ना बनाया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 22, 32, 34, 36, 38] source: फिर तम्बू के लिये लाल रंग से रंगी हुई मेढ़ों की खालों का एक ओढ़ना और उसके ऊपर सुइसों की खालों का ... | और उसने निवास के ऊपर तम्बू को फैलाया, और तम्बू के ऊपर उसने ओढ़ने को लगाया; जिस प्रकार यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी। | [148, 308, 68, 310, 4, 212, 312, 192, 46, 314, 316, 318, 320, 322, 278, 82, 324] |
source: सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, “मैं उनके विरुद्ध उठूँगा, और बाबेल का नाम और निशान मिटा डालूँगा, और बेटों-पोतों को काट डालूँगा,” यहोवा की यही वाणी है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 4, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 14, 16, 18] source: फिर मैंने जो आँखें उठाई*, तो क्या देखा कि चार सींग हैं। targe... | यह तेरे क्रोध और कोप के कारण हुआ है, क्योंकि तूने मुझे उठाया, और फिर फेंक दिया है। | [62, 328, 374, 376, 144, 54, 48, 108, 296, 378, 380, 382] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: होशे के नौवें वर्ष में अश्शूर के राजा ने शोमरोन को ले लिया, और इस्राएलियों को अश्शूर में ले जाकर, हलह में और गोजान की नदी हाबोर के पास और मादियों के नगरों में बसाया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 20, 42, 44, 46, 48, 28] source: तब अश्शूर का राजा इस्राएलियों को... | इसलिए इस्राएल के परमेश्वर ने अश्शूर के राजा पूल और अश्शूर के राजा तिग्लत्पिलेसेर का मन उभारा, और इन्होंने उन्हें अर्थात् रूबेनियों, गादियों और मनश्शे के आधे गोत्र के लोगों को बन्धुआ करके हलह, हाबोर* और हारा और गोजान नदी के पास पहुँचा दिया; और वे आज के दिन तक वहीं रहते हैं। | [150, 416, 418, 268, 420, 422, 418, 268, 424, 138, 426, 428, 28, 430, 432, 434, 20, 170, 76, 436, 298, 438, 26, 28, 430, 30, 440, 442, 444, 20, 446, 448, 60, 56, 450, 452, 454, 456, 458, 28] |
source: तो हे राजा, मार्ग में दोपहर के समय मैंने आकाश से सूर्य के तेज से भी बढ़कर एक ज्योति, अपने और अपने साथ चलनेवालों के चारों ओर चमकती हुई देखी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 12, 48, 50, 52] source: “हे आकाश कान लगा, कि मैं बोलूँ; और हे पृथ्वी, मेरे मुँ... | क्योंकि जैसे बिजली आकाश की एक छोर से कौंधकर आकाश की दूसरी छोर तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य का पुत्र भी अपने दिन में प्रगट होगा। | [94, 96, 98, 100, 22, 12, 198, 26, 332, 334, 276, 42, 22, 12, 198, 182, 332, 112, 50, 276, 118, 98, 120, 124, 122, 40, 132, 20, 128] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: तब मैंने कहा, 'हे मेरे प्रभु ये कौन हैं?' तब जो दूत मुझसे बातें करता था, उसने मुझसे कहा, 'मैं तुझे दिखाऊँगा कि ये कौन हैं।' target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 8, 40, 42, 44, 46, 14, 16, 48] source: “जब तुम मुझसे ये बातें कह रहे थे तब यहोवा ने तुम्हारी बातें सुनीं; तब उ... | फिर उसने मुझसे कहा, “जो पानी तूने देखे, जिन पर वेश्या बैठी है, वे लोग, भीड़, जातियाँ, और भाषाएँ हैं। | [122, 78, 24, 38, 64, 298, 300, 176, 302, 304, 306, 78, 308, 310, 120, 78, 312, 122, 314, 122, 316, 122, 318, 80] |
source: और गाद के गोत्र के गिने हुए पुरुष पैंतालीस हजार साढ़े छः सौ थे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16] source: और बिन्यामीन के गोत्र के गिने हुए पुरुष पैंतीस हजार चार सौ थे। target: [18, 6, 8, 20, 12, 14, 16] source: जिन्होंने रोटियाँ खाई, वे पाँच हजार पुरुष थे। target: [22, 24, 26, 28, 30, 32, 14, 16] source: तेरे ... | और रूबेन के गोत्र के गिने हुए पुरुष साढ़े छियालीस हजार थे। | [226, 6, 8, 228, 12, 14, 16] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: कि वह उसके हाकिमों को अपनी इच्छा के अनुसार नियंत्रित करे और पुरनियों को ज्ञान सिखाए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26] source: अपनी करुणा के अनुसार मेरी सुन ले; हे यहोवा, अपनी नियमों के रीति अनुसार मुझे जीवित कर। target: [28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 28, 46, 48] source: “हे प्रभु, अब ... | इसलिए अब यह काम पूरा करो; कि जिस प्रकार इच्छा करने में तुम तैयार थे, वैसा ही अपनी-अपनी पूँजी के अनुसार पूरा भी करो। | [56, 334, 336, 338, 222, 340, 142, 342, 344, 346, 8, 142, 348] |
source: मैंने कहा, “यह तो मेरा दुःख है, कि परमप्रधान का दाहिना हाथ बदल गया है।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28] source: मैं मेघों से भी ऊँचे-ऊँचे स्थानों के ऊपर चढूँगा, मैं परमप्रधान के तुल्य हो जाऊँगा।' target: [4, 30, 32, 34, 4, 36, 38, 40] source: विपत्ति और कल्याण, क्या दोनों परमप्रधान की ... | और वह परमप्रधान के विरुद्ध बातें कहेगा, और परमप्रधान के पवित्र लोगों को पीस डालेगा, और समयों और व्यवस्था के बदल देने की आशा करेगा, वरन् साढ़े तीन काल तक वे सब उसके वश में कर दिए जाएँगे। (प्रका. 13:6-7) | [76, 218, 52, 328, 330, 122, 52, 176, 332, 334, 336, 338, 340, 122, 342, 344, 76, 346, 348, 350, 352, 354, 130, 356, 358, 324, 122, 360, 362, 364, 366] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: वह अपना सोंटा मुझ पर से दूर करे और उसकी भय देनेवाली बात मुझे न घबराए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 16, 34] source: तेरा क्रोध मुझ पर पड़ा है; उस भय से मैं मिट गया हूँ। target: [36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 58, 60, 62, 64, 66] source: मीका का भाई यिश्शिय्याह, य... | और जकर्याह देखकर घबराया और उस पर बड़ा भय छा गया। | [250, 238, 358, 28, 142] |
source: और मिर्मा उत्पन्न हुए। उसके ये पुत्र अपने-अपने पितरों के घरानों में मुख्य पुरुष थे। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 8, 20, 22, 24] source: उसके सात बेटे और तीन बेटियाँ उत्पन्न हुई। target: [26, 28, 8, 30, 32, 34] source: और उसके सात बेटे और तीन बेटियाँ भी उत्पन्न हुई। target: [36, 26, 28, 8, 30, 38,... | और उसके पुत्र शमायाह के भी पुत्र उत्पन्न हुए, जो शूरवीर होने के कारण अपने पिता के घराने पर प्रभुता करते थे। | [214, 156, 216, 218, 220, 150, 222, 48, 224, 226, 228, 230, 232, 234, 236, 168, 238, 24] |
source: और मैं अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त इस नगर की रक्षा करके इसे बचाऊँगा*।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 14, 30, 32] source: अश्शूर के राजा के हाथ से मैं तेरी और इस नगर की रक्षा करके बचाऊँगा।'” target: [14, 34, 20, 4, 36, 38, 40, 42, 44, 20, 4, 6, 46, 48] source: मैं तेरी आय... | क्योंकि मैं अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त, इस नगर की रक्षा करके उसे बचाऊँगा*।” | [176, 14, 434, 428, 22, 24, 26, 28, 4, 6, 8, 74] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: बाहरी कोठरियों के बीच-बीच भवन के आस-पास बीस हाथ का अन्तर था। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 24] source: फिर उसने भवन की दीवार को मापकर छः हाथ की पाया, और भवन के आस-पास चार-चार हाथ चौड़ी बाहरी कोठरियाँ थीं। target: [40, 42, 44, 46, 48, 50, 24, 52, 54, 36, 56, 38, 24... | फिर मैंने भवन के आस-पास ऊँची भूमि देखी, और बाहरी कोठरियों की ऊँचाई जोड़ तक छः हाथ के बाँस की थी। | [228, 322, 46, 166, 372, 374, 376, 348, 64, 118, 96, 378, 22, 24, 52, 380, 382, 384, 164, 54, 36, 38, 24] |
source: क्योंकि मैं यहोवा के मार्गों पर चलता रहा, और अपने परमेश्वर से मुँह मोड़कर दुष्ट न बना। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 14, 30, 32] source: जो कुछ नितान्त ठीक है उसी का पीछा करना, जिससे तू जीवित रहे, और जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसका अधिकारी बना रहे। target: [34, 36, 38,... | जिस मार्ग पर चलने की आज्ञा तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुमको दी है उस सारे मार्ग पर चलते रहो, कि तुम जीवित रहो, और तुम्हारा भला हो, और जिस देश के तुम अधिकारी होंगे उसमें तुम बहुत दिनों के लिये बने रहो। (लूका 1:6) | [62, 366, 18, 368, 370, 32, 44, 46, 48, 92, 150, 372, 146, 308, 374, 42, 50, 56, 248, 120, 62, 322, 376, 18, 106, 378, 128, 114, 106, 124, 126, 128, 32] |
source: जब दाऊद का मित्र एरेकी हूशै अबशालोम के पास पहुँचा, तब हूशै ने अबशालोम से कहा, “राजा चिरंजीव रहे! राजा चिरंजीव रहे!” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 20, 32, 24, 34, 36, 38, 40, 42, 38, 40, 44] source: तब योआब को यह समाचार मिला, “राजा अबशालोम के लिये रो रहा है और विलाप कर रहा है।” ta... | फिर गिलादी बर्जिल्लै के पुत्रों पर कृपा रखना, और वे तेरी मेज पर खानेवालों में रहें, क्योंकि जब मैं तेरे भाई अबशालोम के सामने से भागा जा रहा था, तब उन्होंने मेरे पास आकर वैसा ही किया था। | [80, 412, 414, 54, 416, 276, 334, 418, 104, 238, 34, 256, 54, 112, 96, 420, 422, 360, 424, 274, 426, 428, 94, 96, 202, 204, 172, 70, 64, 24, 54, 430, 432, 210, 30, 98, 434, 436, 152, 26, 438, 230] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: मैंने अपनी खाल पर टाट को सी लिया है, और अपना बल मिट्टी में मिला दिया है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 4, 14, 16, 18, 4, 20, 22, 24, 26, 28, 24, 30, 32, 34, 36] source: हे यहोवा, मेरे वचनों को स्वेच्छाबलि जानकर ग्रहण कर, और अपने नियमों को मुझे सिखा। target: [38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 58, 24, 30, 60, 6... | यह सुनकर मूसा अपने मुँह के बल गिरा; | [340, 66, 284, 222, 268, 342, 344] |
source: जो कुछ उसकी ओर से और सारी मण्डली की ओर से उन्हें सौंपा जाए उसकी देख-रेख वे मिलापवाले तम्बू के सामने करें, इस प्रकार वे तम्बू की सेवा करें*; target: [4, 6, 8, 10, 4, 12, 14, 16, 10, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 6, 34, 36, 38, 40, 42] source: मिलापवाले तम्बू के द्वार पर ले आ, और वहीं सारी मण्डली को इकट्ठा कर।”... | पर लेवीय अपने डेरे साक्षी के तम्बू ही के चारों ओर खड़े किया करें, कहीं ऐसा न हो कि इस्राएलियों की मण्डली पर मेरा कोप भड़के; और लेवीय साक्षी के तम्बू की रक्षा किया करें।” | [154, 258, 260, 24, 34, 24, 248, 262, 22, 264, 54, 32, 152, 36, 14, 80, 74, 16, 266, 166, 268, 4, 258, 260, 24, 34, 36, 270, 42] |
source: इसी तरह से प्रधान याजक भी, शास्त्रियों समेत, आपस में उपहास करके कहते थे; “इसने औरों को बचाया, पर अपने को नहीं बचा सकता। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 12, 38, 40, 42, 44, 46, 40, 48, 50, 52] source: “यदि तू यहूदियों का राजा है, तो अपने आप को बचा!” target: [54, 56, 58, ... | लोग खड़े-खड़े देख रहे थे, और सरदार भी उपहास कर-करके कहते थे, “इसने औरों को बचाया, यदि यह परमेश्वर का मसीह है, और उसका चुना हुआ है, तो अपने आप को बचा ले।” (भज. 22:7) | [32, 326, 154, 186, 328, 330, 332, 32, 334, 14, 28, 22, 336, 338, 340, 36, 12, 38, 40, 342, 158, 186, 98, 60, 344, 32, 174, 60, 346, 348, 350, 66, 44, 46, 40, 50, 352] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: मैं घुटनों पर क्यों लिया गया? मैं छातियों को क्यों पीने पाया? target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 10, 24, 26] source: कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें*, target: [28, 30, 16, 32, 34, 16, 32, 36, 38, 40, 42, 36, 44, 46, 48, 50, 52, 54] source: तुझे ... | “हे मनुष्य के सन्तान, देख, मैं तेरी आँखों की प्रिय को मारकर तेरे पास से ले लेने पर हूँ*; परन्तु न तू रोना-पीटना और न आँसू बहाना। | [204, 326, 36, 328, 330, 22, 332, 334, 78, 336, 20, 338, 262, 340, 342, 344, 294, 346, 348, 56, 182, 350, 352, 182, 354, 16, 182, 356, 358] |
source: सबसे अन्तिम बैरी जो नाश किया जाएगा वह मृत्यु है*। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18] source: उनमें से जो सबसे उत्तम है, वह कटीली झाड़ी के समान दुःखदाई है, जो सबसे सीधा है, वह काँटेवाले बाड़े से भी बुरा है। तेरे पहरुओं का कहा हुआ दिन, अर्थात् तेरे दण्ड का दिन आ गया है। अब वे शीघ्र भ्रमित हो जाएँगे। target: [2... | ये गादी मुख्य योद्धा थे, उनमें से जो सबसे छोटा था वह तो एक सौ के ऊपर, और जो सबसे बड़ा था, वह हजार के ऊपर था। | [322, 382, 384, 386, 126, 388, 4, 390, 12, 392, 94, 4, 356, 12, 394, 194] |
source: और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उससे प्रसन्न न होगा।” (हब. 2:4, गला. 3:11) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: पर यह बात प्रगट है, कि व्यवस्था के द्वारा परमेश्वर के यहाँ कोई धर्मी नहीं ठहरता क्योंकि धर्मी जन विश्वास से जीव... | क्योंकि उसमें परमेश्वर की धार्मिकता विश्वास से और विश्वास के लिये प्रगट होती है; जैसा लिखा है, “विश्वास से धर्मी जन जीवित रहेगा।” (हब. 2:4, गला. 3:11) | [54, 362, 364, 366, 100, 10, 368, 136, 370, 54, 372, 374, 182, 376, 378, 10, 380] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: यह आज्ञा जो यहोवा ने मूसा और हारून को दी उसके अनुसार सारे इस्राएलियों ने किया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26] source: क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यह कहता है, इस देश में घर और खेत और दाख की बारियाँ फिर बेची और मोल ली जाएँगी।' target: [28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46... | इसलिए हरकारे राजा और उसके हाकिमों से चिट्ठियाँ लेकर, राजा की आज्ञा के अनुसार सारे इस्राएल और यहूदा में घूमे*, और यह कहते गए, “हे इस्राएलियों! अब्राहम, इसहाक, और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो, कि वह अश्शूर के राजाओं के हाथ से बचे हुए तुम लोगों की ओर फिरे। | [314, 316, 318, 244, 10, 320, 322, 324, 326, 328, 306, 330, 10, 332, 194, 26, 166, 70, 334, 336, 338, 126, 128, 10, 34, 32, 340, 342, 344, 346, 348, 350, 88, 352, 354, 356, 358, 164, 26] |
source: तब मूसा ने इस्राएलियों से फसह मानने के लिये कह दिया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: इस कारण मैंने उसको उन्हीं अश्शूरी मित्रों के हाथ कर दिया जिन पर वह मोहित हुई थी। target: [24, 26, 28, 30, 32, 34, 30, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 22] source: और यहूदियों के फसह का पर्व निकट था। target: [50... | “इस्राएलियों से कह कि चाहे तुम लोग चाहे तुम्हारे वंश में से कोई भी किसी लोथ के कारण अशुद्ध हो, या दूर की यात्रा पर हो, तो भी वह यहोवा के लिये फसह को माने। | [60, 386, 388, 22, 390, 392, 394, 396, 398, 256, 122, 266, 400, 402, 404, 266, 406, 136, 138, 52, 408, 410, 412, 414] |
source: मल्लूक, हारीम और बानाह। target: [4, 6, 8, 10] source: और कोई सत्यानाश की वस्तु तेरे हाथ न लगने पाए; जिससे यहोवा अपने भड़के हुए कोप से शान्त होकर जैसा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाई थी वैसा ही तुझ से दया का व्यवहार करे, और दया करके तुझको गिनती में बढ़ाए। target: [12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36... | चोट लगने से जो घाव होते हैं, वे बुराई दूर करते हैं; और मार खाने से हृदय निर्मल हो जाता है। | [358, 360, 82, 154, 362, 364, 366, 96, 368, 138, 370, 196, 188, 8, 372, 374, 376, 138, 378] |
source: क्योंकि पृथ्वी पर देश-देश के लोगों में ऐसा होगा जैसा कि जैतून के झाड़ने के समय, या दाख तोड़ने के बाद कोई-कोई फल रह जाते हैं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 10, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 20, 28, 30, 10, 32, 34, 36] source: उन्होंने उससे कहा, “वह उन बुरे लोगों को बुरी रीति से नाश करेगा; और दाख की बारी का ठेका और किस... | नियुक्त समय पर उसने किसानों के पास एक दास को भेजा, कि वे दाख की बारी के कुछ फलों का भाग उसे दें, पर किसानों ने उसे पीट कर खाली हाथ लौटा दिया। | [60, 42, 40, 74, 348, 82, 84, 44, 68, 86, 88, 72, 90, 64, 10, 78, 94, 42, 44, 96, 350, 186, 68, 40, 42, 44, 352, 354, 100, 356, 358, 360, 362, 336] |
source: ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो। (इब्रा. 12:12) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: और प्रेम, और भले कामों में उस्काने के लिये एक दूसरे की चिन्ता किया करें। target: [24, 26, 28, 30, 32, 34, 12, 36, 38, 40, 42, 44, 46] source: बुराई से बैर और भलाई से प्रीति रखो, और फाट... | बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूँढ़ और उसी का पीछा कर। (इब्रा. 12:14) | [370, 372, 374, 376, 378, 12, 36, 372, 104, 380, 382, 384, 12, 386, 388] |
source: उन्होंने उससे कहा, “परमेश्वर के कार्य करने के लिये हम क्या करें?” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: उन्होंने उससे कहा, “हे प्रभु, यह कि हमारी आँखें खुल जाएँ।” target: [24, 26, 28, 30, 32, 34] source: और लोगों ने उससे पूछा, “तो हम क्या करें?” target: [36, 38, 40, 42, 44, 22] source: शमूएल ने... | उन्होंने उससे पूछा, “तू कहाँ चाहता है, कि हम तैयार करें?” | [8, 10, 278, 280, 282, 22] |
source: आमोत्स के पुत्र यशायाह का दर्शन, जिसको उसने यहूदा और यरूशलेम के विषय में उज्जियाह, योताम, आहाज, और हिजकिय्याह नामक यहूदा के राजाओं के दिनों में पाया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 6, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 6, 36, 38, 40, 22, 32, 42, 6, 44, 46] source: बाबेल के विषय की भारी भविष्यद्वाणी जिसको आ... | आमोत्स के पुत्र यशायाह का वचन, जो उसने यहूदा और यरूशलेम के विषय में दर्शन में पाया। | [4, 6, 8, 10, 12, 332, 16, 18, 20, 22, 32, 42, 6, 44, 58, 40, 46] |
source: फिर परमेश्वर ने एक दूत यरूशलेम को भी उसे नाश करने को भेजा; और वह नाश करने ही पर था, कि यहोवा दुःख देने से खेदित हुआ, और नाश करनेवाले दूत से कहा, “बस कर; अब अपना हाथ खींच ले।” और यहोवा का दूत यबूसी ओर्नान के खलिहान के पास खड़ा था। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 10, 18, 20, 22, 24, 20, 26, 28, 30, 32, 34, 36,... | परन्तु जब दूत ने यरूशलेम का नाश करने को उस पर अपना हाथ बढ़ाया, तब यहोवा वह विपत्ति डालकर शोकित हुआ, और प्रजा के नाश करनेवाले दूत से कहा, “बस कर; अब अपना हाथ खींच।” यहोवा का दूत उस समय अरौना नामक एक यबूसी के खलिहान के पास था। | [400, 206, 10, 14, 402, 10, 18, 20, 22, 292, 28, 36, 38, 404, 406, 408, 122, 410, 412, 48, 50, 52, 54, 58, 60, 56, 28, 62, 64, 66, 68, 414] |
source: इसलिए इन बातों से एक दूसरे को शान्ति दिया करो। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16] source: यीशु ने उत्तर दिया, “मैं तो तुम से कह चुका हूँ कि मैं हूँ, यदि मुझे ढूँढ़ते हो तो इन्हें जाने दो*।” target: [18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 6, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: यदि वे सब एक ही अंग होते, तो देह कह... | इसलिए यदि तू इन लोगों को एक ही बार में मार डाले, तो जिन जातियों ने तेरी कीर्ति सुनी है वे कहेंगी, | [190, 82, 114, 8, 408, 176, 410, 412, 44, 242, 414, 416, 418, 420, 340, 52, 422, 98, 424] |
source: अजर्याह से हेलेस, हेलेस से एलासा, target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 10, 6, 8, 16, 18] source: ओबेद से येहू, येहू से अजर्याह, target: [20, 6, 8, 22, 12, 14, 22, 6, 8, 4, 18] source: उसके भाई जो यहोशापात के पुत्र थे: अर्थात् अजर्याह, यहीएल, जकर्याह, अजर्याह, मीकाएल और शपत्याह; ये सब इस्राएल के राजा यहोशापात के पुत्र ... | सातवें वर्ष में यहोयादा ने हियाव बाँधकर यरोहाम के पुत्र अजर्याह, यहोहानान के पुत्र इश्माएल, ओबेद के पुत्र अजर्याह, अदायाह के पुत्र मासेयाह और जिक्री के पुत्र एलीशापात, इन शतपतियों से वाचा बाँधी। | [162, 164, 166, 168, 170, 172, 174, 176, 178, 14, 180, 26, 182, 174, 184, 78, 26, 8, 4, 90, 186, 26, 8, 188, 90, 20, 26, 8, 4, 90, 190, 26, 8, 192, 90, 194, 26, 8, 196, 174, 170, 198, 200, 202, 124, 204] |
source: कि सब लोग अपने-अपने दास-दासी को जो इब्री या इब्रिन हों, स्वाधीन करके जाने दें, और कोई अपने यहूदी भाई से फिर अपनी सेवा न कराए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 8, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 10, 30, 32, 34, 36, 38] source: ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो। (इब्रा. 12:12) target: [40, 42, 44... | अपने पाँव रखने के लिये मार्ग को समतल कर, तब तेरे सब मार्ग ठीक रहेंगे। (इब्रानियों. 12:13) | [300, 302, 304, 102, 148, 306, 308] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: क्योंकि मैं तो अब गिरने ही पर हूँ; और मेरा शोक निरन्तर मेरे सामने है*। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26] source: क्या ही धन्य हैं वे, जो तेरे भवन में रहते हैं; वे तेरी स्तुति निरन्तर करते रहेंगे। (सेला) target: [28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 30, 44, 46, 48, 50, 52] source: और वर्षा चालीस द... | मैं तो अपने अपराधों को जानता हूँ, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है। | [298, 192, 4, 130, 354, 356, 358, 12, 14, 204, 18, 20, 360, 26] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: वैसे ही तेरे यहाँ कुछ तो ऐसे हैं, जो नीकुलइयों की शिक्षा को मानते हैं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 4, 20, 22] source: दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है। target: [24, 26, 24, 28, 30, 32, 34, 26, 34, 36, 38] source: जब उसने देखा कि मैं याकूब पर प्रबल नहीं होता, तब उसकी जाँघ की नस क... | पर हाँ, तुझ में यह बात तो है, कि तू नीकुलइयों के कामों से घृणा करता है, जिनसे मैं भी घृणा करता हूँ। (भज. 139:21) | [90, 308, 310, 312, 12, 314, 260, 270, 60, 316, 318, 236] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: तब उसने इस्राएलियों से कहा, “इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यह कहता है, 'मैं तो इस्राएल को मिस्र देश से निकाल लाया, और तुम को मिस्रियों के हाथ से, और उन सब राज्यों के हाथ से जो तुम पर अंधेर करते थे छुड़ाया है।' target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 16, 8, 32, 34, 36, 38, 4, 40, 42, 44, 46, 4... | और कहते थे, “हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा, इस्राएल में ऐसा क्यों होने पाया, कि आज इस्राएल में एक गोत्र की घटी हुई है?” | [4, 314, 316, 14, 16, 44, 318, 16, 158, 262, 80, 320, 28, 322, 16, 34, 226, 324, 326, 328, 330] |
source: उसने उनसे कहा, “क्या तुम ने नहीं पढ़ा, कि दाऊद ने, जब वह और उसके साथी भूखे हुए तो क्या किया? target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34] source: यीशु ने उनको उत्तर दिया, “क्या तुम ने यह नहीं पढ़ा, कि दाऊद ने जब वह और उसके साथी भूखे थे तो क्या किया? target: [36, 38, 40, 10, 12, 14, 16, ... | उसने उनसे कहा, “क्या तुम ने कभी नहीं पढ़ा, कि जब दाऊद को आवश्यकता हुई और जब वह और उसके साथी भूखे हुए, तब उसने क्या किया था? | [264, 38, 306, 10, 12, 14, 16, 54, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 308, 310, 24, 32, 34] |
source: और मैं तुम से कहता हूँ, कि जो कोई व्यभिचार को छोड़ और किसी कारण से अपनी पत्नी को त्याग कर, दूसरी से विवाह करे, वह व्यभिचार करता है: और जो उस छोड़ी हुई से विवाह करे, वह भी व्यभिचार करता है।” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56, 58, 32,... | और यदि पत्नी अपने पति को छोड़कर दूसरे से विवाह करे, तो वह व्यभिचार करती है।” | [22, 92, 16, 36, 278, 380, 22, 382, 26, 384, 98, 386, 32, 388] |
source: मूसा ने इस्राएलियों की सारी मण्डली इकट्ठा करके उनसे कहा, “जिन कामों के करने की आज्ञा यहोवा ने दी है वे ये हैं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40] source: तब इस्राएलियों की सारी मण्डली मूसा के सामने से लौट गई। target: [42, 8, 44, 46, 48, 50, 52, 54] source: और तू ले... | जब इस्राएलियों ने यह सुना, तब इस्राएलियों की सारी मण्डली* उनसे लड़ने के लिये चढ़ाई करने को शीलो में इकट्ठी हुई। | [328, 330, 8, 10, 332, 334, 336, 126, 8, 338, 46, 340, 342, 344, 346, 300, 14, 348] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: और यहोवा की यह वाणी है कि उस समय तू मुझे पति कहेगी और फिर बाली न कहेगी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 26, 38, 40, 42] source: और यीशु ने सूबेदार से कहा, “जा, जैसा तेरा विश्वास है, वैसा ही तेरे लिये हो।” और उसका सेवक उसी समय चंगा हो गया। target: [44, 46, 48, 50, 52, 24... | तब याकूब ने लाबान से कहा, “मेरी पत्नी मुझे दे, और मैं उसके पास जाऊँगा, क्योंकि मेरा समय पूरा हो गया है।” | [354, 264, 356, 50, 358, 360, 362, 364, 278, 360, 94, 26, 366, 368, 370, 372, 374, 376] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: वह बाजारों की भीड़ में पुकारती है; वह नगर के फाटकों के प्रवेश पर खड़ी होकर, यह बोलती है: target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26] source: पूर्व की ओर तीन फाटक, उत्तर की ओर तीन फाटक, दक्षिण की ओर तीन फाटक, और पश्चिम की ओर तीन फाटक थे। target: [28, 30, 32, 34, 30, 32, 36, 30, 38, 16, 40, 30, 38, 42, ... | “सकेत फाटक से प्रवेश करो, क्योंकि चौड़ा है वह फाटक और सरल है वह मार्ग जो विनाश की ओर ले जाता है; और बहुत सारे लोग हैं जो उससे प्रवेश करते हैं। | [330, 332, 70, 334, 44, 86, 336, 338, 38, 16, 340, 342, 344, 16, 346, 348, 228, 350, 352, 354, 44] |
source: परमेश्वर का भजन गाओ, भजन गाओ! हमारे महाराजा का भजन गाओ, भजन गाओ! target: [4, 6, 8, 6, 10, 12, 14, 16, 18, 6, 8, 6, 10, 12] source: हे पृथ्वी पर के राज्य-राज्य के लोगों परमेश्वर का गीत गाओ; प्रभु का भजन गाओ, (सेला) target: [20, 22, 24, 26, 28, 18, 10, 12, 30, 32, 34, 10, 12] source: यहोवा मेरा बल और भजन का विष... | कि परमेश्वर ने यीशु को जिलाकर, वही प्रतिज्ञा हमारी सन्तान के लिये पूरी की; जैसा दूसरे भजन में भी लिखा है, ‘तू मेरा पुत्र है; आज मैं ही ने तुझे जन्माया है।’ (भज. 2:7) | [308, 310, 312, 314, 316, 318, 320, 322, 258, 192, 324, 326, 328, 12, 330, 332, 334, 336, 230, 338, 340, 342, 50, 344, 346, 348, 58, 350, 352, 354, 356, 248] |
source: येतेरी ईरा, और गारेब, target: [4, 6, 8, 10, 12] source: और याईरी ईरा भी दाऊद का एक मंत्री था। target: [14, 4, 16, 18, 20, 22] source: और ईर के पुत्र शुप्पीम और हुप्पीम और अहेर के पुत्र हूशीम थे। target: [24, 12, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 28, 30, 38, 22] source: और मनश्शेई याईर ने जाकर गिलाद की कितनी बस्तियाँ ले ल... | येतेरी ईरा और गारेब, | [4, 6, 8, 6] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 22, 24, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 24] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोव... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [234, 236, 238, 196, 42, 240, 242, 244, 24] |
source: बादल और अंधकार उसके चारों ओर हैं; उसके सिंहासन का मूल धर्म और न्याय है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 6, 20, 10, 22, 24, 26, 22, 28, 30] source: क्योंकि मैं अंधकार से घिरा हुआ हूँ, और घोर अंधकार ने मेरे मुँह को ढाँप लिया है। target: [32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 6, 48, 36, 38, 50, 52, 54, 56, 58, 60]... | जब कि मैंने उसको बादल पहनाया और घोर अंधकार में लपेट दिया, | [306, 102, 4, 54, 10, 186, 308, 310, 6, 48, 36, 92, 116, 54, 312, 314] |
source: और यरीहो के पास की यरदन नदी के पूर्व ओर रूबेन के गोत्र में से तो अपनी-अपनी चराइयों समेत जंगल का बेसेर, यहस, target: [4, 6, 8, 10, 4, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 4, 28, 30, 32, 34] source: और आशेर के गोत्र में से अपनी-अपनी चराइयों समेत माशाल, अब्दोन, target: [4, 6, 8, 36, 32, 38, 40] source: और आशेर के गोत्र... | और रूबेन के गोत्र के भाग में से अपनी-अपनी चराइयों समेत बेसेर, यहस, | [4, 8, 182, 46, 184, 26, 30, 186, 30] |
source: “यह वह आज्ञा, और वे विधियाँ और नियम हैं जो तुम्हें सिखाने की तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने आज्ञा दी है, कि तुम उन्हें उस देश में मानो जिसके अधिकारी होने को पार जाने पर हो; target: [4, 6, 8, 10, 12, 10, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 16, 40, 42, 44, 46, 48, 30, 50, 52, 54] source: इसलिए यहोवा ... | तूने तो आज यहोवा को अपना परमेश्वर मानकर यह वचन दिया है, कि मैं तेरे बताए हुए मार्गों पर चलूँगा, और तेरी विधियों, आज्ञाओं, और नियमों को माना करूँगा, और तेरी सुना करूँगा। | [144, 356, 72, 60, 16, 358, 106, 360, 10, 170, 6, 172, 10, 12, 10, 362, 10, 178, 176, 10, 136, 222, 364] |
source: “लेवीय गोत्र की गिनती इस्राएलियों के संग न करना; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: यहोशापात ने इस्राएल के राजा से मेल किया। target: [24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38] source: दाऊद के पुत्र इस्राएल के राजा सुलैमान के नीतिवचन: target: [40, 42, 44, 46, 30, 48] source: और उन पापों के कारण जो यारोब... | और शैतान* ने इस्राएल के विरुद्ध उठकर, दाऊद को उकसाया कि इस्राएलियों की गिनती ले। | [286, 76, 164, 32, 288, 12, 94, 290, 292, 154, 294, 296] |
source: तब उस बछड़े को यहोवा के सम्मुख मिलापवाले तम्बू के द्वार पर बलिदान करना, target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20] source: तब वह उस बछड़े को यहोवा के सामने बलि करे; और हारून के पुत्र जो याजक हैं वे लहू को समीप ले जाकर उस वेदी की चारों ओर छिड़के जो मिलापवाले तम्बू के द्वार पर है। target: [22, 24, 8, 26, 28, 30, 1... | वह उस बछड़े को मिलापवाले तम्बू के द्वार पर यहोवा के आगे ले जाकर उसके सिर पर हाथ रखे, और उस बछड़े को यहोवा के सामने बलि करे। | [24, 26, 28, 8, 10, 12, 308, 98, 72, 24, 182, 76, 184, 56, 8, 186, 18, 82] |
source: तब चेलों ने आपस में कहा, “क्या कोई उसके लिये कुछ खाने को लाया है?” target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26] source: तो क्या तुम ने आपस में भेद भाव न किया और कुविचार से न्याय करनेवाले न ठहरे? target: [28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: अब आ, मैं और तू दोनों आपस में वाचा बाँधें, ... | करुणा और सच्चाई आपस में मिल गई हैं; धर्म और मेल ने आपस में चुम्बन किया हैं। | [300, 56, 302, 186, 304, 306, 308, 38, 310, 312, 314, 316, 318, 196] |
source: और अपने छोटे भाई को मेरे पास ले आओ; इस प्रकार तुम्हारी बातें सच्ची ठहरेंगी, और तुम मार डाले न जाओगे।” तब उन्होंने वैसा ही किया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 20, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: अतः इसी रीति से तुम परखे जाओगे, फ़िरौन के जीवन की शपथ, जब तक तुम्हारा ... | इसलिए अपने में से एक को भेज दो कि वह तुम्हारे भाई को ले आए, और तुम लोग बन्दी रहोगे; इस प्रकार तुम्हारी बातें परखी जाएँगी कि तुम में सच्चाई है कि नहीं। यदि सच्चे न ठहरे तब तो फ़िरौन के जीवन की शपथ तुम निश्चय ही भेदिये समझे जाओगे।” | [34, 4, 176, 150, 10, 340, 114, 128, 174, 8, 10, 16, 342, 344, 34, 78, 346, 348, 350, 352, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 114, 174, 250, 220, 178, 344, 306, 80, 20, 62, 64, 66, 64, 68, 34, 354, 356, 358] |
source: तब लोगों ने उससे वही बातें कहीं, अर्थात् यह, कि जो कोई उसे मारेगा उससे ऐसा-ऐसा किया जाएगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: और रोनेवाले ऐसे हों, मानो रोते नहीं; और आनन्द करनेवाले ऐसे हों, मानो आनन्द नहीं करते; और मोल लेनेवाले ऐसे हों, कि मानो उनके पास कुछ है नहीं। target: [3... | उसने उससे कहा, “ऐसी बात नहीं है; तू मारा न जाएगा। सुन, मेरा पिता मुझ को बिना बताए न तो कोई बड़ा काम करता है और न कोई छोटा; फिर वह ऐसी बात को मुझसे क्यों छिपाएगा? ऐसी कोई बात नहीं है।” | [410, 412, 20, 414, 88, 416, 418, 60, 420, 422, 60, 70, 424, 74, 426, 428, 430, 432, 86, 390, 88, 434, 60, 70, 424, 146, 88, 436, 438, 146, 84, 440] |
source: तब उसने खेत के मध्य में खड़े होकर उसे बचाया, और पलिश्तियों को मार लिया; और यहोवा ने बड़ी विजय दिलाई। target: [4, 6, 8, 10, 12, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 14, 30, 32, 34, 36, 22] source: दाऊद तो समस्त इस्राएल पर राज्य करता था, और दाऊद अपनी समस्त प्रजा के साथ न्याय और धर्म के काम करता था। target: [38, 40... | उसने अपने प्राण पर खेलकर उस पलिश्ती को मार डाला, और यहोवा ने समस्त इस्राएलियों की बड़ी जय कराई। इसे देखकर तू आनन्दित हुआ था; और तू दाऊद को अकारण मारकर निर्दोष के खून का पापी क्यों बने?” | [310, 24, 312, 314, 316, 318, 14, 320, 322, 28, 22, 30, 40, 324, 326, 32, 34, 328, 22, 330, 320, 332, 14, 334, 336, 22, 330, 292, 338, 340, 342, 344, 346, 348, 126, 350] |
source: इस कारण उस समय ज्यों ही सब जाति के लोगों को नरसिंगे, बाँसुरी, वीणा, सारंगी, सितार शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुन पड़ा, त्यों ही देश-देश और जाति-जाति के लोगों और भिन्न-भिन्न भाषा बोलनेवालों ने गिरकर उस सोने की मूरत को जो नबूकदनेस्सर राजा ने खड़ी कराई थी, दण्डवत् की। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18... | हे राजा, तूने तो यह आज्ञा दी है कि जो मनुष्य नरसिंगे, बाँसुरी, वीणा, सारंगी, सितार, शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुने, वह गिरकर उस सोने की मूरत को दण्डवत् करे; | [206, 294, 296, 298, 300, 62, 302, 186, 18, 20, 22, 24, 26, 24, 28, 24, 30, 24, 32, 24, 70, 24, 12, 34, 36, 304, 74, 306, 48, 50, 24, 78, 54, 56, 58, 308] |
source: आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। (इब्रा. 1:10, इब्रा. 11:3) target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16] source: क्योंकि तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुमको यहाँ तक बढ़ाया है कि तुम गिनती में आज आकाश के तारों के समान हो गए हो। (इब्रा. 11:12) target: [18, 20, 22, 24, 12, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 4, 38] source... | परमेश्वर ने मेरी बड़ी ताड़ना तो की है परन्तु मुझे मृत्यु के वश में नहीं किया। (2 कुरि. 6:9, इब्रा. 12:10-11) | [272, 122, 274, 116, 276, 150, 278, 44, 280] |
source: परमेश्वर के वचनों का सुननेवाला, और परमप्रधान के ज्ञान का जाननेवाला, जो दण्डवत् में पड़ा हुआ खुली हुई आँखों से सर्वशक्तिमान का दर्शन पाता है, उसी की यह वाणी है: target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 16, 24, 26, 22, 8, 28, 30, 32, 34, 36] source: और याकूब ने यूसुफ से कहा, “सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने कनान ... | परमेश्वर के वचनों का सुननेवाला, जो दण्डवत् में पड़ा हुआ खुली हुई आँखों से सर्वशक्तिमान का दर्शन पाता है, उसी की यह वाणी है कि | [8, 160, 346, 348, 144, 350, 8, 24, 200, 352, 8, 354, 28, 30, 32, 356, 358] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 12, 32, 14, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48, 50] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे य... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [252, 254, 256, 258, 260, 44, 262, 264, 266, 268] |
source: फिर अराब, दूमा, एशान, target: [4, 6, 8] source: तब वहाँ से अर्थात् सोरा और एश्ताओल से दानियों के कुल के छः सौ पुरुषों ने युद्ध के हथियार बाँधकर प्रस्थान किया। target: [10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 20, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: और किर्यत्यारीम के कुल अर्थात् येतेरी, पूती, शूमाती और मिश्राई और इनसे सोरा... | नीचे के देश में ये हैं अर्थात् एश्ताओल, सोरा, अश्ना, | [20, 320, 322, 76, 74, 324] |
source: जो इन छोटों में से किसी एक को ठोकर खिलाता है, उसके लिये यह भला होता कि चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह समुद्र में डाल दिया जाता। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: “पर जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं एक को ठोकर खिलाएँ, उसके लिये भला ह... | “जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं, किसी को ठोकर खिलाएँ तो उसके लिये भला यह है कि एक बड़ी चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाए और वह समुद्र में डाल दिया जाए। | [38, 26, 40, 42, 44, 46, 12, 48, 50, 32, 34, 52, 4, 6, 54, 56, 12, 14, 16, 18, 20, 344] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 6, 32, 34, 36, 12, 14, 38, 40, 22, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 56] source: उद्धार यहोवा ही की ओर स... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [282, 156, 60, 208, 284, 286, 94, 288, 290, 292] |
source: अपने दास इस्राएलियों के भाग होने के लिये दे दिया, उसकी करुणा सदा की है। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20] source: और लोहे की टाँकी और सीसे से वे सदा के लिये चट्टान पर खोदी जातीं। target: [22, 4, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 8, 36, 28, 38, 40] source: फिर तुम इस विधि को अपने और अपने वंश के लिये सदा की विधि जा... | और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्न करके, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ, | [212, 118, 214, 216, 218, 68, 220, 222, 224, 68, 226, 228] |
source: जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो; target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22] source: वैसे ही विश्वास भी, यदि कर्म सहित न हो तो अपने स्वभाव में मरा हुआ है। target: [24, 26, 28, 12, 30, 32, 34, 10, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 48] source: क्योंकि मेरे पास ऐसे स्वभाव का और कोई नहीं, जो शुद्ध... | क्योंकि यदि तू उस जैतून से, जो स्वभाव से जंगली है, काटा गया और स्वभाव के विरुद्ध* अच्छी जैतून में साटा गया, तो ये जो स्वाभाविक डालियाँ हैं, अपने ही जैतून में साटे क्यों न जाएँगे। | [50, 272, 362, 160, 364, 54, 366, 114, 368, 370, 12, 222, 42, 372, 374, 100, 8, 54, 202, 376, 378, 54, 366, 42, 380, 382, 370, 36, 136, 12, 384, 386, 150, 38, 128, 364, 54, 366, 42, 388, 390, 280, 380, 34, 392, 394] |
source: “हाय खुराजीन! हाय बैतसैदा! जो सामर्थ्य के काम तुम में किए गए, यदि वे सोर और सीदोन में किए जाते, तो टाट ओढ़कर और राख में बैठकर वे कब के मन फिराते। target: [4, 6, 4, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 20, 22, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 32, 48, 20, 50, 46, 52, 54, 56, 58, 60] source: यदि स्त्री ओढ... | “हाय खुराजीन! हाय बैतसैदा! जो सामर्थ्य के काम तुम में किए गए, यदि वे सोर और सीदोन में किए जाते, तो टाट ओढ़कर और राख में बैठकर वे कब के मन फिराते। | [4, 6, 4, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 20, 22, 36, 38, 40, 42, 44, 46, 32, 48, 20, 50, 46, 52, 54, 56, 58, 60] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: “यहोवा तुझे आशीष दे और तेरी रक्षा करे: target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18] source: वह सीधे लोगों के लिये खरी बुद्धि रख छोड़ता है; जो खराई से चलते हैं, उनके लिये वह ढाल ठहरता है। target: [20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 22, 24, 46, 32] source: पर विश्वास के भेद को शुद्ध विवेक से सुरक्षित रख... | खराई और सिधाई मुझे सुरक्षित रखे, क्योंकि मुझे तेरी ही आशा है। | [36, 12, 276, 278, 280, 282, 284, 134, 70, 6, 286, 288, 290] |
source: यहूदा के गोत्र में से यपुन्ने का पुत्र कालेब; target: [4, 6, 8, 10, 12] source: परन्तु देश के भेद लेनेवाले पुरुषों में से नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालेब दोनों जीवित रहे। target: [8, 10, 14, 16, 18, 10, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42, 44, 46] source: येतेर के पुत्र: यपुन्ने, पिस्... | और इन पुरुषों के नाम ये हैं यहूदागोत्री यपुन्ने का पुत्र कालेब, | [42, 346, 348, 24, 294, 350, 352, 8, 10, 12] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: चेले यह सुनकर मुँह के बल गिर गए और अत्यन्त डर गए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 16, 26, 28, 30] source: पलिश्तियों की सेना को देखकर शाऊल डर गया, और उसका मन अत्यन्त भयभीत हो काँप उठा। target: [32, 34, 36, 38, 14, 40, 42, 44, 46, 48, 26, 50, 52] source: इसलिए मोआब यह जानकर, कि इस्राएली बहुत है... | उस पलिश्ती की इन बातों को सुनकर शाऊल और समस्त इस्राएलियों का मन कच्चा हो गया, और वे अत्यन्त डर गए। | [352, 32, 44, 86, 354, 124, 34, 214, 216, 356, 14, 16, 50, 358, 26, 332] |
source: और दीवट की बनावट ऐसी थी, अर्थात् यह पाए से लेकर फूलों तक गढ़े हुए सोने का बनाया गया था; जो नमूना यहोवा ने मूसा को दिखलाया था उसी के अनुसार उसने दीवट को बनाया। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 10, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 42] source: तब याकूब ने चिनार, और बादाम, और अर्मोन वृक्षों की हरी-ह... | देख, तेरे लोग जो तेरे बीच में हैं, वे स्त्रियाँ बन गये हैं। तेरे देश में प्रवेश करने के मार्ग तेरे शत्रुओं के लिये बिलकुल खुले पड़े हैं; और रुकावट की छड़ें आग का कौर हो गई हैं। | [394, 396, 398, 400, 136, 402, 404, 406, 352, 408, 410, 412, 414, 416, 418, 420, 422] |
source: हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह! target: [4, 6, 8, 10, 6, 12, 14, 8, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 4, 30, 32, 22, 24, 26, 34] source: हे समस्त पृथ्वी के लोगों यहोवा का गीत गाओ। प्रतिदिन उसके किए हुए उद्धार का शुभ समाचार सुनाते रहो। target: [4, 3... | यहोवा के लिये गाओ, उसके नाम को धन्य कहो; दिन प्रतिदिन उसके किए हुए उद्धार का शुभसमाचार सुनाते रहो। | [22, 40, 42, 6, 8, 164, 24, 26, 148, 6, 12, 46, 48, 50, 52, 324] |
source: और ये नीचे से दो-दो भाग के हों और दोनों भाग ऊपर के सिरे तक एक-एक कड़े में मिलाये जाएँ; दोनों तख्तों का यही रूप हो; ये तो दोनों कोनों के लिये हों। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32] source: एक-एक तख्ते में एक दूसरी से जोड़ी हुई दो-दो चूलें बनीं, निवास के सब तख्तों के लिये उसने इसी ... | और वे नीचे से दो-दो भाग के बने, और दोनों भाग ऊपर के सिरे तक एक-एक कड़े में मिलाये गए; उसने उन दोनों तख्तों का आकार ऐसा ही बनाया। | [218, 6, 300, 48, 48, 302, 62, 26, 304, 306, 92, 308, 34, 310, 312, 26, 28, 34, 58, 6, 60] |
source: फिर उसने आँगन को मापकर उसे चौकोर अर्थात् सौ हाथ लम्बा और सौ हाथ चौड़ा पाया; और भवन के सामने वेदी थी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 18, 20, 22, 28, 30, 32, 34, 26, 36, 38, 40, 42, 14] source: फिर उसने फाटक के द्वार की चौड़ाई मापकर दस हाथ की पाई; और फाटक की लम्बाई मापकर तेरह हाथ की पाई। ta... | तब उसने भवन की लम्बाई मापकर सौ हाथ की पाई; और दीवारों समेत आँगन की भी लम्बाई मापकर सौ हाथ की पाई। | [4, 46, 48, 110, 10, 12, 14, 230, 58, 18, 20, 22, 42, 14, 232, 116, 234, 68, 26, 236, 196, 18, 20, 22, 24, 42, 14] |
source: “इसलिए यहोवा अश्शूर के राजा के विषय में यह कहता है कि वह इस नगर में प्रवेश करने, वरन् इस पर एक तीर भी मारने न पाएगा, और न वह ढाल लेकर इसके सामने आने, या इसके विरुद्ध दमदमा बनाने पाएगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 16, 26, 14, 28, 30, 24, 32, 34, 14, 36, 38, 40, 16, 42, 44, 46, 48, 14, 50, 5... | “इसलिए यहोवा अश्शूर के राजा के विषय यह कहता है कि वह इस नगर में प्रवेश करने, वरन् इस पर एक तीर भी मारने न पाएगा; और न वह ढाल लेकर इसके सामने आने या इसके विरुद्ध दमदमा बाँधने पाएगा। | [196, 456, 458, 8, 372, 460, 14, 16, 106, 90, 112, 462, 36, 464, 28, 466, 112, 14, 16, 468, 470, 90, 24, 462, 472, 474, 476, 478, 480, 40] |
source: हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूँ तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं संकट में पड़ा तब तूने मुझे सहारा दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 24, 34, 36, 20, 38, 40] source: उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है*; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्र... | डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। (फिलि. 2:12) | [24, 216, 104, 218, 24, 220, 222, 224] |
source: हे सेनाओं के यहोवा, तेरे निवास क्या ही प्रिय हैं! target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20] source: फिर यहोवा ने मुझे चार लोहार दिखाए। target: [22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: मैं यहोवा की दुहाई देता, मैं यहोवा से गिड़गिड़ाता हूँ, target: [38, 40, 42, 44, 46, 48, 50, 52, 54, 36, 38, 40, 42, 56, 58, 46, ... | रूबेन, शिमोन, लेवी, यहूदा, | [264, 266, 268, 64, 270] |
source: क्योंकि हमारा ज्ञान अधूरा है, और हमारी भविष्यद्वाणी अधूरी। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 10, 16, 18] source: और यदि तू हमारे संग चले, तो निश्चय जो भलाई यहोवा हम से करेगा उसी के अनुसार हम भी तुझसे वैसा ही करेंगे।” target: [20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 6, 36, 38, 40, 14, 42, 44] source: क्या तू उसका अधिकारी न ... | यदि वह मुझसे लड़कर मुझे मार सके, तब तो हम तुम्हारे अधीन हो जाएँगे; परन्तु यदि मैं उस पर प्रबल होकर मारूँ, तो तुम को हमारे अधीन होकर हमारी सेवा करनी पड़ेगी।” | [22, 402, 404, 338, 406, 408, 410, 412, 28, 14, 414, 416, 418, 420, 22, 422, 202, 410, 412, 28, 310, 6, 424, 426, 428, 430, 432] |
source: और उसको सामरिया से होकर जाना अवश्य था। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18] source: यीशु ने उससे कहा, “तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात् परमेश्वर। target: [20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 30, 42, 18] source: यीशु ने उससे कहा, “तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं,... | परन्तु एक बात अवश्य है, और उस उत्तम भाग को मरियम ने चुन लिया है: जो उससे छीना न जाएगा।” | [4, 298, 170, 300, 302, 304, 18, 284, 306, 30, 300, 308, 310, 312, 300, 314, 316, 176] |
source: तब उन्होंने उसको, और उसके पुत्रों और सारी प्रजा को यहाँ तक मारा कि उसका कोई भी न बचा; और वे उसके देश के अधिकारी को गए। target: [4, 6, 8, 10, 12, 10, 14, 16, 18, 10, 20, 22, 24, 26, 28, 30] source: और यूसुफ के घर के सब लोग, और उसके भाई, और उसके पिता के घर के सब लोग भी संग गए; पर वे अपने बाल-बच्चों, और भेड़-बकरिय... | तो भी लोग उसको बँधुवाई में ले गए, और उसके नन्हें बच्चे सड़कों के सिरे पर पटक दिए गए; और उसके प्रतिष्ठित पुरुषों के लिये उन्होंने चिट्ठी डाली, और उसके सब रईस बेड़ियों से जकड़े गए। | [290, 142, 100, 292, 294, 10, 296, 298, 300, 302, 304, 306, 308, 14, 310, 306, 312, 314, 316, 10, 14, 318, 182, 320, 10, 322, 324] |
source: हे सेनाओं के परमेश्वर, हमको ज्यों के त्यों कर दे; और अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका, तब हमारा उद्धार हो जाएगा। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] source: हे परमेश्वर, हमको ज्यों के त्यों कर दे; और अपने मुख का प्रकाश चमका, तब हमारा उद्धार हो जाएगा! target: [4, 10, 12, 14, ... | हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, हमको ज्यों का त्यों कर दे! और अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका, तब हमारा उद्धार हो जाएगा! | [4, 142, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 20, 22, 24, 26, 28, 30, 32, 34, 36] |
source: यदि मैं आप ही अपनी गवाही दूँ; तो मेरी गवाही सच्ची नहीं। target: [4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 12, 20, 22, 24] source: फरीसियों ने उससे कहा; “तू अपनी गवाही आप देता है; तेरी गवाही ठीक नहीं।” target: [26, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 40, 8, 42, 10, 44, 46, 48, 50, 16, 52, 40, 54, 56, 58, 44, 48, 60, 44, 62, 64, 66, 68,... | जिसने अपने आप को सबके छुटकारे के दाम में दे दिया; ताकि उसकी गवाही ठीक समयों पर दी जाए। | [114, 30, 8, 42, 34, 132, 68, 306, 96, 308, 310, 96, 312, 108, 72, 170, 12, 8, 314, 316, 318] |
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